अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया. इसपर देर रात वोटिंग हुई, जिसमें इसे पास कर दिया गया. लोकसभा में इस विधेयक को पारित कराने के लिए एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां एकजुट दिखीं, वहीं INDIA ब्लॉक इसके विरोध में रहा. अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा.. इस विधेयक से जुड़े तमाम अपडेट के लिए इस पेज से जुड़े रहें:-
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में मणिपुर के हालात पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मणिपुर पिछले 21 महीनों से जल रहा है. हम लंबे समय से सरकार से उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन सरकार ने हमारी नहीं सुनी. अब राष्ट्रपति शासन लगाया है. ये जरूरी था लेकिन ये काफी नहीं है.
लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हो गया है. इसके पक्ष में 288 वोट पड़े हैं जबकि इसके विपक्ष में 232 वोट पड़े हैं. ऐसे में लोकसभा से वक्फ संशोधन बिल पास हो गया है.
लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हो गया है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी लोकसभा में मौजूद नहीं हैं. वक्फ संशोधन बिल पर वोटिंग होनी है. प्रियंका गांधी वोटिंग के लिए मौजूद नहीं हैं. बिल पर बस थोड़ी ही देर में वोटिंग होने वाली है.
लोकसभा में सांसदों द्वारा लाए गए संशोधनों पर वोटिंग जारी है.
लोकसभा की चर्चा के आखिर में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू बोले. उन्होंने कहा कि विपक्ष वक्फ बिल को असंवैधानिक बता रहा है, लेकिन असंवैधानिक क्यों है इसके पीछे तर्क नहीं दे पा रहे. इसलिए मैंने उम्मीद छोड़ दी है कि वो लोग समझेंगे. रिजिजू ने आगे कहा कि बहुत कुछ तर्कहीन बातें कही गई हैं. किरेन रिजिजू ने कहा कि घड़ी में 12 बजे से ज्यादा का वक्त हो चुका है. साथ ही विपक्ष के 12 बज गए हैं. उन्होंने कहा कि ये मुस्लिम या इस्लाम विरोधी नहीं.
ओवैसी के बाद वक्फ बिल पर बनी JPC के चीफ और सांसद जगदंबिका पाल ने चर्चा में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि विचार विमर्श के बाद ये बिल लाया गया. उन्होंने ये भी कहा कि ओवैसी ने वक्फ बिल फाड़कर असंवैधानिक काम किया.
असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में वक्फ बिल का विरोध किया. वह बोले कि ये अनुच्छेद 25, 26 का उल्लंघन है. उन्होंने आगे कहा कि वक्फ बिल मुस्लिमों के साथ अन्याय है. बिल पर चर्चा में बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इसका मकसद मुसलमानों को जलील करना है. इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं. ओवैसी ने कहा, 'अगर आप इतिहास पढ़ेंगे तो महात्मा गांधी के सामने अफ्रीका में जब एक ऐसा कानून लाया गया तो उन्होंने कहा कि मैं इसे नहीं मानता. उन्होंने उस कानून को फाड़ दिया तो मैं गांधी की तरह इस कानून को फाड़ता हूं. ये असंवैधानिक है.
आजाद समाज पार्टी के सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर ने वक्फ संशोधन विधेयक को संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि इस संशोधन से मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय और संविधान की मूल भावना का उल्लंघन होगा. ऐतिहासिक मस्जिदों को सरकारी संपत्ति घोषित करने से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है. इतने सांसद बैठे हैं, पूछे के देखिए कि जिलाधिकारी कितनी सुनता है. धार्मिक स्वतंत्रता हनन होगा. अंतर धार्मिक सौहार्द प्रभावित होगा. धार्मिक विषयों को दरकिनार कर संशोधन करना. स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा कि धन्यवाद वकील साहब, सारी धाराएं पढ़ जाओगे आप तो. इस पर एडवोकेट चंद्रशेखर ने कहा कि सर पूरा तो हो जाने दो.
केरल कांग्रेस ने वक्फ बिल का समर्थन किया है. लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान बिल का समर्थन करते हुए केरल कांग्रेस के सांसद एडवोकेट के फ्रांसिस जॉर्ज ने संशोधन के लिए कुछ सुझाव भी दिए.
लद्दाख के निर्दलीय सांसद मोहम्मद हनीफा ने वक्प बिल का विरोध करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड मुस्लिम आजादी का एक मजहबी हिस्सा है. अगर गैर मुस्लिम को वक्फ बोर्ड में शामिल किया गया तो ये मजहबी अधिकार का उल्लंघन होगा. ये सरकार इसमें सुधार की जगह इसे खतम करना चाहती है.
इंजीनियर राशिद ने कहा कि वक्फ बिल ये पारित करा ही लेंगे, नंबर इनके पास है. इस बिल के विरोध में खड़ा हुआ हूं. बीजेपी खुलकर मुसलमानों को अपनी औकात याद दिलाती है, ये सच्चाई है. कांग्रेस सेक्यूलरिज्म की चाशनी में खंजर डुबोकर पीठ के पीछे घोंपती है, ये भी सच्चाई है. बाबरी मस्जिद का ताला तो राजीव गांधी ने खोला, इमारत इन्होंने बनाया. 370 को खोखला कांग्रेस ने ही किया, इन्होंने कश्मीर में इसी के नाम पर वोट मांगे. कुछ नहीं हुआ. उमर साहब तो सरकार चला रहे हैं. आपने उनके हाथ में खिलौना दिया, उन्होंने खुद कहा कि म्यूनिसिपैलिटी के सीएम हैं. स्टेटहुड तो दे दीजिए. पूरे देश के मुसलमानों से कहना है कि इस देश पर मुसलमानों का भी उतना ही अधिकार है. ये नंबरगेम है. बीच में आप मारे जा रहे हो. 80-20 का मामला है. आप मेहरबानी करके इंस नंबरगेम में मत पड़ो. ये लोग आपको तलवार चलाके जख्मी करते हैं, वोट मिलता है. ये लोग थोड़ा मरहम लगाकर वोट लेते हैं. आपका पीएम बनेगा तब भी तकदीर नहीं बदलने वाली. हमने कितने अस्पताल, स्कूल बनाए वक्फ से, इस पर हमें भी सोचने की जरूरत है. हम मुसलमानों के हमदर्द हैं तो बड़े-बड़े अस्पताल यूनिवर्सिटी बनाएं.
नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि आज चर्चा की जरूरत है बेरोजगारी पर. इस पर चुटकी लेते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप बैठिए, वक्फ बिल पर चर्चा नहीं करना चाहते आप. बेनीवाल ने कहा कि सुबह से बैठे हैं साहब, कोरम आपका हम ही पूरा करते हैं छोटी पार्टियों के नेता. कम से कम पांच मिनट समय मिलना चाहिए. इस बिल से परमानेंट कुछ नहीं होने वाला. अन्य विषयों पर ध्यान दें. क्या ये समाधान उन आरोपों के खिलाफ है या कोई राजनीतिक एजेंडा है. देश का आम मुस्लिम इसका विरोध क्यों कर रहा है. ये बिल धार्मिक मामलों में दखल तो नहीं देगा. शुक्रिया कि आपने बुलवा दिया नहीं तो बाहर जाकर यही सुनना पड़ता कि आप सदन में क्या कर रहे थे. इस वक्फ विधेयक से सरकार की नीतियों में बदलाव आए लेकिन 70 साल में मुसलमानों के जीवन में कोई सुधार नहीं हुआ. हम इस बिल के खिलाफ हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी भी विचार करती तो बहुत फायदा होता नौकरियों में. वक्फ संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित करने की साजिश तो नहीं है. ये बहुत बड़ा मुद्दा है. इस बिल को लाने के पीछे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि आपकी नीतियां बड़े उद्योगपतियों के हित में रही हैं. राजस्थान में जो वक्फ की संपत्तियां हैं, उनके बारे में लोगों को पता ही नहीं. राजस्थान के 11 में से कांग्रेस पार्टी एक को तो बोलने का मौका देती. सारी लड़ाई मुझे ही लड़नी पड़ रही है.
यूपी के संभल से सपा सांसद जियाउर रहमान ने वक्फ बिल का विरो रते हुए कहा कि इस देश की न्यायपालिका के पास पहले से ही क्या मुकदमों की कमी है जो आप इस बिल के माध्यम से नए विवादों को जन्म देना चाहते हैं. इस बिल को वापस लेना चाहिए. ये विधेयक नौकरशाहों की ज्यादती को बढ़ावा दे सकता है. मुस्लिम समुदाय में विश्वास कम हो सकता है. दूसरे समुदाय के लोगों को वक्फ बोर्ड में रखने का क्या मतलब बनता है. दूसरे मजहब की संस्थाओं में भी क्या आप मुस्लिमों को रखने का काम करेंगे. आप नफरत को बढ़ावा देने का काम क्यों कर रहे हैं.
लोकसभा की कार्यवाही का समय फिर बढ़ा दिया गया है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही का समय 11.30 बजे तक बढ़ाने की बात कही. फिर सदस्यों की ओर कुछ कहा गया. इसके बाद स्पीकर ने बिल के पारित होने तक सदन की कार्यवाही का समय बढ़ाने की घोषणा कर दी.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने वक्फ बिल का समर्थन करते हुए कहा कि एक मुजफ्फर रिजवी जी ने शायरी लिखी, लम्हों ने खता की है सदियों ने सजा पाई. क्या सजा है, ये पूरी दुनिया के जानने का सवाल है कि हिंदू वक्फ बोर्ड में क्यों आया. पहला वक्फ मोहम्मद साहब को जिसने किया, वो यहूदी था. उसने अपने सात बगीचे मदीना में मोहम्मद साहब को गिफ्ट किया. पहला वक्फ यदि मुसलमानों ने नहीं किया तो मोहम्मद साहब के सिद्धांत के खिलाफ जाकर हिंदुओं को कैसे रोक सकते हो. एमपी वक्फ बोर्ड बनाम शुभम साह का ऑर्डर लेकर आया हूं. हिंदू दान दे, बहुत अच्छा लेकिन वक्फ बोर्ड में मुसलमान छोड़कर दूसरा कैसे हो गया. वक्फ की संपत्ति राजा-महाराजा ने दी तो हिंदुओं को क्यों सदस्य नहीं बनाओगे. आज देश में फैसला हो जाना चाहिए. यहां गोरी आए, गजनी आए, बाबर आए. तीनों लूटेरे के तौर पर आए. आप मानते हो कि नहीं. यदि मानते हो तो हिंदुस्तान में पहला वक्फ गोरी ने की. हिंदुओं की संपत्ति को लूटा और उसी में से दो गांव वक्फ को दे दिए. आप इतिहास के पन्नों से नहीं लड़ सकते हो. इस देश में वक्फ एक्ट आया कैसे. ये जिन्ना को पाकिस्तान बनाने का जिम्मेदार मानते हैं कि नहीं, ये पूछ लीजिए. 1910 में कांग्रेस ने मुंबई से मुस्लिम की रिजर्व सीट से जिन्ना को सांसद बनाया. उन्होंने 1911 में मुसलमान वक्फ बोर्ड बनाया. जिस आदमी ने पाकिस्तान बनाया और आज फिर ये वक्फ के नाम पर देश का बंटवारा करना चाहते हैं. यहां एक सदस्य बताए कि किसी का प्राइवेट मेंबर बिल पास हुआ है. मेरा रेजोल्यूशन पास हुआ है, वो इसलिए पास हुआ है क्योंकि बीजेपी की विचारधारा थी और सरकार उसे पास कराना चाहती थी इसलिए पास हुआ. ये बिल काजमी साहब लेकर आए और इसके बाद सलेक्ट कमेटी बनी. दो लोगों ने डिसेंट नोट दिए और इसे संविधान विरोधी बताया. क्या आप गैर सरकारी बिल को सरकारी बिल बनाकर मुसलमानों के तुष्टिकरण की राजनीति करोगे. पूरी दुनिया में हमसे ज्यादा मुसलमान इंडोनेशिया, टर्की, सऊदी में हैं. इस संविधान में अमेरिका सेक्यूलर है या नहीं, अंग्रेज सेक्यूलर थे कि नहीं थे. आपको सब जगह गीता का श्लोक दिखाई देगा. अमेरिका का राष्ट्रपति यदि शपथ लेगा तो वो बाइबिल पर लेगा, मुस्लिम देशों के राष्ट्रप्रमुख शपथ लेंगे तो कुरान पर लेंगे. आपने ये कैसा बना दिया कि शपथ संविधान पर लेंगे, गीता पर नहीं लेंगे. और मुसलमानों को वक्फ दे दिया. क्या आप पूरे देश को इस्लामिक बनाना चाहते हो. 1947 में जब पंडित नेहरू ने शपथ लिया था प्रधानमंत्री का, तब गीता पर हाथ रखकर शपथ लिया था. क्या आप उनको सेक्यूलर मानते हो कि नहीं मानते हो. ये जो वक्फ है, मेरे यहां 12 ज्योतिर्लिंग का एक ज्योतिर्लिंग है. वहां हमारे पहले के सांसद मुसलमान थे, वो ट्रस्टी थे. एक मुसलमान उस ट्रस्ट का सचिव है. जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ, तो जो यहां से पाकिस्तान गए या पाकिस्तान के लोग यहां आए उसमें जमीन का भी आदान प्रदान हुआ. जो पाकिस्तानी यहां से गए, वह प्रॉपर्टी इवैक्यू प्रॉपर्टी एक्ट में भारत सरकार की हो गई. पाकिस्तान जाने के बाद लोगों ने वक्फ घोषित कर दिया. ये गैर कानूनी है. आईटीसी विंडसर बेंगलुरु वक्फ की प्रॉपर्टी है. वहां सुअर लोग खाते हैं, किस वक्फ की बात करते हो. यहां ताज भारत सरकार को डेढ़ सौ करोड़ देता है. तेलंगाना में, हैदराबाद में नगर निगम 20 साल तक टेंडर फाइनल नहीं हुआ क्योंकि राजा की संपत्ति को वक्फ ने ले लिया. हैदराबाद शहर में 1500 एकड़ जमीन वक्फ ने जबरदस्ती ले ली है. आप वक्फ के नाम पर नफरत फैलाने का काम करते हो. आपने मुसलमान वोटबैंक की पॉलिटिक्स में आपने ऐसा माहौल बना दिए हो. हिंदुओं से आपका कोई लेना-देना नहीं है. हम आपको अलग देश नहीं बनाने देंगे, आपको एएसआई की संपत्ति नहीं लेने देंगे.
