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सरकार की राह आसान, JDU और TDP दोनों वक्फ बिल के सपोर्ट में आईं, संसद में दिए ये तर्क

जेडीयू सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है. ये बिल कहीं से भी मुसलमान विरोधी नहीं है. वक्फ कोई मुस्लिम संस्था है क्या. वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, एक ट्रस्ट है जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है. उस ट्रस्ट को ये अधिकार होना चाहिए कि वो सभी वर्गों के लोगों के साथ न्याय करे जो नहीं हो रहा है.

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जेडीयू और टीडीपी ने किया वक्फ संशोधन बिल का समर्थन
जेडीयू और टीडीपी ने किया वक्फ संशोधन बिल का समर्थन

वक्फ संशोधन बिल आज लोकसभा में पेश हो रहा है. इस विधेयक को पारित कराने के लिए एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां एकजुट हैं जबकि INDIA ब्लॉक इसके विरोध में है. सदन में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी ने बिल का समर्थन किया है. 

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तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है. ये संपत्तियां मिसमैनेजमेंट का शिकार हैं. हमारी पार्टी का ये मानना है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिमों के कल्याण के लिए, महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए. हमारा मानना है कि इसमें सुधार होना चाहिए. हम सबसे पहला दल थे जिसने जेपीसी की मांग की थी. 

वक्फ बिल को मिला टीडीपी का साथ

उन्होंने कहा कि 97 लाख से अधिक कम्युनिकेशन हुए. रिवाइज्ड बिल 14 संशोधनों के साथ आया. हमारी पार्टी ने तीन सुझाव दिए थे और तीनों सुझाव माने गए हैं जो मुस्लिमों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं. तेलुगु देशम पार्टी मुस्लिमों के कल्याण, उत्थान के लिए संकल्पित है. हम सरकार से ये अपील करते हैं कि वक्फ बोर्ड का कम्पोजिशन तय करने के लिए राज्य सरकारों को छूट मिले और नियम बनाने की छूट मिले. हम वक्फ बिल का समर्थन करते हैं.

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जेडीयू ने किया बिल का समर्थन

वहीं जेडीयू सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है. ये बिल कहीं से भी मुसलमान विरोधी नहीं है. वक्फ कोई मुस्लिम संस्था है क्या. वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, एक ट्रस्ट है जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है. उस ट्रस्ट को ये अधिकार होना चाहिए कि वो सभी वर्गों के लोगों के साथ न्याय करे जो नहीं हो रहा है. ये विनियामक है और प्रशासनिक निकाय है जो मुसलमानों के हक के लिए काम करता है. 

'मोदी जी का चेहरा नहीं पसंद तो उनकी तरफ मत देखिए'

उन्होंने कहा, 'मोदी जी को कोस रहे हैं, उनका चेहरा पसंद नहीं आ रहा है तो मत देखिए उनकी तरफ. 2013 में आपने जो पाप किया था, उसे समाप्त करके पारदर्शिता लाने का काम किया है. देश की जनता मोदी जी को पसंद करती है इसलिए मोदी जी समाज के हर तबके के लिए काम करने का काम करते हैं. मोदी जी ने आज वक्फ को आपके चंगुल से निकाल के आम मुसलमान की तरफ फेक दिया है उनके कल्याण के लिए काम करने के लिए.'

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'जिनका वक्फ पर कब्जा वो बिल के खिलाफ'

ललन सिंह ने कहा, 'दो तरह के लोग इसके खिलाफ हैं- एक जो वोट के लिए काम करते हैं, दूसरे जिनका वक्फ पर कब्जा था. इस संशोधन के विरोध का कोई कारण नहीं है. वक्फ के काम में कहीं से हस्तक्षेप की बात नहीं है. वक्फ की आमदनी सही जगह खर्च हो, इस पर नजर रखने के लिए संशोधन आया है. इसमें क्या दिक्कत है. आप मुसलमानों के कल्याण के विरोधी हैं क्या. मोदी जी देश को सेक्यूलरिज्म के साथ विकसित भारत बनाने की बात कर रहे हैं, मुस्लिम महिलाओं को भी अधिकार दे रहे हैं. आप देश को बांटकर वोट बैंक के लिए चंगुल में रखना चाहते हैं.'

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