बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉक्टर राधा मोहन दास अग्रवाल ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान वक्फ बोर्ड की तुलना पुरानी फिल्मों के गुंडों से की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से फिल्मों में गुंडे जिस औरत पर हाथ रख देते थे, वह उनकी हो जाती थी. उसी तरह से ये जिस जमीन पर हाथ रख देते थे, वह जमीन इनकी हो जाती थी. वक्फ बाई यूजर इनका बड़ा हथियार था. इस दौरान सांसद ने वो किस्सा भी सुनाया, जब AIMIM सांसद ओवैसी ने उन्हें मौलाना कहा था.
सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने सदन में अपने भाषण के दौरान कहा कि, 'किसी की जमीन पर कुछ दिन नमाज क्या पढ़ ली, वक्फ बाई यूजर वो जमीन वक्फ बोर्ड की हो गई. तमिलनाडु में 1500 साल पुराना मंदिर भी वक्फ प्रॉपर्टी घोषित कर दिया गया. हमने मौलाना से पूछा कि ये बताओ कि कुरान में कहां लिखा है, किस हदीस में लिखा है कि जो संपत्ति किसी ने दान की ही नहीं, वह आपकी कैसे हो गई. इसका कोई जवाब किसी के पास नहीं था.'
उन्होंने आगे कहा कि, ओवैसी साहब उस सदन में बैठते हैं, उन्होंने मेरा नाम रख दिया मौलाना राधा मोहन दास अग्रवाल. उन्होंने कर्नाटक में वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले नेताओं के नाम की लिस्ट पढ़ी और कहा कि ये रिपोर्ट जेपीसी में टेबल हुई थी. बीजेपी सांसद ने कहा कि एक नाम इस सदन की मर्यादा में लेने से इनकार करता हूं, वो सदन में हैं भी नहीं. सबको पता है कि वो नाम क्या होगा.
नसीर हुसैन पर भी किया पलटवार
बीजेपी सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि नसीर हुसैन जब राज्यसभा चुनाव जीते थे, तब बेंगलुरु में था. वहां कर्नाटक की विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लग रहे थे. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया तो उन्हें जेल में डाल दिया गया. इस पर विपक्ष की ओर से हंगामा शुरू हो गया. हंगामें पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीच में टोकाटाकी नहीं होगी. ये दोनों पक्षों के लिए होना चाहिए.
सती प्रथा, बाल विवाह और विधवा विवाह का किया जिक्र
इसके बाद राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है महिलाओं और पिछड़ा मुसलमानों के लिए. उन्होंने सती प्रथा, बाल विवाह, विधवा विवाह को लेकर आए कानून गिनाए और कहा कि मुस्लिमों के लिए 75 साल बाद सुधार के लिए इस ऐतिहासिक विधेयक को पहली बार लाने का काम किया.
उन्होंने जनधन से लेकर उज्ज्वला योजना तक, मुस्लिम लाभार्थियों के डेटा गिनाए और कहा कि पीएम ने हम सांसदों से कहा कि लोग कहते हैं कि मुस्लिम बीजेपी को वोट नहीं देते. ये गलत बात है. वे देते हैं और नहीं भी देते तो क्या वे देश के नागरिक नहीं हैं. क्या उनका काम नहीं होना चाहिए. सरकार के स्तर पर जो कुछ भी कर सकती है मुस्लिमों की बेहतरी के लिए, हम करने का प्रयास करेंगे.