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए कहा कि मंत्री जी सबसे पहले आप बौद्ध धर्म की परिकल्पना समझ लीजिए. इस्लाम से पहले बौद्ध धर्म आया. क्यों आया. मानवता और इंसानियत को बचाने के लिए गुरु गोविंद सिंह जी ने कुर्बानी दी थी, हिंदू को बचाने के लिए नहीं. ये लोग मंडल के खिलाफ कमंडल लाए थे और लगभग 13 हजार ओबीसी का कत्ल हुआ था. किसी दल का विरोध करने नहीं आया हूं. वक्फ बिल के खिलाफ जो बिल लाया, आप कहते हैं उसे सुरक्षित करने और महिलाओं के लिए है. आप महिलाओं के आरक्षण का बिल इसीलिए नहीं लाते हैं क्योंकि आप दलित-पिछड़ी महिलाओं को आरक्षण देना नहीं चाहते. बिहार में किसी मुसलमान को टिकट देते हैं. एक उम्मीद थी कि मोदी है तो मुमकिन है. क्या हुआ काला धन का, क्या हुआ जाली नोट का. जगदंबिका पाल ने पप्पू यादव की बात पर आपत्ति करते हुए कहा कि चाहता हूं कि इनके खिलाफ कार्रवाई हो.
ओडिशा के पुरी से बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि पूरी दुनिया में मुसलमान सबसे अधिक कहीं सुरक्षित है तो वह देश भारत है. हमने कभी किसी का कुछ छीना नहीं है. जो शरणार्थी बनकर आया है, उसे दिया ही है. इस भारत के ऊपर आप संदेह जता रहे हैं. क्या स्थिति है वक्फ बोर्ड की मुस्लिम देशों में. भारत में वक्फ बोर्ड है और इसकी प्रॉपर्टी को कानून सुरक्षा दिया गया है. इसके बावजूद हंगामा क्यों बरपा है. क्या गुनाह है हमारा. हम चाहते हैं कि आगाखानी का साथ, महिलाओं का साथ. क्या ये गलती है. अगर मोदीजी महिला को सुरक्षा दे रहे हैं तो किसी को क्या दिक्कत हो सकती है. वक्फ का मतलब दान होता है. हिंदू, ईसाई, सब में दान का महत्व है. दीन जनों को दान करो, ईश्वर मिलेंगे. वही इस्लाम में भी जकात, सदका के नाम से जिक्र किया गया है. वक्फ दान की जमीन परमार्थ के लिए बनाया गया है. आज लोग इस संशोधन को असंवैधानिक बता रहे हैं. किस आधार पर कह रहे हैं. 1995 के बाद 2013 में भी संशोधन हुआ. उससे पहले भी संशोधन हुए हैं. अगर वो सारे संशोधन ठीक थे तो आज ये संशोधन असंवैधानिक कैसे हो सकता है. सच्चर कमेटी ने कहा था कि 2006 में चार लाख से ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी से कमाई को लेकर कमेटी ने कहा था कि सही तरीके से किया गया होता तो 12 हजार करोड़ की आमदनी होती. हमारे समय ये आंकड़ा आठ लाख के पार पहुंचा और आमदनी 25 लाख करोड़ होनी चाहिए थी, लेकिन पैसा 9.92 करोड़ ही कमाई हुई. मुझे लगता है कि तीसरे नंबर की जमीन तो किसी परिवार के बोर्ड के पास है. एक परिवार का बोर्ड है, हो सकता है उसके पास ज्यादा जमीन निकले. जो ये संशोधन हुए हैं, उसमें एक महत्वपूर्ण प्रावधान है कि लंबे समय तक कानूनी मुकदमे नहीं होने चाहिए. अनधिकृत घुसपैठ के केस 39 हजार से ज्यादा हैं जिनमें 31 हजार से ज्यादा पेंडिंग हैं जिसमें से नौ हजार से ज्यादा मुस्लिम पार्टी हैं. इस बिल से संरक्षण मुसलमान को भी मिलेगा. सेक्शन 40 को लेकर बहुत चर्चा हुई. वक्फ बोर्ड को तर्कहीन शक्ति दी गई थी. आज देश में 515 ऐसी प्रॉपर्टी है. उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंशिफ, हमें यकीन था हमारा कसूर जरूर निकलेगा.
पंजाब की बठिंडा लोकसभा सीट से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि सुबह से ये सोच रही हूं कि जिस पार्टी का तीन टर्म से एक मुस्लिम एमपी नहीं है. एक भी मुस्लिम महिला एमपी नहीं है. जो पार्टी मुस्लिम विरोध की राजनीति करती आई है, उनको कौन सा ईद का चांद दिख गया. जुबान पर दुआ है लेकिन दिल तो इनका काला है. सोचते सोचते हमने सोचा तो ये पता चला कि वक्फ की सबसे ज्यादा जमीन 27 फीसदी उत्तर प्रदेश में है. मंत्री जी हरियाणा के यमुनानगर में एक गुरुद्वारा की जमीन दिए जाने की बात कह रहे थे. हम तो कब से मांग कर रहे हैं कि हम सिख हैं, हिंदू नहीं हैं. हमको हमारी सेप्रेट आइडेंटिटी दे दीजिए. लेकर आइए न वो बिल, हम सब सपोर्ट करेंगे. आपकी मंशा केवल मुसलमानों की जमीन पर कब्जा करने, उनके पैसों पर कब्जा करने का है. आप एसजीपीसी में भी यही कर रहे हैं. आप ऐसे काबू नहीं कर पाते तो हर माइनॉरिटी के टुकड़े-टुकड़े. टुकड़े-टुकड़े गैंग तो आप हैं. आप हिंदुओं को डराकर राजनीति करना चाह रहे हैं. इस पर रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि हमारे सारे गुरुओं को शहीद करने वाले मुगल थे जिनका ये सपोर्ट कर रही हैं.
पंजाब के लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि हमारी प्रॉपर्टी हम दान देंगे या नहीं, ये हमें रिजिजू साहब बताएंगे? ये मुसलमान का गला दबा रहे हैं, जमीन हड़पना चाहते हैं. आजादी के पहले तक सारी जमीन सरकार की थी. इनको समझ आ गया कि जब तक हम उसकी सांस नहीं दबाएंगे, वह हमारी बात मानने वाला नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि पंजाब में सिखों ने जमीन देकर कब्रिस्तान बनवाए. पंजाब के किसानों के साथ भी इन्होंने वैसा ही किया. किसानों को एमएसपी पर उलझाए हुए हैं.
जनता दल (सेक्यूलर्) ने लोकसभा में वक्फ बिल का समर्थन किया है. जेडीएस सांसद एम मल्लेश बाबू ने इस बिल का समर्थन किया और कहा कि धार्मिक क्रियाकलापों को लेकर चिंता भी जाहिर की गई. वक्फ प्रॉपर्टी का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
यूपी के गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने वक्फ बिल का विरोध किया और कहा कि मंत्री जी ने बिल प्रस्तुत करते हुए कुछ बिंदुओं पर विशेष बल दिया और इन्हीं पर मेरे सवाल केंद्रित हैं. वक्फ की संपत्तियों को संरक्षित करने के उद्देश्य से इस संशोधन बिल की जरूरत क्यों आ गई. आप वैसे भी उस दिशा में सहयोग कर सकते थे. अलग बिल बनाकर के आपने ये प्रयास किया और मंत्रीजी ने कहा कि पसमांदा तबके के मुसलमान को अधिकार देना चाहते हैं. देश के बहुसंख्यक तबके का रिजर्वेशन ये सरकार खा गई. उत्तर प्रदेश के पिछड़ों का, अल्पसंख्यकों का कितना दर्द है, ये समझ आ रहा है. अजीब सवाल है कि जो सरकार महिला बिल लागू करने के सवाल पर कान में तेल डालकर बैठी हुई है. सदन के मुखिया अपने परिवार का संरक्षण तो कर नहीं सके, उसको तो अधिकार दे नहीं सके, अल्पसंख्यक महिलाओं को अधिकार देने की बात कर रहे हैं. बाहर ये बहस चल रही है, हमसे लोगों ने पूछा कि राष्ट्रीय स्मारकों का तो ये संरक्षण कर नहीं पा रहे हैं. लाल किला को दे दिया गया संरक्षण करने के लिए प्राइवेट को, ये वक्फ की संपत्तियों का संरक्षण करेंगे. मुंबई में एक सबसे बड़ी इमारत जो है, वह बताया गया कि यतीमखाने की जमीन है, यह बिल उस इमारत को बचाने के लिए है. गृह मंत्री ने कहा कि जो कब्रिस्तान की जमीन है, उसको नहीं छेड़ेंगे लेकिन जो रिक्त जमीनें हैं, उनको विवाद रहित करेंगे.
बिहार के काराकाट से सीपीआई (एमएल) के सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि आज अमेरिका के टैरिफ पर चर्चा करनी चाहिए था लेकिन हमलोग मंत्री जी के लाए बिल पर चर्चा कर रहे हैं. ऐसा संदेश दिया जा रहा है कि सारी जमीन खाली कराकर गरीबों को दे दी जाएगी. मंत्री जी कर दें घोषणा इस सदन में कि हम भूमि सुधार लागू करने जा रहे हैं, भूमिहीनों को भूमि देने जा रहे हैं. पोलराइजेशन करने जा रहे हैं. धर्म के नाम पर राजनीति मत करिए. इस बिल का विरोध करता हूं.
