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Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल पर आज आर-पार का दिन, लोकसभा में होगी चर्चा, TDP-JDU के सपोर्ट से सरकार के पक्ष में नंबरगेम

वक्फ संशोधन बिल आज लोकसभा में पेश किया जाएगा. केंद्र की एनडीए सरकार दोपहर 12 बजे बिल को लोकसभा में लाएगी. आज ही वोटिंग होगी और ये तय माना जा रहा है कि मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के सबसे अहम बिल पर आज जीत हासिल कर सकती है. हालांकि, इस बिल को लेकर जबरदस्त घमासान मचा हुआ है. हैरानी इस बात की है कि पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के मुस्लिम नेता बिल के बारे में अलग-अलग राय रखते हैं.

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वक्फ संशोधन विधेयक को आज लोकसभा में पेश किया जाएगा.
वक्फ संशोधन विधेयक को आज लोकसभा में पेश किया जाएगा.

लोकसभा में आज वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश होगा. बीजेपी ने पिच तैयार कर दी है और नीतीश, चंद्रबाबू नायडू समेत एनडीए की सभी पार्टियां लामबंद हो गई हैं. सांसदों के लिए व्हिप भी जारी हो गए हैं. सरकार ने सहयोगी दलों के सुझावों को भी शामिल किया है. इधर, विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है. इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियां संसद में वक्फ संशोधन बिल का विरोध करेंगी. 

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विपक्ष ने भी साफ कर दिया है कि वो बहस और वोटिंग में अपनी आवाज बुलंद करेगा. ऐसे में दोनों ओर से जोरदार टकराव की संभावना है. सुबह साढ़े 9 बजे कांग्रेस संसदीय दल की बैठक होगी. इसमें सोनिया गांधी, नेता विपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे. इस बिल को लेकर जबरदस्त घमासान मचा हुआ है. हैरानी इस बात की है कि पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के मुस्लिम नेता बिल के बारे में अलग-अलग राय रखते हैं. केरल चर्च निकाय ने सभी राजनीतिक दलों से वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया है. बिल पास होने पर दिल्ली की जनता मुस्लिम कमेटी जश्न मनाएगी.

दोपहर 12 बजे से शुरू होगी चर्चा

आज लोकसभा में दोपहर 12 बजे से बहस शुरू होगी. BJP को विधेयक पर चर्चा के लिए 4 घंटे का समय दिया गया है. एनडीए को कुल 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया गया है. बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे आवंटित किए गए हैं. हालांकि, जरूरत के हिसाब से समय बढ़ाया जा सकता है. इस पर स्पीकर ओम बिरला फैसला लेंगे.

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एनडीए के सभी दल एकजुट

वहीं, एनडीए ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है. नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, जीतनराम मांझी, चिराग पासवान ने बिल के समर्थन में वोट करने का ऐलान कर दिया है. संसद का मौजूद सत्र यानी बजट सत्र शुक्रवार को खत्म हो रहा है. ये विधेयक पिछले साल अगस्त में निचले सदन में पहली बार पेश किया गया था, जिसके बाद इसे JPC को भेजा गया था. 

बीजेपी से ये नेता बोलेंगे

लोकसभा में बीजेपी की तरफ से कौन-कौन नेता बोलेगा? पार्टी ने नाम तय कर दिए हैं. जगदंबिका पाल, अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, अभिजीत गंगोपाध्याय, कमलजीत सहरावत, तेजस्वी सूर्या, रविशंकर प्रसाद का नाम शामिल है. 

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लोकसभा में एनडीए के पास पर्याप्त संख्याबल

लोकसभा में एनडीए के पास विधेयक को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्याबल है. हालांकि, सहयोगी टीडीपी और जेडीयू का साथ जरूरी है. टीडीपी, जेडीयू, HAM और एलजेपी (R) समेत सभी एनडीए सहयोगियों ने अपने सांसदों को संसद में उपस्थित रहने और विधेयक का समर्थन करने के लिए व्हिप जारी किया है. लोकसभा में 542 सदस्य हैं. एनडीए के पास निचले सदन में 293 सांसद हैं.इंडिया गठबंधन के पास 235 सांसद हैं. अन्य को भी जोड़ दें तो ये संख्या 249 तक ही जाती है. जबकि बहुमत का नंबर 272 है.

