उत्तरी कर्नाटक के विजयपुरा में होनवाड़ा में किसानों की पुश्तैनी जमीन पर वक्फ की संपत्ति होने के दावे पर विवाद बढ़ता जा रहा है. भाजपा ने सोमवार को कहा कि विजयपुरा जिले में राजस्व अभिलेखों में रातों रात वक्फ बोर्ड का नाम डाल दिया गया और किसानों से उनकी पुश्तैनी जमीन को खाली करने का निर्देश दिया गया है.
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कर्नाटक में विजयपुरा जमीन हड़पने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. केवल नोटिस ही नहीं, वक्फ बोर्ड का नाम विजयपुरा में रातों रात राजस्व रिकॉर्ड में शामिल किया गया. वक्फ नाम को शामिल करने के लिए आरटीसी (अधिकारों का रिकॉर्ड, किरायेदारी और फसलों का रिकॉर्ड) म्यूटेशन किया गया.
44 अभिलेखों में वक्फ बोर्ड का नाम डाला
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन हफ्ते में विजयपुरा में 44 संपत्तियों के भूमि अभिलेखों में वक्फ बोर्ड का नाम डाल दिया गया. कई मामलों में किसानों को नोटिस दिए बिना भूमि रिकॉर्ड बदल गया है, जिससे इंडी तालुका के किसान हैरान हैं.
'ना कोई नोटिस, ना कोई सुनवाई'
बीजेपी नेता ने कहा कि कोई नोटिस नहीं, कोई सुनवाई नहीं, कर्नाटक के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री जमीर अहमद खान की अधिकारियों के साथ बैठक के दो दिन बाद ही वक्फ बोर्ड का नाम आरटीसी के कॉलम नंबर 11 पर आ गया है. इंडी तालुका में 41 और चाडचान तालुका में 3 संपत्तियों से संबंधित आरटीसी को वक्फ बोर्ड का नाम दिया गया. इसके अलावा पिछले तीन हफ्तों में 433 किसानों को नोटिस दिए गए हैं जो विजयपुरा जिले में 124 सर्वेक्षण नंबरों से जुड़े हैं.
उन्होंने दावा किया कि वक्फ विवाद के बाद कांग्रेस सरकार डैमेज कंट्रोल के मोड़ में आई है. सहायक आयुक्त आबिद ग्याल से वक्फ बोर्ड के पक्ष में आरटीसी में किए गए म्यूटेशन को वेरीफाई करने और किसानों से रिकॉर्ड मांगने के लिए कहा गया है.
किसानों ने लगाए ये आरोप
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में कर्नाटक वक्फ बोर्ड की ओर किसानों को नोटिस मिला कि वह अपनी पुश्तैनी संपत्ति खाली कर दें.इसके बाद किसानों में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया. किसानों ने आरोप लगाया कि आवास एवं वक्फ मंत्री बी.जेड जमीर अहमद खान के विजयपुरा दौरे के तुरंत बाद उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं. जिसमें उन्होंने उपायुक्त को वक्फ जमीन पर बैठे किसानों को नोटिस देने का निर्देश दिया गया था.
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मामला उनके संज्ञान में लाए बिना ही इंडी तालुका के तेनाहल्ली गांव और टिकोटा तालुका के होनवाड़ा गांव के किसानों के भूमि अभिलेखों में बदलाव कर उन्हें वक्फ के पक्ष में कर दिया गया.
वहीं, इस मामले पर कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री एमबी पाटिल ने कहा था कि वक्फ बोर्ड के दावे पर भ्रम राजपत्र में त्रुटि के कारण था. विजयपुरा के जिला प्रभारी मंत्री पाटिल ने कहा कि 1,200 एकड़ में से केवल 11 एकड़ ही वक्फ संपत्ति है. इसमें 10 एकड़ और 14 गुंटा में फैला कब्रिस्तान शामिल है, जबकि शेष 24 गुंटा पर ईदगाह, मस्जिद और अन्य संरचनाएं हैं. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "बाकी सारी जमीन किसानों की है, जिसकी पुष्टि स्थानीय तहसीलदार और जिला आयुक्त ने की है."