कर्नाटक की बेंगलुरु साउथ सीट से बीजेपी के सांसद तेजस्वी यादव ने कहा कि कांग्रेस ने 2013 के संशोधन के माध्यम से एकक ऐसे कानून को लागू किया, जिसमें जज भी आप हैं, वकील भी आप हैं. दुनिया में ऐसा कोई दूसरा कानून नहीं है. किसानों की हजारों एकड़ की जमीन पर वकक्फ ने कब्जा किया हुआ है. कर्नाटक में चार-पांच ऐसे जिले हैं जहां किसानों ने एक कड़ी में आत्महत्या की है. विपक्ष से पूछना चाहता हूं कि वक्फ बोर्ड जैसी बॉडी ईसाई, बौद्ध के लिए क्यों नहीं है. इस वक्फ बिल के माध्यम से हम सेक्शन 40 को समाप्त कर रहे हैं और 2013 के कानून के इस प्रावधान से आजादी दिला रहे हैं. 2013 से पहले वक्फ ट्रिब्यूनल का क्षेत्र सिर्फ मुसलमान पर लागू होता था, संशोधन के बाद ये गैर मुस्लिम पर भी लागू हुआ. जब आप वक्फ के न्यायक्षेत्र में गैर मुस्लिम को ला सकते हैं तो वहां गैर मुस्लिम का प्रतिनिधित्व क्यों नहीं होना चाहिए. उन्होंने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट का भी जिक्र किया और कांग्रेस को घेरा. तेजस्वी सूर्या ने कहा कि आज ओवैसी जी को बताना चाहता हूं कि हिंदू को आपकी एक इंच जमीन की भी जरूरत नहीं है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संविधान में हिंदू एक्ट के तहत ही बौद्ध, जैन और सिख को रखा गया है. तिरुपति देवस्थानम का प्रसाद भी ब्राह्मण ही बनाता है और राजनाथ जी उस समय थे, सुषमा स्वराज ने भी इससे संबंधित 2000 के संशोधन का समर्थन किया था. आप अपने नेतृत्व का विरोध कर रहे हो.
लोकसभा की कार्यवाही का समय फिर से दो घंटे के लिए बढ़ा दिया गया है. सदन की कार्यवाही का समय शाम छह बजे आठ बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया था. रात के आठ बजे आसन से कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कार्यवाही का समय सदन की सहमति से रात 10 बजे तक बढ़ा दिया.
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग-राजौरी से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद मियां अल्ताफ अहमद ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए कहा कि ये असंवैधानिक है. उन्होंने कहा कि ये बिल मुसलमानों के खिलाफ है. इस पर कानून राज्य सरकारों का मसला है. ये बिल एक खास तबके के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि जेपीसी ने जिस तरह से काम किया, सबने देखा है. ये बांटने वाला बिल है. ये मुल्क फूलों का एक गुलदस्ता है. इसमें कुछ फूल अगर खराब हो गए तो फिर वह इज्जत नहीं रहेगी. अगर वक्फ कानून में कुछ खामियां थीं तो पूरा कानून बदलने की जरूरत नहीं थी. कहां लिखा हुआ है जो ये बार-बार बैकवर्ड मुस्लिम कर रहे हैं. मुस्लिम को आप एकजुट रहने दीजिए. इससे आपको कोई फायदा नहीं मिलने वाला है.
बीजेपी सांसद कमलजीत सेहरावत ने कहा कि सेक्शन 40 हटाने के लिए मंत्री जी का धन्यवाद करती हूं. मेरे गांव में पिछले साल कुछ लोग आए और कहा कि ये वक्फ की प्रॉपर्टी है. उस स्थान को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया जहां हम सैकड़ों साल से बाबा की पूजा करते आ रहे थे.
आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर और झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद विजय कुमार हंसदा ने वक्फ बिल का विरोध किया. विजय कुमार हंसदा ने कहा कि लोग किस तरह से दान करें, किस तरह से अपने धार्मिक क्रियाकलाप करें, इस पर भी अब डायरेक्शन दिया जाएगा. जमीन देश की है, ये भी हमको समझ आता है. चीन इतना अंदर घुसे चला आ रहा है, वहां बोलने नहीं जाएंगे. अमेरिका में सीना ठोककर बोलना था, वहां से बेइज्जत होकर चले आए. नेशन फर्स्ट कभी इनका एजेंडा नहीं रहा, फ्रैंड फर्स्ट रहा है. ये वक्फ बिल भी उसी तरफ जा रहा है. मणिपुर की महीनों जो स्थिति रही, कहां महिलाओं और बच्चों को बचाने ये गए. शुगर कोटिंग करने से, महिलाओं बच्चों की सुरक्षा से इनका कोई सरोकार नहीं है. हमें संविधान की ओर से अधिकार मिला है कि हम धर्म करें, कर्म करें. इससे भी अब इनको दिक्कत होने लगी है. इनकी सोच पर उंगली उठाना चाहता हू. लैंड का विषय स्टेट का है. स्टेट का भी सुझाव लिया जाना चाहिए था. जेपीसी की बातों को भी शामिल नहीं किया गया. बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों पर इनकी नजर नहीं गई. जमीन की बात आई तो इनकी नजर जरूर गई. 10 साल में किस पार्टी ने सबसे अधिक जमीन बनाया, सदन और बाहर के लोग भी समझते हैं.
सपा सांसद इकरा हसन ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि आपने दान देने के लिए प्रैक्टिसिंग मुस्लिम का क्लॉज डाल दिया लेकिन बोर्ड में होने के लिए प्रैकक्टिसिंग मुस्लिम होना जरूरी नहीं है. इस सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट में सेक्यूलरिज्म का रस क्यों नहीं घोल दिया. खुद एक मुस्लिम महिला हूं और इस सदन में सिर्फ दो महिलाएं हैं. ये बिल मुसलमान की भलाई का नहीं, मुसलमान को मिटाने का है. ईद के जायके को कड़वा करना, यही असली सौगात-ए-मोदी था. केरल के मलप्पुरम से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर ने भी इस बिल का विरोध किया.
बिहार के किशनगंज से कांग्रेस के सांसद डॉक्टर मोहम्मद जावेद ने कहा कि जेपीसी इस विषय पर क्लॉज बाई क्लॉज चर्चा करने में फेल रही है. इस जेपीसी की 25 बैठकें हुईं जिनमें तीन हजार से ज्यादा लोगों को बुलाया गया. एक व्यक्ति पर देखें तो 10 से 15 सेकंड समय आता है. क्लॉज बाई क्लॉज चर्चा नहीं हुआ. इस बिल को आप समाप्त कर दीजिए और सही नीयत है तो फिर से बिल ड्राफ्ट करिए और नया बिल लेकर आइए. ये सरकार अल्पसंख्यकों को टार्गेट कर रही है. ये मुसलमानों के खिलाफ राजनीति करते हैं. हमारा जो हक है, वह नहीं देते. ये मुसलमान कौम को उसका हक छीनकर डराना चाहते हैं. मेरी दरख्वास्त है कि हिंदुस्तान के लोगों को आप आपस में लड़ाना छोड़ दें. ये बिल संविधान पर हमला है. इसको रोकना हमारा फर्ज है.
अमित शाह ने कहा कि सीएए कानून लेकर आए तो ये कहते थे कि मुसलमान विरोधी है. एक भी मुसलमान की नागरिकता गई हो तो ये बताएं. कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया, आज फिर से उमर अब्दुल्ला शासन कर रहे हैं. इस देश के नागरिक को कोई आंच नहीं आएगी, वो किसी भी धर्म का हो. इनको न पिछड़ों की चिंता है न मुसलमानों की. ये वर्षों से जातिवाद और तुष्टिकरण के आधार पर काम करते आए हैं, परिवार की पॉलिटिक्स को आगे बढ़ाए हैं. 2014 के बाद इन सबको एक साथ समाप्त करके नरेंद्र मोदी ने विकास की राजनीति की शुरुआत की. तीन टर्म मोदी जी की सरकार चुनकर आई है और तीन टर्म मोदी जी की सरकार आने वाली है.
अमित शाह ने कहा कि हमने वक्फ से छेड़खानी नहीं की. वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद के लिए संशोधन किया. इसकी फंक्शनिंग प्रशासनिक है. वक्फ बोर्ड को धार्मिक क्रियाकलाप नहीं करना है. हम मुतवल्ली को छू नहीं रहे हैं. ये कह रहे थे कि कोई गड़बड़ियां नहीं हुईं. 2013 में अन्यायी कानून आया. टीएमसी सांसदों के हंगामे पर अमित शाह ने कहा कि 2026 को लेकर डरे हुए हैं, चुनाव है न भाई. कल्याण बनर्जी ने कुछ कहा जिस पर अमित शाह ने कहा कि बंगाल में आकर कहूंगा, ये राजनीतिक हिसाब-किताब का अखाड़ा नहीं है. 1913 से लेकर 2013 तक वक्फ बोर्ड का कुल भूमि 18 लाख एकड़ था. 2013 से 25 तक और नई 21 लाख एकड़ भूमि बढ़ गई. 39 लाख एकड़ में 21 लाख एकड़ 13 के बाद की हैं. लीज पर दी गई संपत्तियां 25 हजार थीं, रिकॉर्ड के हिसाब से ये शून्य हो गईं. इसका मतलब है कि बेच दी गईं. सबने 2013 के कानून को अन्यायी कहा है. इसी एक्ट में हमने कहा कि जो योगदान था वक्फ बोर्ड का, सात से घटाकर पांच फीसदी कर दिया. ये कहा जाएगा, वक्फ में रहा है. जो मस्जिद चल रही है, उसका हमने दो फीसदी बढ़ाया है. ये बिल जमीनों को सुरक्षा प्रदान करेगा. किसी की जमीन घोषणा मात्र से वक्फ प्रॉपर्टी नहीं बनेगी. पुरातत्व विभाग, आदिवासी भाइयों की जमीन, आम नागरिकों की जमीन सुरक्षित हो जाएगी. दान तो साहब अपनी संपत्ति का ही कर सकते हैं, गांव की संपत्ति का नहीं. वक्फ की संपत्ति घोषित करने के अधिकार को समाप्त कर दिया है, कलेक्टर से प्रमाणित कराना पड़ेगा. कई मुस्लिम हैं जो वक्फ के दायरे में आना नहीं चाहते. सभी को समाधान देना चाहता हूं, मुसलमान भी अपना ट्रस्ट रजिस्टर्ड करा सकता है. भूमि के रिकॉर्ड का कार्यालय होगा. इसके अंदर ढेर सारे प्रावधान किए हैं.
अमित शाह ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है कि रेट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट से आएगा. इसके पहले तीन पेज और धाराएं पढ़ ली होतीं तो पता होता. इसमें स्पष्ट लिखा है कि यह कानून जिस दिन भारत सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी करेगी, उसके बाद होगा. कोई पढ़ने विदेश गया, आया तो उसकी संपत्ति वक्फ घोषित हो चुकी. ये क्या लफड़ा है. इसे कलेक्टर की ओर से सत्यापित होना ही चाहिए. ये कह रहे हैं कि सैकड़ों साल से वहां प्रैक्टिस है, उसे तो आपने घोषित कर दिया. ठीक बात है. लेकिन मुगलों के समय की प्रैक्टिस आप आज घोषित करेंगे क्या. लोग देखते होंगे. वक्फ की संपत्तियों को बिना किसी स्पष्ट प्रक्रिया के पंजीकृत नहीं किया जा सकता है. हाईकोर्ट में सिविल सूट नहीं जा सकता जिसमें मूल मालिक को ज्यादे प्रोटेक्शन मिलता है. आपने उसको खत्म कर दिया था. रिट जा सकता है. हमारा स्पष्ट सिद्धांत है कि हम वोटबैंक के लिए कोई कानून नहीं लाएंगे. कानून न्याय के लिए आता है. इसी सदन में मोदी सरकार ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का कानून लाई, इसी सरकार ने पिछड़ा आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया. उन्होंने फ्री राशन से लेकर तमाम कानून गिनाए और कर्नाटक के कन्वर्जन कानून की बात पर अमित शाह ने कहा कि सबसे पहले ओडिशा और मध्य प्रदेश में कांग्रेस कानून लाई थी मगर तब वह तुष्टिकरण के सिद्धांत पर नहीं चलती थी. ये अभी अभी आए हैं, इनको नहीं मालूम है. हमने गैर मुसलमानों की दान की गई संपत्तियों पर वक्फ अधिनियम लगने से रोक दिया. हमने ओवरराइडिंग इफेक्ट को भी समाप्त कर दिया. 2013 में जो अमेंडमेंट बिल आया था, उसमें दोनों सदन मिलाकर 5.4 घंटे चर्चा हुई थी. इस बिल में दोनों सदन मिलाकर 16 घंटे चर्चा हो रही है. समिति भी बनाई गई, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि आए. अध्ययन दौरे तीन किए गए. 92.68 लाख के करीब सुझाव ऑनलाइन आए. आप ऐसे इसे खारिज नहीं कर सकते हो. आप जो साढ़े पांच घंटे चर्चा करके जो कर रहे हो, वो बहुत लोकतांत्रिक है और हम 16 घंटे चर्चा कर रहे हैं. यहां जो सदस्य हैं, वो किसी परिवार की कृपा से चुनकर नहीं आए हैं. एक सदस्य ने कहा है कि पुराने कानून में अपील का प्रावधान था. उसमें स्पष्ट था कि कोई भी निर्णय हो, अपील नहीं हो सकती. न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए थे. अभी फैशन है संविधान लहराने का, संविधान के हिसाब से कोई भी फैसला कोर्ट के दायरे से बाहर कैसे हो सकता है. आपने वोटबैंक के लिए ऐसा किया था, हम खारिज कर रहे हैं. ऐसा नहीं चलेगा. एक सदस्य ने कह दिया कि माइनॉरिटी इस कानून को स्वीकार नहीं करेगी, क्या धमका रहे हो भाई. संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना पड़ेगा.