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विपक्ष को लगता रहा कि अगर 16 सांसद वाली टीडीपी और 12 सांसद वाली जेडीयू वक्फ बिल का विरोध कर दें तो गेम पलट सकता है, क्योंकि तब NDA का नंबर घटकर 265 हो जाएगा और बिल के विरोध में नंबर 277 पहुंच जाएगा. लेकिन टीडीपी हो या जेडीयू... दोनों मजबूती से सरकार के साथ हैं. बीजेपी अक्सर निर्दलीय सदस्यों और पार्टियों का समर्थन हासिल करने में सफल रही है.

राज्यसभा में एनडीए का संख्याबल ज्यादा

दूसरी ओर राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं. एनडीए के पास 125 सांसद हैं. 9 सीटें खाली हैं. ऐसे में एनडीए को विधेयक पारित कराने के लिए 118 सांसदों के समर्थन की जरूरत है. यानी एनडीए के पास राज्यसभा में संख्याबल ज्यादा है. उम्मीद है कि लोकसभा से मंजूरी मिलने के बाद राज्यसभा इस विधेयक को पारित करने के लिए विचार करेगा.

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सहयोगी दल विधेयक में बदलाव की मांग उठा रहे

सूत्रों ने बताया कि बीजेपी के कुछ सहयोगी दल विधेयक में बदलाव की मांग कर रहे हैं. बीजेपी के एक सहयोगी दल के नेता ने उम्मीद जताई कि उनके सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा. विधेयक की जांच करने वाली संसद की संयुक्त समिति ने कुछ चिंताओं का समाधान भी किया है. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एनडीए इस मुद्दे पर एकजुट रहेगा. कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत ने विधेयक को अपना समर्थन दिया है.

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दोपहर 12 बजे पेश होगा बिल

पिछले साल विधेयक पेश करते समय सरकार ने इसे दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजा था. समिति द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समिति की सिफारिश के आधार पर मूल विधेयक में कुछ बदलावों को मंजूरी दी थी. केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू दोपहर 12 बजे विधेयक पेश करेंगे, वे पहले वक्ता होंगे. उसके बाद गृह मंत्री अमित शाह मोर्चा संभालेंगे और वक्फ संशोधन विधेयक पर बात रखेंगे. 

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गुरुवार को राज्यसभा में पेश होगा विधेयक

यह विधेयक गुरुवार को राज्यसभा में पेश होगा. चर्चा के लिए कुल 8 घंटे आवंटित किए गए हैं. बीजेपी के स्पीकर्स में सुधांशु त्रिवेदी, राधा मोहन दास अग्रवाल, बृजलाल, मेधा कुलकर्णी, भागवत कराड का नाम शामिल है. 

इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस की रणनीति

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, यह विधेयक संविधान के खिलाफ है, इसलिए पूरा विपक्ष इसका विरोध करेगा और अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियां भी इसमें शामिल होंगी. शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, हम चर्चा में हिस्सा लेंगे और विधेयक के खिलाफ मतदान करेंगे.

आरजेडी भी वक्फ संशोधन विधेयक पर सरकार के खिलाफ मतदान करेगी. आरजेडी सांसदों के लिए व्हिप जारी किया गया. सांसदों को संसद में मौजूद रहने को कहा गया है. लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव के निर्देश पर विधेयक का पुरजोर विरोध किया जाएगा.

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सुबह राहुल गांधी की अध्यक्षता में बैठक

इससे पहले बुधवार सुबह 9:30 बजे संसद भवन में राहुल गांधी की अध्यक्षता में लोकसभा के कांग्रेस सांसदों की बैठक होगी. 3 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे सोनिया गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक होगी.

खड़गे ने बताया विभाजनकारी एजेंडा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, सभी विपक्षी दल एकजुट हैं. वक्फ संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार के असंवैधानिक और विभाजनकारी एजेंडे को हराने के लिए संसद के पटल पर मिलकर काम करेंगे. इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संभावित तीखी बहस के संकेत मिल रहे हैं. कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया है.

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है. विपक्षी दल बहस के लिए और समय चाहते हैं. सदन मणिपुर की स्थिति और वोटर्स के फोटो पहचान पत्र पर विवाद समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है.

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