अमित शाह ने मणिपट्टी समिति की रिपोर्ट में एक लाख 38 हजार एकड़ जमीन किराये पर दिए जाने, सौ साल की लीज पर निजी संस्थानों की जमीन हस्तांतरित किए जाने, विजयपुर गांव की 1500 एकड़ भूमि पर दावा करके विवाद में डाले जाने, फाइव स्टार होटल को 12000 महीने के किराए पर देने का जिक्र किया और कहा कि ये पैसा गरीब मुसलमान का है. ये धन्नासेठों की चोरी के लिए नहीं है. इनके ठेकेदार गरजकर बोलते हैं. कर्नाटक में एक मंदिर पर क्लेम किया, 600 एकड़ जमीन पर दावा किया. ईसाई समुदाय की ढेर सारी जमीनों पर भी दावा कर दिया. कई समूह वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं. अखिलेश जी, मुस्लिम भाइयों की सिम्पैथी लेने का कोई फायदा नहीं होगा. ये दक्षिण के जो सांसद बोल रहे हैं, वो अपने क्षेत्र के सारे चर्च को नाराज कर रहे हैं. तेलंगाना में 1700 एकड़ जमीन पर, असम में मोरेगांव जिले की जमीन पर दावा हुआ. हरियाणा की गुरुद्वारे से संबंधित भूमि वक्फ को सौंप दिया. प्रयागराज में चंद्रशेखर आजाद पार्क को भी वक्फ घोषित कर दिया. ये सब जब जो चल रहा है, वक्फ मुस्लिम भाइयों के दान से बनाया ट्रस्ट है, उसमें सरकार कोई दखल नहीं करना चाहती है. मुतवल्ली भी उनका होगा. लाखों करोड़ों की भूमि और इनकम 126 करोड़ रुपया. ये कहते हैं कि आय का क्या उद्देश्य है. आज आरजेडी के सारे सदस्य बोले, 2013 का जब अमेंडमेंट आया, लालू जी का पूरा पढ़ना चाहता हूं. तब लालू जी ने क्या कहा, ये कहा कि सारी जमीनें हड़प ली गई हैं. पटना में ही डाकबंगले की जितनी प्रॉपर्टी थी, सब पर बड़ी बिल्डिंग बन गई है. हम समर्थन करते हैं लेकिन चाहते हैं कि एक कड़ा कानून लाइए. अमित शाह ने तब कई सदस्यों की ओर से सदन में कही गई बातें कोट कीं और कहा कि पारदर्शिता से क्यों डरना है. आपने तो कर दिया था कि उसके ऑर्डर को कोर्ट में कोई चैलेंज ही नहीं कर सकता. पूरा संविधान वहीं समाप्त कर दिया था. हम तो कहते हैं कि कोर्ट में कोई भी चैलेंज कर सकता है. कोर्ट के फोरम से बाहर करने का पाप कांग्रेस ने किया था.
उन्होंने कहा कि धार्मिक क्रियाकलाप चलाने के लिए गैर मुस्लिम को नहीं रखा जा रहा है. बस इसके जरिये डराकर अपना वोटबैंक सेफ करने के लिए भ्रमित करने का काम किया जा रहा है. वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम रखने की बात है जिसका काम ये देखना है कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं. मुतवल्ली तो गैर इस्लामिक है नहीं. हम तो वही कह रहे हैं कि वक्फ वही कर सकता है जो इस्लामिक प्रैक्टिसिंग होगा. वक्फ धार्मिक हुआ, वक्फ बोर्ड नहीं. चैरिटी कमिश्नर को ट्रस्ट नहीं चलाना है, उसको केवल ये देखरेख करना होता है कि ट्रस्ट सही ढंग से चल रहा है कि नहीं. सारे ट्रस्ट के चैरिटी कमिश्नर अलग-अलग होंगे क्या. देश तोड़ दोगे आप लोग. इस सदन के माध्यम से पूरे देश के मुस्लिम भाइयों को कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर मुस्लिम नहीं आएगा. वक्फ बोर्ड में जो संपत्तियां बेच खाने वाले, सौ-सौ साल के लिए औने-पौने दाम पर किराए पर देने वाले लोग है, वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद उन्हें पकड़ने का काम करेगा. ये चाहते हैं कि इनके राज में जो मिलीभगत चली, वह चलती रहे. नहीं चलेगा. अमित शाह ने कहा कि 2013 का जो संशोधन आया, वो नहीं आया होता तो आज ये संशोधन लाने की नौबत नहीं आती. कांग्रेस सरकार ने दिल्ली लूटियंस की 125 संपत्तियां वक्फ को दे दीं. उत्तर रेलवे की जमीन वक्फ को दे दी. हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम हुआ. उन्होंने तमिलनाडु से कर्नाटक तक के उदाहरण दिए जिस पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और सदन को भ्रमित करने का आरोप लगाया.
गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ बिल पर बोलते हुए कहा कि इस बिल के समर्थन में खड़ा हुआ हूं. सुबह से जो चर्चा चल रही है, 12 बजे से, उसको बारीकी से सुना. मुझे लगता है कि या तो निर्दोष भाव से या राजनीतिक कारणों से ढेर सारी भ्रांतियां सदस्यों के मन में भी हैं और इन्हें फैलाने का प्रयास भी हो रहा है. बिल पर चर्चा का जवाब रिजिजू जी देंगे. कुछ बातों को स्पष्ट करने का प्रयास करूंगा. वक्फ एक अरबी शब्द है जिसका इतिहास कुछ हदीसों से जुड़ा मिलता है. आज जिस अर्थ में इसका उपयोग किया जाता है, अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान. अभी जो हम समझ रहे हैं, इस्लाम के दूसरे खलीफा उमर के समय अस्तित्व में आया. वक्फ एक प्रकार का चैरिटेबल एंडोरमेंट है. इसमें व्यक्ति पवित्र दान करता है. दान उसी चीज का किया जा सकता है जो हमारा है. मैं सरकारी संपत्ति या किसी दूसरे की संपत्ति का दान नहीं कर सकता. ये सारी बहस इसी बात पर है.
केसी वेणुगोपाल ने अनुराग ठाकुर की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर लगाए गए आरोप का विरोध करते हुए सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और चुनौती दी कि एक भी साक्ष्य दिखा दें. मल्लिकार्जुन खड़गे पर ऐसा कोई आरोप नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का केवल एक एजेंडा है, धर्म के नाम पर भारत माता का विभाजन है. किरेन रिजिजू बार-बार कह रहे थे कि ये बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. रिजिजू जी, आप वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्य लेकर आ रहे हैं. वैष्णो देवी टेंपल एक्ट दिखाना चाहता हूं. किसी भी मंदिर में मुस्लिम या ईसाई सदस्य को वोटिंग का अधिकार नहीं है. समानता के कानून का आपने यहां उल्लंघन कर दिया. पोप धर्मपरिवर्तन कराने आ रहे थे तब संघ ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की थी. कितनी चर्चों पर हमला हुआ, कितनी चर्चों पर हमलों के मामलों पर आपने कार्रवाई की. कल आपने संसद में एंग्लो इंडियन के प्रतिनिधित्व खत्म किया. आज आप मुस्लिम समुदाय पर हमला कर रहे हो. कल आप ईसाई और परसो सिख के खिलाफ होंगे. संघ परिवार का स्पष्ट एजेंडा है कि अल्पसंख्यकों को खत्म कर दो. पूरी दुनिया आपकी ओर देख रही है, आप सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का नेतृत्व कर रहे हो. क्या आप पांच साल के प्रैक्टिसिंग मुस्लिम के लिए अलग विभाग शुरू करने जा रहे हैं.
शाम छह बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इस विषय पर बोलने वालों की सूची लंबी है. सभा की सहमति हो तो सदन की कार्यवाही का समय आठ बजे तक के लिए बढ़ा दें. सहमति लेकर सदन की कार्यवाही का समय बढ़ा दिया गया.
केरल के लेफ्ट के सांसद के राधाकृष्णन ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए सुरेश गोपी का नाम लिया. इस पर सुरेश गोपी ने कहा कि इनकी सरकार ने एक दिन पहले केरल विधानसभा से एक प्रस्ताव पारित किया है. इनसे कहना चाहता हूं कि कल राज्यसभा से इस बिल के पारित होने के बाद इनका प्रस्ताव अरब सागर में फेंक दिया जाएगा.
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि वक्फ बिल बहुलतावादी संस्कृति पर हमला है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसमें पिछड़ों और महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाएगा. जब राम मंदिर के ट्रस्ट का निर्माण हो रहा था, उसमें क्यों नहीं आरक्षण दिया गया. क्या कब्रिस्तान, मस्जिदें, अनाथालय आमदनी का जरिया बनेंगे. उन्होंने वक्फ बिल का पुरजोर विरोध किया और कहा कि ये अधिकारों का अतिक्रमण है.
यूपी के रामपुर से सपा के सांसद मोहिबुल्ला ने कहा कि देश में हर मजहब को फलने-फुलने का मौका दिया गया. आज ये जो बिल लाया गया है, वह एक कम्युनिटी के खिलाफ है. वक्फ के बुनियादी उसुलों से तब्दीलियों का कोई वास्ता नहीं है. वक्फ के उसूलों को खत्म न किया जाए. सन 1913 का कानून इसी मकसद से लाया गया था कि वक्फ के उसूलों को कानूनी शक्ल दी जाए. इस बिल को ड्राफ्ट करने में कितने मुस्लिम थे, इस सवाल पर मुझे जवाब मिला था कि एक. संसद के सामने की मस्जिद में रहकर पूरे मुल्क के लिए दुआ करता हूं. हमारा देश सूफी, ऋषि-मुनियों का देश है. आप दुआ करने से रोक रहे हैं. मुसलमानों को भी अपने ईमान का सबूत देना होगा. वक्फ तो खतम हो जाएगा. बोर्ड को पूरी तरह से सरकारी बनाया जा रहा है और इसका उदाहरण दिल्ली है.
एलजेपी (आर) ने लोकसभा में वक्फ बिल का समर्थन किया है. सांसद अरुण भारती ने कहा कि पिछली बार जब ये बिल यहां आया था तब मंत्रिमंडल में होते हुए भी हमारे नेता चिराग पासवान ने कहा था कि इसे किसी कमेटी को भेजा जाना चाहिए और व्यापक विमर्श होना चाहिए. विपक्ष धार्मिक पक्ष को उठाकर, डराकर वोटबैंक अपने पास बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए अरुण भारती ने कहा कि विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहता है क्योंकि इससे उनके प्रायोजित नैरेटिव पर प्रश्नचिह्न खड़े हो जाते हैं. उन्होंने टर्की, अल्जीरिया, ट्यूनिशिया, मिस्र जैसे देशों में वक्फ संपत्तियों को लेकर हुए सुधार भी गिनाए. अरुण भारती ने कहा कि यही सवाल आज हमें भी पूछना है कि क्या हमें इस बारे में चर्चा नहीं करनी चाहिए कि हम इसे कैसे आगे लेकर चलें. ईमानदार प्रयास बहुत जरूरी है. बाबासाहब ने कहा था कि धर्म की आड़ में कोई भी संस्था कानून के ऊपर नहीं हो सकती है. जिस तरह से चिराग पासवान के खिलाफ फतवा लाया गया, उनसे कहना चाहूंगा कि आप लोगों को उस पुत्र से शिकायत है जिनके पिता ने मुस्लिम मुख्यमंत्री के लिए अपनी पार्टी का अस्तित्व खतरे में डाल दिया था. पिता ने इसी सदन में कहा था 2010 में कि हमें भी पता है कि बिहार में कितनी वक्फ प्रॉपर्टियां हैं. पुत्र कह रहा है कि इसे हम बिहार में लागू नहीं होने दूंगा. लोक जनशक्ति पार्टी इस बिल का समर्थन करती है.
केसी वेणुगोपाल ने अनुराग ठाकुर पर आरोप लगाया कि अपनी जातिवादी सोच के कारण ये खड़गे जी को पसंद नहीं करते. अनुराग ठाकुर ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा की रिपोर्ट लेकर आया हूं जिसमें एक नहीं, कांग्रेस के अनेक नेताओं के नाम हैं जिन्होंने वक्फ की संपत्ति पर कब्जा कर लिया है. ये आम आदमी के लिए एक अभिशाप है. एनओसी लेकर जाना पड़ता है. वक्फ का साम्राज्य इतना बड़ा हो गया है कि नौ लाख एकड़ तक पहुंच गया है जो मॉरिशस जैसे दो देश, सिंगापुर जैसे पांच देश, माल्दीव जैसे नौ देश के बराबर है. कांग्रेस ने केवल वोटबैंक की राजनीति किया. यूपी ने लाल टोपी के कारनामे देखे हैं. इनके मंत्री सैकड़ों एकड़ जमीन खा गए. ये मुस्लिम विरोधी भी हैं, पसमांदा विरोधी भी हैं, महिला विरोधी भी हैं. आप मुस्लिम समुदाय में भी जातिवाद करते हो. ये सदा हिंदू विरोधी रहे हैं लेकिन मुसलमानों के लिए भी कुछ नहीं किया. केरल में भी वक्फ का कहर जारी है. वायनाड में भी कुछ कहते नहीं हो. वक्फ बोर्ड बेलगाम हो चुका है. सूरत के नगरनिगम को भी मुगलों की संपत्ति बताने का काम किया. बेट द्वारिका के दो द्वीपों पर भी दावा कर दिया. क्या भगवान श्रीकृष्ण से पहले इस्लाम धर्म आ गया था. नेशनल हेरल्ड और आनंदभवन पर भी वक्फ बोर्ड दावा करने वाला है. दे दोगे क्या. सौ से ज्यादा एएसाई संरक्षित संपत्तियों पर भी वक्फ ने दावा करने का काम किया है. वक्फ की आय जो 12 हजार करोड़ वार्षिक होनी चाहिए थी, वो आज एक लाख करोड़ रुपये रह गई है. कौन खा रहा है पैसा वक्फ का. कांग्रेस नेताओं के नाम आते हैं. ये विपक्षी दल भ्रष्टाचार में जुड़े हुए हैं. हम इसे खत्म करना चाहते हैं. हमारी सरकार वक्फ को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना चाहती है. इन्होंने ऐसा जमींदार खड़ा कर दिया है कि जो हजारों एकड़ संपत्तियां खा गए. ये वक्फ की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले, पैसा खाने वाले हैं. ये बिल मुसलमानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा.
अनुराग ठाकुर ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ये लोग हाथ में एक लाल किताब लेकर चलते हैं जिसे ये संविधान कहते हैं. लेकिन ये देश में दो विधान देने का काम करते हैं. देश में ऐसे हालात बन गए थे कि वक्फ जिस पर हाथ रख दे, वही संपत्ति उनकी. अब आपको तय करना है कि वक्फ के साथ रहना है या बाबा साहब के संविधान के साथ. ये वक्फ बिल इस बात का साफ संदेश है कि यहां बाबासाहब का संविधान चलेगा, मुगलिया फरमान नहीं. ये बिल तुष्टिकरण की राजनीति का अंतिम संस्कार करने वाला है. राहुल गांधी सदन में नहीं हैं, वे बार-बार कहते हैं कि देश की संपत्ति कुछ लोगों के हाथ में है, राहुल जी आपने लाखों करोड़ की वक्फ प्रॉपर्टी दो सौ लोगों के हाथ में क्यों दे दिया. उन्होंने सेक्शन 40 को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि इसमें प्रावधान है कि दान देनेवाला किसी भी धर्म का हो सकता है, देखभाल करने वाला मुस्लिम ही होगा. कर्नाटक में जो घोटाले हुए, इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी का नाम भी आता है. इस पर विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा कर दिया.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि बाबा साहब ने संविधान में हमारे अधिकारों के संरक्षण का काम किया. वक्फ बिल लाकर, जिन्होंने इसे ड्राफ्ट किया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. अपनी हैसियत के हिसाब से मुसलमान अल्लाह की राह में वक्फ करता है. वक्फ को मुसलमान जानता है, समझता है, इसकी जरूरत को पहचानता है. इसका सारा प्रबंधन तो सरकारों के ही हाथ में है. जेडीयू, टीडीपी और अन्य दल कहते हैं कि हमने वक्फ बाई यूजर को खत्म कराने का काम कर दिया. धारा तीन को हटा दिया गया जिसमें वक्फ बाई यूजर था. लेकिन क्या शामिल किया गया, वह बता रहा हूं. उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के बोर्ड की ओर से सच्चर कमेटी के सामने यह बताया कि ऐसी कितनी संपत्तियां हैं जिनपर सरकार ने कब्जा किया हुआ है. ये कानून लागू होने के बाद इन पर से वक्फ का दावा समाप्त हो जाएगा. यूपी में 14 हजार में से 11500 एकड़ लैंड को सरकारी घोषित कर दिया गया है जिनमें मस्जिद, इमामबाड़ा, कब्रिस्तान हैं. आप कहते हैं कि वक्फ बाई यूजर खत्म करा दिया. इतना बड़ा हथियार दे दिया कि जाइए लड़ते रहिए. कर्नाटक के अंदर एक लाख 11 हजार एकड़ जमीन वक्फ की थी जिसमें 19 हजार और 20 हजार एकड़ जमीन मुतवल्ली ने अपने परिवारों में बांट लिया. सरकारें बीजेपी और कांग्रेस, दोनों की रहीं. दोनों ने नोटिस जारी किए लेकिन जेपीसी में हंगामा. वहां कुछ नहीं मिला. ये विवाद वाली स्थिति में आपने डेजिग्नेटेड ऑफिसर का प्रावधान किया लेकिन ये नहीं लिखा कि कब तक तय करेगा. 22 में से 10 मुसलमान होंगे, सही है लेकिन 12 सदस्य गैर मुस्लिम हो जाएंगे. पूरा बहुमत गैर मुस्लिमों का हो जाएगा. दूसरे धर्म के ट्रस्ट में गैर धर्म के लोगों को शामिल होने की अनुमति देंगे, नहीं देंगे. काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष जिलाधिकारी पदेन है लेकिन लिखा है कि गैर हिंदू होगा तो उसके नीचे का अधिकारी अध्यक्ष होगा. अब आपने वक्फ प्रॉपर्टी पर मुकदमों के लिए रास्ता खोल दिया. आपने जो कब्जा करने वाले लोग हैं, उसे गैर जमानती से जमानती कर दिया. एक संस्था बता दीजिए जो धार्मिक हो और लिमिटेशन एक्ट न हो. हमारे ऊपर से हटा रहे हैं. आपकी नजर सबकी जमीन और पैसे पर है. वामसी पोर्टल पर दर्ज प्रॉपर्टी एक ही की तीन-तीन, चार-चार बना दीं और जो काम आप 10 साल में नहीं कर सके. आप कह रहे हैं कि छह महीने के भीतर सारी संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करा लेना. इस समय में नहीं हुआ तो ये संपत्ति वक्फ की नहीं बचेगी. ये पूरी तरह से संविधान विरोधी कानून है. अनुच्छेद 14, 16 और 25 का उल्लंघन करने का काम ये कानून करता है. आप किस तरह से तय करेंगे कि कौन प्रैक्टिसिंग मुस्लिम है. उसका पैमाना क्या होगा. आपने संवैधानिक अधिकार का अतिक्रमण करने का काम किया है. अभी हमें सौगात-ए-मोदी मिली. हमें सौगात-ए-मोदी में शिक्षा, रोजगार दे दीजिए. सौगात-ए-मोदी में ये कानून दे दीजिए. ये जो गोलियां सीने पर लगती हैं, इन्हें बंद करा दीजिए.
शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि इस बिल से समस्याएं बढ़ेंगी. बढ़ेंगी, लेकिन उनकी समस्याएं बढ़ेंगी जिन्होंने लूट मचा रखी थी. शिवसेना इस बिल का समर्थन करती है. ये बिल वक्फ की संपत्तियों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का संकल्प लेकर आ रहा है. सरकार ये सुनिश्चित करना चाहती है कि मुसलमानों के उत्थान के लिए, शिक्षा के लिए वक्फ की संपत्तियों का इस्तेमाल हो. ये बिल मुसलमानों के खिलाफ नहीं है. मुस्लिम भाई-बहनों की तरक्की के लिए नए वक्फ के साथ चलना होगा.
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद गणपत सावंत ने कहा कि अभी ईद के समय सौगात-ए-मोदी चल रहा था, आज सौगात-ए-बिल चल रहा है. हम भी आश्चर्य में थे कि आपको इतना प्यार आ गया. इस देश की आजादी के लिए जिन्होंने कुछ भी नहीं किया न, दुर्भाग्य है कि आज सरकार चला रहे हैं. मुसलमानों ने भी आजादी के लिए कुर्बानी दी थी, अंडमान में रहे थे. बोर्ड में मुस्लिम अल्पसंख्यक हो जाएंगे. महिलाओं के लिए बोर्ड में आरक्षण पहले से है. आप बोर्ड में जो दो गैर मुस्लिम चाहते हो आप, हमारे मन में शंका है. बोर्ड में पहले चुनाव होता था, अब आप नॉमिनेट करने जा रहे हो. डर लगता है कि हिंदुओं के मंदिर में भी गैर हिंदू को बोर्ड में लाने की कोशिश करोगे. शिवसेना उसका विरोध करेगी. आपका उद्देश्य क्या है. कल आप सिखों के गुरुद्वारा, ईसाइयों के चर्च में भी कर सकते हो. अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के समय हम साथ थे, हमने अभिनंदन किया था. कितने लोग कश्मीर में आ गए हिंदू, बताओ तो सही. हिंदुओं के देवस्थान की जमीन बेची जा रही है, क्या उनके खिलाफ भी कानून लाओगे. 2009 और 2014 के मैनिफेस्टो में आपने लिखा था कि बीजेपी रहमान खान की अगुवाई वाली जेपीसी रिपोर्ट को एग्जामिन करेगी और मुस्लिम धर्मगुरुओं से चर्चा कर वक्फ प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जे को हटवाएगी. आज आप क्या कर रहे हो. जिस ढंग से आपने ये बिल लाया है, उसको देखते हुए आपका उद्देश्य स्पष्ट नहीं होता. आपको जमीन हड़पना है. किसके लिए करना है, किस उद्योगपति के लिए करना है, ये सभी को पता है. आपके होंठों पर सच्चाई नहीं है. आपने नारा दिया कि बंटेंगे तो कटेंगे, आप बांट रहे हो तो बचने के लिए बांट रहे हो. आपके दिल में नफरत है, उसे निकाल डालो.
जेडीयू सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है. ये बिल कहीं से मुसलमान विरोधी नहीं है. वक्फ कोई मुस्लिम संस्था है क्या. वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, एक ट्रस्ट है जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है. उस ट्रस्ट को ये अधिकार होना चाहिए कि वो सभी वर्गों के लोगों के साथ न्याय करे जो नहीं हो रहा है. ये विनियामक है और प्रशासनिक निकाय है जो मुसलमानों के हक के लिए काम करता है. मोदीजी को कोस रहे हैं, उनका चेहरा पसंद नहीं आ रहा है तो मत देखिए उनकी तरफ. 2013 में आपने जो पाप किया था, उसे समाप्त करके पारदर्शिता लाने का काम किया है. देश की जनता मोदीजी को पसंद करती है इसलिए मोदीजी समाज के हर तबके के लिए काम करने का काम करते हैं. मोदीजी ने आज वक्फ को आपके चंगुल से निकाल के आम मुसलमान की तरफ फेक दिया है उनके कल्याण के लिए काम करने के लिए. दो तरह के लोग इसके खिलाफ हैं- एक जो वोट के लिए काम करते हैं, दूसरे जिनका वक्फ पर कब्जा था. इस संशोधन के विरोध का कोई कारण नहीं है. वक्फ के काम में कहीं से हस्तक्षेप की बात नहीं है. वक्फ की आमदनी सही जगह खर्च हो, इस पर नजर रखने के लिए संशोधन आया है. इसमें क्या दिक्कत है. आप मुसलमानों के कल्याण के विरोधी हैं क्या. मोदी जी देश को सेक्यूलरिज्म के साथ विकसित भारत बनाने की बात कर रहे हैं, मुस्लिम महिलाओं को भी अधिकार दे रहे हैं. आप देश को बांटकर वोटबैंक के लिए चंगुल में रखना चाहते हैं. पारदर्शिता केलिए हम प्रधानमंत्री मोदी जी का आभार व्यक्त करते हैं. लाखों लोगों को वक्फ के चंगुल से बचाने के लिए किरेन रिजिजू जी का धन्यवाद करते हैं और हमारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड इस बिल का पूर्ण समर्थन करती है.
तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है. ये संपत्तियां मिसमैनेजमेंट का शिकार हैं. हमारी पार्टी का ये मानना है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिमों के कल्याण के लिए, महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए. हमारा मानना है कि इसमें सुधार होना चाहिए. हम सबसे पहला दल थे जिसने जेपीसी की मांग की थी. उन्होंने कहा कि 97 लाख से अधिक कम्युनिकेशन हुए. रिवाइज्ड बिल 14 संशोधनों के साथ आया. हमारी पार्टी ने तीन सुझाव दिए थे और तीनों सुझाव माने गए हैं जो मुस्लिमों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं. तेलुगु देशम पार्टी मुस्लिमों के कल्याण, उत्थान के लिए संकल्पित है. हम सरकार से ये अपील करते हैं कि वक्फ बोर्ड का कम्पोजिशन तय करने के लिए राज्य सरकारों को छूट मिले और नियम बनाने की छूट मिले. हम वक्फ बिल का समर्थन करते हैं.
डीएमके सांसद ए राजा ने कहा कि अभी थोड़ी देर पहले मंत्री ने करेजियस स्पीच दी. हिम्मत के साथ कहता हूं कि कल आप अपनी स्पीच के टेक्स्ट को जेपीसी की रिपोर्ट से मिलाइएगा. मैच कर जाए तो इस सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा. ये कहानी गढ़ रहे हैं कि संसद वक्फ बोर्ड को दे दी गई होती. आज का दिन इस संसद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि सेक्यूलर देश किस तरफ जाएगा. उन्होंने वक्फ बिल को असंवैधानिक बताते हुए तमिलनाडु विधानसभा से पारित प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक बिल इस सदन के माध्यम से पूरे देश पर थोपा जा रहा है. तमिलनाडु की ओर से पारित प्रस्ताव को अनदेखा किया जाता है तो ये देश की एकता पर ये सवाल है. आज ये कह रहे हैं कि धर्म एक विषय है, संपत्ति दूसरा. हमें पाठ मत पढ़ाइए.
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव ने कहा है कि वक्फ एक्ट में संशोधन का मसला जेपीसी में भी गया था. जेपीसी ने रिपोर्ट दाखिल की. इसमें 5 करोड़ ई-मेल खिलाफ होने की बात है. हमारे मुताबिक ये बिल अब और ज्यादा ऐतराज वाला हो गया है. उन्होंने ये भी कहा कि प्लानिंग के साथ ये बिल लाया गया है. हमने जो भी ऐतराज किए थे, उनमें से किसी को नहीं माना गया. वक्फ का इंतजाम अब मुसलमान के हाथ से लेकर सरकार को दे दिया गया है. जेपीसी सिर्फ एक ढोंग है, फरेब है. लॉ बोर्ड के प्रवक्ता इलियास ने कहा कि ये बिल पास हुआ तो देशव्यापी अभियान चलाएंगे. जितने भी कानूनी रास्ते हैं, सभी अपनाएंगे. जब तक ये बिल वापस नहीं ले लिया जाएगा, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करेंगे. पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब ने कहा कि बाबरी मस्जिद की शहादत एक मस्जिद का मसला था. 25 फीसदी जमीनों पर कब्जा हो गया. जो थोड़ा बहुत है, उसकी कमाई से मस्जिदों की देखभाल और इमाम की तनख्वाह देते हैं.बहुत से गैर मुसलमान भी हमारे समर्थन में हैं. हिंदुस्तान की तारीख में इससे बदतरीन दिन नहीं आया. हम हर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. जेपीसी में किसी की बात नहीं मानी गई. उन्होंने कहा कि जो लोग अपने को सेक्यूलर बता रहे हैं, इस बिल का समर्थन करने के बाद वो भी गलत हैं. आज से लड़ाई शुरू हुई है. मुल्क खतरे में है, मुल्क को बचा लें. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मदनी ने कहा कि इससे देश का फायदा नही होने वाला. मुसलमान की आवाज दबाकर जो खेल खेला जा रहा है, वह खतरनाक है. हम लीगल रास्ते अपनाएंगे, मुल्क के लोगों को जागरूक करने की मुहिम चलाएंगे.
वक्फ बिल को लेकर जेपीसी के चेयरमैन रहे जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्ष अगर वक्फ बिल को पढ़ता तो समझ आता. विपक्षी तो अपना ही विधेयक फाड़ देते थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने भी वक्फ बिल में संशोधन किए थे. हम तो कांग्रेस की गलतियों को सुधार रहे हैं. जगदंबिका पाल ने कहा कि वक्फ की प्रॉपर्टी का फायदा अब गरीब मुसलमानों को मिलेगा. विपक्षी मुस्लिमों को वोटबैंक समझते हैं और इसीलिए चिल्ला रहे हैं. विपक्ष और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुसलमानों को भ्रमित कर रहा है. जाकिर नाइक, ओवैसी और पर्सनल लॉ बोर्ड कोशिश कर रहे हैं पर बिल नहीं रुकेगा.
टीएमसी संसदीय दल के नेता कल्याण बनर्जी ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि ये संविधान के खिलाफ है, संवैधानिक ढांचे पर प्रहार है और हम इस बिल का पूरी तरह से विरोध करते हैं. बीजेपी वक्फ पर राजनीति कर रही है. वक्फ संपत्ति मुस्लिम समुदाय के लिए बैकबोन है. वक्फ संशोधन विधेयक में किए जा रहे बदलाव इस्लामिक परंपराओं और संस्कृति को लेकर गंभीर चिंता का विषय हैं. उन्होंने वक्फ एक्ट 1995 का भी जिक्र किया और कहा कि इस्लामिक कानून के अनुरूप ये एक्ट बनाए गए थे. यह प्रयास मुस्लिमों के अधिकार छिनने की कोशिश है जो असंवैधानिक है. कल्याण बनर्जी ने एक-एक क्लॉज का जिक्र कर यह भी बताया कि वह किस तरह से संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है. मैं भी हिंदू हूं. मैं मंदिर में दान करूंगा, बौद्ध मठ को दान दूंगा, मस्जिद को दान दूंगा, चर्चा को दान दूंगा. आप किस तरह से किसी को कंट्रोल कर सकते हो. उन्होंने कहा कि ये बिल मुसलमानों के अधिकार पर कैंची चलाने के लिए लाया गया है. कल्याण बनर्जी ने जज्बात न छेड़ने की अपील करते हुए कहा कि छेड़नी ही है जंग तो गरीबी के खिलाफ छेड़िए.
अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार चुनाव में इस बार मैं भी देखूंगा कि कितनी महिलाओं को टिकट दे रहे हैं आप. बीजेपी जब भी कोई नया बिल लाती है, अपनी नाकामी छिपाती है. प्रयागराज महाकुंभ में कितने हिंदू मारे गए, इस पर पर्दा डालने के लिए ये बिल लाए हैं. कुंभ में आस्था सबकी है. कुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा था. बीजेपी ऐसा प्रचार किया कि 144 साल बाद ये कुंभ हो रहा है. सरकार दावा करती थी कि हमारी तैयारी सौ करोड़ की है. कुंभ में जो 30 लोग मारे गए, जो एक हजार लोग लापता है, सरकार बताए उनका नाम पता. कारसेवक वाली बात नहीं छेड़ना चाहता. स्पीकर ओम बिरला ने चुटकी लेते हुए कहा कि अखिलेश जी, अब जरा वक्फ पर भी आ जाओ. इसके बाद अखिलेश ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री जी जैसे तीस की गिनती में उलझे हुए हैं. कुंभ हमारा क्या कारोबार की जगह है. मैं भी स्वीकार करता हूं कि रेलवे की जमीन, डिफेंस की जमीन भी भारत की है. क्या डिफेंस और रेलवे की जमीन नहीं बेची जा रही है. कितना हस्तक्षेप है. वक्फ की जमीन से मंत्री जी बताएं कि बड़ा मुद्दा वो जमीन है जिस पर चीन ने अपने गांव बसाए लिए हैं. कोई बाहरी खतरे पर सवाल न कर दे, इसलिए ये बिल लाया जा रहा है. वक्फ मुसलमानों का है और बिल पर उन्हीं की बात नहीं सुनी जा रही है. बीजेपी एक अलोकतांत्रिक पार्टी है और विरोध को ही ताकत समझती है. जब करोड़ों लोग इस बिल के खिलाफ हैं, इसे लाने की जरूरत क्या है. वोट में जब से गिरावट आई है, उसे संभालने के लिए ये बिल लाया गया है. वक्फ की जमीन लेकर बीजेपी अपने लोगों को दे देना चाहती है. बीजेपी चाहती है कि मुस्लिम उद्वेलित हो और ध्रुवीकरण का मौका मिले. उनको पता है कि ध्रुवीकरण होगा तो वे लाभ उठाने में आगे रहेंगे. इसके लिए नहीं लाया गया तो पहले के फैसलों से क्या देश में कोई बड़ा बदलाव आ गया. डर तो ये लगता है कि कहीं बीजेपी वाले दूसरों के यहां पैसा रखकर न पकड़वा दें. इससे दुनिया में गलत संदेश जाएगा. वक्फ बिल बीजेपी की नफरत का एक और अध्याय है. राजनीति क्या है, हमने आपका हाथ पकड़ा और हम कहां आ गए. आप हमारा हाथ छुड़ाकर वहां चले गए. अखिलेश यादव ने तंज करते हुए कहा कि ये बिल बीजेपी के लिए वाटरलू साबित होगा. सपा इस बिल का विरोध करती है और वोट पड़ेगा तो हम इसके खिलाफ वोट डालने जा रहे हैं. गौरतलब है कि वाटरलू युद्ध में महाविजेता नेपोलियन भी हार गया था.
अखिलेश यादव ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि बड़ी आबादी के लिए एक और बिल आया है. उन्होंने रविशंकर प्रसाद की बहुत सी बातों से सहमति व्यक्त की और कहा कि जो एक्स कांग्रेस वाले हैं, वो ज्यादे बोल रहे हैं. जो बिल पेश हुआ है, उसको जितना समझ पा रहा हूं, मंत्री जी ने कहा कि उम्मीद है ये. हिंदी या अंग्रेजी में भी नहीं समझ पा रहा हूं कि उम्मीद है ये- यूनिफाइड वक्फ. ये बिल लाया जा रहा है, बीजेपी में ये मुकाबला चल रहा है कि खराब हिंदू कौन बड़ा है. जो पार्टी ये कहती हो कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाए अभी तक. बीजेपी क्या है. इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अखिलेश जी ने हंसते-हंसते कहा है, हंसते-हंसते ही जवाब दे रहा हूं. आपको पांच लोगों में ही अध्यक्ष चुनना है, परिवार से. हमें करोड़ों लोगों में से चुनना है तो समय लगता है. मैं कहता हूं आप अभी 25 साल तक अध्यक्ष हो जाओ. इस पर अखिलेश ने कहा कि नाकामी का ये पर्दा है वक्फ बिल. एक ये बहुत तैयारी के साथ फैसला लेकर आए थे कि आधी रात के बाद नोट नहीं चलेंगे. उस नोटबंदी नाकामी के बारे में भी तो चर्चा हो जाए कि अभी भी जाने कितना रुपया निकल के आ रहा है. नाकामी बेरोजगारी, महंगाई, किसान की आय दोगुनी नहीं कर पाए, उसकी भी है.
रविशंकर प्रसाद ने वक्फ बिल पर विपक्ष के तर्क बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ये धर्म से जुड़ा मामला नहीं है. वक्फ की प्रॉपर्टी हम नहीं लूटने देंगे. वक्फ बिल किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. आठ लाख वक्फ प्रॉपर्टी है और इसमें से कितनी जमीन पर जनहित के काम हुए? वोटों की राजनीति में कांग्रेस की मजबूरी है इसका विरोध. वोटों की सौदागरी अब नहीं चलेगी. मुसलमान का आदर्श वोटों की सौदागरी करने वाले नहीं, सानिया मिर्जा और मोहम्मद शमी हैं. राजीव गांधी को एक बार 400 सीटें मिलीं और शाहबानों प्रकरण ने कांग्रेस को कहां पहुंचा दिया. पहले भी बदलाव आए हैं, विपक्ष के उपनेता ने सही कहा. ये बदलाव जमातों के दबाव में आया. रविशंकर प्रसाद ने पटना के गर्दनीबाग में तालाब की जमीन को वक्फ का बताने से लेकर कोलकाता के फोर्ट विलियम, प्रयागराज, भोपाल तक वक्फ के दावे का उल्लेख किया और कह कि मुतवल्ली मैनेजर होता है. मैनेजर साहब की बिल्डर से सांठगांठ हो गई और पूरी बिल्डिंग खड़ी हो जाती है. कांग्रेस के एक नेता की बड़ी विद्वताभरी टिप्पणी थी. उन्होंने कहा था कि पूरा लूट लिया है, पटना में भी लूट लिया है. वक्फ का नियंत्रण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये पूरे देश को ही वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर देंगे. आप इस बिल का विरोध करते हैं तो क्यों करते हैं, इस बिल से आपको क्या परेशानी है. इस बिल में नामी गिरामी सदस्यों के साथ ही सब देखने वाले हैं तो शर्मिंदगी किस बात की है. मुतवल्ली के ऊपर कंट्रोल क्यों नहीं होना चाहिए.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि संशोधन होना चाहिए और नहीं भी होना चाहिए. दोनों तर्क एकसाथ कैसे चलेंगे. मौलिक अधिकार में धारा 15 में लिखा हुआ है कि महिलाओं के साथ कोई विभेद नहीं होगा और उसे लेकर सरकार कानून बना सकती है. इसमें ये भी लिखा हुआ है कि सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों के विकास के लिए सरकार कार्रवाई कर सकती है. जिस प्रदेश से आता हूं, वहां बहुत सारे पिछड़े मुसलमान हैं. उनको वक्फ के मैनेजमेंट में अवसर नहीं मिलता. यदि इस बिल में ये प्रावधान किया जा रहा है तो परेशानी क्यों है इनको. संविधान की दुहाई का जवाब मैं संविधान से ही दे रहा हूं. संविधान की धारा 15 में इस बात के प्रावधान है. धारा 25 का जिक्र किया गया. इसकी धारा दो भी पढ़ लीजिए मेरे साथ. अगर वक्फ की जमीन बर्बाद हो रही है, लूटी जा रही है, हड़पी जा रही है तो संविधान का धारा 25 ये अधिकार देता है कि कानून बन सकता है. ये बिल कहीं से भी असंवैधानिक नहीं है.
गौरव गोगोई ने कहा कि आप इलेक्शन की प्रक्रिया हटाना चाहते हैं और आप रिफॉर्म की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि ये बार-बार इस तरह का भ्रम फैला रहे हैं कि पुराने कानून में हाईकोर्ट का कोई रोल नहीं है, वक्फ ट्रिब्यूनल का आदेश ही अंतिम होगा. गौरव गोगोई ने कहा कि अगर कहीं अन्याय हो तो सेक्शन 96 के तहत केंद्र सरकार को ये पावर है कि वह डायरेक्शन जारी कर सकता है. मामला हाईकोर्ट भी जा सकता है. कहीं भी नाइंसाफी हुआ तो आप बताइए कि 10 साल में कितनी बार आपने इसका इस्तेमाल कर डायरेक्शन जारी किए. आपके पास ये ताकत है, कितनी बार इसे आजमाया. ये बताइए फिर कमजोर बोलिए. कहीं सुधार की जरूरत है तो करिए. उन्होंने कहा कि आप हमें ये बताइए कि और कौन से बोर्ड, किस धर्म में आप युआपा का एक्ट लाना चाहते हैं. आप क्या संदेश देना चाहते हैं. उस कौम पर आप दाग लगाना चाहते हैं जिसमें लगभग दो लाख उलेमा शहीद हुए. जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में हमारा साथ दिया, दांडी मार्च का सपोर्ट किया, ब्रिटिश डिवाइड एंड रूल का खंडन किया, आप उस कौम परा दाग लगाना चाहते हैं. जब आप लोग भारत छोड़ो आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे थे, उस कौम ने किया. गौरव गोगोई ने कहा कि इन्होंने जेपीसी में बहुत विस्तार से चर्चा की बात कही. इसलिए हमें कहना पड़ रहा है कि जेपीसी अध्यक्ष को हमने बार-बार चिट्ठी लिखी. तेलंगाना, तमिलनाडु, आईटी एक्ट में ओवरराइटिंग प्रिंसिपल है. उसमें आपको तकलीफ नहीं है और यहां इसे हटा रहे हैं. लिमिटेशन एक्ट जो हटाया गया है, आंध्र प्रदेश के लॉ में वैसे ही मूल कानून में है. इनके आंध्र प्रदेश के साथी को भी जनता को जवाब देना पड़ेगा. इनका उद्देश्य यही है कि मसला और बढ़े. जेपीसी में जिस प्रकार से विचार होना चाहिए था, ये देश उसके खिलाफ में है.
गौरव गोगोई ने कहा कि वक्फ कोई भी व्यक्ति कर सकता है, ये अधिकार क्यों छिन रहे हो. पहले से ही था कि दो से अधिक सदस्य महिलाएं हो सकती थीं, इन्होंने दो पर ही कैप कर दिया. विधवा, तलाकशुदा महिलाओं की सदस्यता का प्रावधान पहले भी था. इनको भ्रम फैलाना है कि वर्तमान का एक्ट महिलाओं के खिलाफ है. क्लॉज 33 में रेवेन्यू जो सात फीसदी आता था, उसे इन्होंने गिराकर पांच फीसदी कर दिया. अगर कोई खामियां हुई भी हैं, माना कि कोई भी कानून परफेक्ट नहीं है. केरल, आंध्र से लेकर अलग-अलग राज्यों में खामियां हुई भी हैं तो उस रेवेन्यू को घटाने की बजाय इसे और बढ़ाइए. इनकी मंशा केवल भ्रम फैलाना है. आज इनकी एक समाज की जमीन पर नजर है. कल इनकी दूसरे अल्पसंख्यकों की जमीन पर इनकी नजर जाएगी. संशोधन की जरूरत है, ऐसा नहीं कहता कि इसकी जरूरत नहीं है. हम संशोधन के विपक्ष में नहीं हैं. संशोधन ऐसा हो जिससे ये बिल और ताकतवर हो. इन्होंने जो संशोधन लाए हैं, उससे मसले और बढ़ेंगे. सरकार धार्मिक मामलों में दखल दे रही है. ये देश में भाईचारे के माहौल को बिगाड़ना चाहते हैं. राज्य सरकार की अनुमति से बोर्ड को कुछ नियम बनाने की इजाजत थी जिसे ये पूरा का पूरा हटा रहे हैं. सरकार वक्फ बोर्ड को कमजोर करना चाहती है.
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने यूपीए सरकार को लेकर जो भी बातें कहीं, पूरा का पूरा झूठ है. हम डिमांड करते हैं कि वे इसे ऑथेंटिकेट करें. गौरव गोगोई ने इस बिल को संविधान के मूल ढांचे पर आक्रमण बताया और कहा कि इनका पूरा भाषण हमारे संघीय ढांचे पर आक्रमण था. इनका उद्देश्य है भ्रम फैलाना, समाज को बांटना. आज ये अल्पसंख्यकों के प्रति संवेदना जता रहे हैं. कुछ दिन पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने ईद की शुभकामनाएं दीं और इनकी डबल इंजन सरकारों ने लोगों को नमाज तक नहीं पढ़ने दीं. पहले ये तो बताइए कि आपके कितने अल्पसंख्यक सांसद हैं. उन्होंने कहा कि हम तो बस इतना पूछना चाहते हैं कि ये बिल अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बनाया या किसी दूसरे मंत्रालय ने, कहां से आया ये बिल. आज देश में अल्पसंख्यकों की ऐसी दशा हो गई कि सरकार को धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. सात हजार साल से पुराना सनातन और इससे भी पुराना ये देश जहां हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. ये किस प्रकार का कानून हम बना रहे हैं जहां हमें धर्म का सर्टिफिकेट देना पड़ेगा. वक्फ बाई यूजर का प्रावधान हटाने को लेकर भी गौरव गोगोई ने सवाल उठाए और कहा कि इसको लेकर अलग-अलग जजमेंट भी आए हैं. इसे अलग-अलग जजमेंट ने ताकत दी. वक्फ क्या है, ये भी हमें समझना चाहिए.
रिजिजू ने कहा कि आप जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे तो ऐसा नहीं होगा कि आदिवासी क्षेत्र में जाकर क्रिएट कर देंगे. शेड्यूल 5 और शेड्यूल 6 क्षेत्र में आप वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट नहीं कर सकेंगे, हमने आदिवासियों के अधिकार संरक्षित करने के लिए ये प्रावधान किया है. ट्रिब्यूनल में तीन मेंबर होंगे जिनका एक नीयत कार्यकाल होगा. वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णय से खुश नहीं हैं तो आप अदालत जा सकते हैं. ये रास्ता भी हमने खोल दिया है. वार्षिक अनुदान घटाकर सात से घटाकर पांच फीसदी कर दिया गया है जिससे ज्यादा पैसा चैरिटी के लिए खर्च किया जा सके. वक्फ संपत्ति पर भी लिमिटेशन एक्ट लागू होगा. सेक्शन 40 के तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर देता था. इसे हमने हटा दिया. इसे कुछ लोग अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते थे. इस प्रावधान का इतना दुरुपयोग हुआ कि प्रॉपर्टी लाखों तक पहुंच गई और इसकी वजहसे कई विवाद देश में आए हैं. चर्च के लोग पुकार के कह रहे हैं कि वक्फ संशोधन बिल जल्दी पारित करिए. उन्होंने हरियाणा से कर्नाटक तक, वक्फ प्रॉपर्टी घोषित किए जाने के विवादों का भी जिक्र किया और कहा कि केरल में 600 ईसाई परिवारों की जमीन को वक्फ बोर्ड ने वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया. अभी भी देर नहीं हुआ, आप राजनीतिकरण करके अड़े रहे तो मुश्किल में फंसने वाले हैं. इस बिल का विरोध करके कांग्रेस के साथी दल भी बहुत बड़ी मुश्किल में फंसने वाले हैं. इस संसद को भी वक्फ डिक्लेयर न कर दें, इसको ध्यान में रखकर आगे काम करें. रिजिजू ने कहा कि मेरी हिम्मत को तो सराहो, मेरे हमराही बनो. मैंने एक शमा जलाई है हवाओं के खिलाफ. पीएम मोदी ने मेरे जैसे एक साधारण सदस्य को इतना पुण्य का काम करने के लिए चुना है.
रिजिजू ने कहा कि हम किसी जाति-धर्म की वजह से सांसद नहीं बने हैं. आपका ट्रस्ट है, ट्रस्ट को चैरिटी कमिश्नर संभालता है. आप कैसे कहेंगे कि वह मुसलमान नहीं है तो कैसे संभाल सकता है. ये बार-बार कहा जा रहा है कि मुसलमान के मामले में गैर मुस्लिम क्यों आ रहा है. अरे इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं देना नहीं है. ये संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा मामला है. उन्होंने ये भी कहा कि वक्फ की जिन संपत्तियों पर विवाद है, हम कोर्ट के पावर को कैसे ले सकते हैं. सीएए जब लाए थे, तब भी ये लोग कह रहे थे कि मुसलमान का हक छिना जा रहा है. बताइए, किसी मुसलमान की नागरिकता छिनी गई है. आज आप दोबारा मिसलीड करेंगे तो मुंह की खाना पड़ेगा आपको. फिर कोई बिल लेकर दोबारा आएंगे और पर्दाफाश करेंगे आपका. आप वक्फ क्रिएट कर सकते हैं लेकिन महिलाओं और बच्चों का अधिकार नहीं छिन सकते. ये बहुत बड़ा रिफॉर्म है.
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने वक्फ के डिजिटलाइजेशन से लेकर वक्फ क्रिएट करने की प्रक्रिया तक, पूरी प्रक्रिया बताई और कहा कि सबकुछ राज्य सरकारों को ही करना है. जो-जो वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट की गई है, उसे लेकर हम लगातार टच में रहेंगे. ये पूरी तरह राज्य सरकार के अधीन है और उनको ही इसकी निगरानी का काम करना है. इनकम जेनरेशन का भी इफेक्टिव गवर्नेंस का प्रावधान हमने रखा है. जो रिफॉर्म्स हमने लाए हैं और कुछ बदलाव जो किए हैं, इसमें अगर आपको लगता है कि वक्फ प्रॉपर्टी के बेहतर इस्तेमाल करने के लिए क्या करना चाहिए, उसमें आपके सुझाव का हम खुले दिल से स्वागत करेंगे. इस बिल का विरोध करने वालों को सदियों तक याद रखा जाएगा.
किरेन रिजिजू ने केरल हाईकोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट की वक्फ को लेकर टिप्पणियों का जिक्र किया और सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ये तर्क ही नहीं बन रहा है कि मुसलमान के अधिकार में गैर मुसलमान कैसे आ रहा है. 2013 में चुनाव आना था, आचार संहिता लगने ही वाली थी, 5 मार्च 2014 को 123 प्राइम प्रॉपर्टीज को सरकार ने दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया. इससे वोट नहीं मिलने वाला. देश के लोग समझदार हैं. इसको बदलना जरूरी था. किरेन रिजिजू ने कहा कि 1995 में ऐसा नहीं था, 2013 में आपने बदल दिया कि वक्फ कोई भी क्लियर कर सकता है. हमने पुराना प्रावधान लाते हुए कहा है कि वही क्लियर कर सकता है जिसने कम से कम पांच साल इस्लाम की प्रैक्टिस किया है. इसमें शिया, सुन्नी, महिला, सभी रहेंगे ये हमने किया है. मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन वक्फ काउंसिल का चेयरमैन हूं. मेरे होने के साथ चार और गैर मुस्लिम इसमें हो सकते हैं. दो महिला का रहना अनिवार्य है. सेंट्रल वक्फ काउंसिल में कुल 22 सदस्यों में चार गैर मुस्लिम से ज्यादा नहीं हो सकते हैं. तीन सांसद होंगे. 10 सदस्य मुस्लिम समुदाय से और दो पूर्व जज होंगे. एडिशनल सेक्रेटरी या जॉइंट सेक्रेटरी उसमें रहेंगे. स्टेट बोर्ड में 11 सदस्यों में तीन से ज्यादा गैर मुस्लिम नहीं हो सकते. एक एमपी, एक एमएलए, एक सदस्य बार काउंसिल से और चार सदस्य मुस्लिम समुदाय से होंगे. इनमें एक महिला का होना भी अनिवार्य है. जो प्रावधान जरूरी नहीं थे, उनको मिलाते हुए हमने नया प्रावधान किया है. महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के साथ ही ट्रिब्यूनल में पेंडिंग 10 हजार से अधिक केस सेटल करने और कुछ साल में इनकी संख्या 30 हजार से अधिक हो गई है. वक्फ बोर्ड के पास भारतीय रेलवे, रक्षा के बाद वक्फ के पास तीसरा सबसे बड़ा लैंडबैंक है. ट्रेन का पटरी लगा हुआ है, वो देश की संपत्ति है.
किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक कार्यकलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है. हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे. इस पर विपक्ष की ओर से किसी ने टिप्पणी की. स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए नसीहत दी कि भारत की संसद में बैठे हो, गरिमा का ध्यान रखो. किसी भी व्यक्ति को बैठे-बैठे टिप्पणी का अधिकार नहीं है. किरेन रिजिजू ने कहा कि ये मस्जिद या धार्मिक क्रियाकलापों से जुड़ा मामला नहीं है. ये बस एक संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा विषय है. कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं. हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं. इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है.
किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने पार्लियामेंट की जो बिल्डिंग है, उसे भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया. यूपीए की सरकार ने इसे डिनोटिफाई भी कर दिया. अगम नरेंद्र मोदी जी की सरकार नहीं होती, हम संशोधन नहीं लाते तो जिस जगह हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति होती. यूपीए की सरकार होती तो पता नहीं कितनी संपत्तियां डिनोटिफाई होतीं. कुछ भी अपने मन से नहीं बोल रहा हूं. ये सब रिकॉर्ड की बात है. किरेन रिजिजू की इस बात पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के जोरदार हंगामे पर किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर तर्क नहीं है तो इस तरह से हंगामा करना ठीक बात नहीं है. स्पीकर ने कहा कि आपकी बारी आएगी तो आप अपनी बात रखिएगा.
किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश कर दिया है. किरेन रिजिजू ने कहा कि इससे अधिक संख्या में आजतक किसी भी बिल पर लोगों की याचिकाएं नहीं आईं. 284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है. 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष रखा. पॉलिसी मेकर्स, विद्वानों ने भी अपनी बात कमेटी के सामने रखी हैं. इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे. यह प्रस्ताव खुले मन से पॉजिटिव नोट के सामने पेश कर रहा हूं. किसी ने असंवैधानिक बताया तो किसी ने नियमविरुद्ध. जब पहली बार ये प्रस्ताव सदन में पेश किया गया था 1913 में, उसके बाद जब दोबारा एक्ट पास किया गया था. 1930 में एक्ट लाया गया था. आजादी के बाद 1954 में वक्फ एक्ट पहली बार आजाद भारत का एक्ट बना और उसी में राज्य के बोर्ड का भी प्रावधान किया गया था. 1995 में व्यापक रूप से एक्ट बना. उस समय किसी ने इसे असंवैधानिक, नियमविरुद्ध नहीं कहा. आज हम जब ये बिल ला रहे तो ये बोलने का विचार कैसे आया. जिसका बिल में कोई लेना-देना नहीं है, उसे लेकर आपने लोगों को गुमराह करने का काम किया. 1995 में ट्रिब्यूनल का इंतजाम किया गया.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया है. भारत सरकार की कैबिनेट ने एक बिल अप्रूव करके सदन के सामने रखा. सदन की ओर से ये बिल जेपीसी को दिया गया. कमेटी ने सुविचारित रूप से अपना मत प्रकट किया. वह मत फिर से कैबिनेट के सामने गया. कमेटी के सुझाव कैबिनेट ने स्वीकार किए और संशोधन के रूप में किरेन रिजिजू लेकर आए हैं. अगर ये कैबिनेट के अप्रूवल के बगैर आता तो पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज कर सकते थे. ये कांग्रेस के जमाने जैसी कमेटी नहीं है. हमारी कमेटियां दिमाग चलाती हैं.
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किए जाने का विरोध किया और कहा कि ये लेजिस्लेचर को बुल्डोज करने जैसा है. उन्होंने सदस्यों के संशोधन प्रस्ताव का मुद्दा उठाया. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जितना समय सरकारी संशोधनों को दिया है, उतना ही समय गैर सरकारी संशोधनों को भी दिया है. दोनों में कोई अंतर नहीं किया गया है. आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज करते हुए कहा कि हम ओरिजिनल बिल पर चर्चा करने नहीं जा रहे हैं. ये जेपीसी की रिपोर्ट के बाद नए प्रावधान के साथ आ रहा बिल है. ये टेक्निकल मैटर है. रूल 81 को सस्पेंड किए बिना इन पर चर्चा का इस सदन को अधिकार नहीं है. नए ड्राफ्ट में कई नए प्रावधान हैं. मंत्री प्रस्ताव पेश कर सकते हैं, जेपीसी की संस्तुतियों को शामिल करने का प्रावधान कर सकते हैं लेकिन जेपीसी के पास नए प्रावधान जोड़ने का पावर नहीं है.
संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजीजू लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करेंगे.
रविशंकर प्रसाद
अनुराग ठाकुर
संबित पत्रा
जगदंबिका पाल
पी पी चौधरी
निशिकांत दुबे
जस्टिस अभिजीत गांगुली
स्मिता उदय वाघ
कमलजीत सहरावत
तेजस्वी सूर्या
लोकसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक पेश होगा. लोकसभा सांसदों की संख्या 543 है. ऐसे में बिल के समर्थन के लिए 543 वोट चाहिए.
बीजेपी+ 296
बीजेपी 240
टीडीपी 16
जेडीयू 12
शिवसेना(शिंदे) 7
एलजेपी 5
आरएलडी 2
जन सेना 2
जेडीएस 2
यूपीपी (लिबरल) 1
एजेपी 1
वॉयस ऑफ पीपुल पार्टी (मेघालय) 1
अपना दल 1
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा 1
अजासू 1
नेशनल पीपुल पार्टी 1
सिक्किम क्रांति पार्टी 1
जोराम पीपुल मोमेंट 1
कांग्रेस+
234
अन्य
14
वक्फ बिल पेशी से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर बड़ी हलचल देखने को मिली. जहां एक तरफ किरेन रिजीजू ने सुबह 10 बजे बीजेपी की व्हिप मीटिंग की. इस बैठक में सभी सांसदों की उपस्थिति को बिल के पेश होने से लेकर वोटिंग तक सुनिश्चित करने को कहा है. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वक्फ बोर्ड बिल पेश होने से पहले सांसदों के साथ बैठक की. इस बिल के विरोध में रणनीति तय की गई.
लोकसभा में आज पेश होने जा रहे वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में महिलाएं सामने आई हैं.
वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में चर्चा के दौरान उपस्थित रहने के फैसले के बाद बीजेपी, जेडीयू, टीडीपी और कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत सभी राजनीतिक दलों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है. इसका मतलब ये है कि इन पार्टियों ने अपने सभी सांसदों को वोटिंग के दौरान लोकसभा में उपस्थित रहने का आदेश दिया है और जो सांसद ऐसा नहीं करेगा, उसके खिलाफ उसकी पार्टी एक्शन ले सकती है.
वक्फ संशोधन बिल को लेकर जेडीयू, टीडीपी और एलजेपी (R) के रुख को लेकर कल तक अटकलें लगती रहीं. लेकिन तीनों दलों ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर बिल का समर्थन करने को कहा है. यानी लोकसभा में नंबर को लेकर सरकार की बड़ी चिंता खत्म हो गई है. इस बिल पर बहस के बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू रात साढ़े 8 बजे अपना जवाब देंगे और इसी जवाब के बाद इस बिल पर वोटिंग कराई जाएगी.
दोपहर 12 बजे संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में पेश करने जा रहे हैं. लोकसभा में बिल पर बहस के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया है. सत्ता पक्ष यानी एनडीए को 4 घंटे 40 मिनट का वक्त दिया गया है. इसमें बीजेपी के वक्ता 4 घंटे बोलेंगे. इसके बाद वोटिंग कराई जाएगी. ये फैसला मंगलवार को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में हुआ, जिसे विपक्षी नेता बीच में ही छोड़कर चले गए थे. बीजेपी की तरफ बोलने वाले पहले वक्ता जगदंबिका पाल होंगे, जो वक्फ संशोधन बिल पर बनी जेपीसी के अध्यक्ष थे.
केंद्र की एनडीए सरकार आज लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) पेश करने जा रही है. दोपहर 12 बजे बिल पर बहस शुरू होगी. बीजेपी समेत एनडीए के सभी सहयोगी दलों ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है. बहस के दौरान लोकसभा में भारी हंगामे के आसार हैं. बिल के खिलाफ विपक्ष लामबंद है. इससे पहले सुबह साढ़े 9 बजे कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में विधेयक के विरोध को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सभी सेक्युलर दलों से बिल का पुरजोर विरोध करने की अपील की है.