कर्नाटक सरकार ने लैंड म्यूटेशन रिकॉर्ड बदलने और वक्फ कानून के तहत किसानों को जमीन खाली कराने का नोटिस देने वाले अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही है. कर्नाटक सरकार ने चेतावनी दी है कि उन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जो लैंड म्यूटेशन रिकॉर्ड बदलते हैं और वक्फ अधिनियम के तहत किसानों को बेदखली नोटिस देते हैं.
राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव राजेंद्र कुमार कटारिया ने एक पत्र में सभी क्षेत्रीय आयुक्तों और जिलों के उपायुक्तों को लिखा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में कर्नाटक वक्फ बोर्ड के पक्ष में कुछ भूमि संपत्तियों के निर्माण की शिकायतों के बाद एक बैठक की थी. इस बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि किसी भी सरकारी कार्यालय या प्राधिकरण द्वारा म्यूटेशन रिकॉर्ड को बदलने के लिए पहले जारी किए गए सभी निर्देश वापस ले लिए गए हैं.
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इसमें कहा गया है कि पूर्व में दिए गए सभी नोटिस भी वापस ले लिए गए हैं और उक्त भूमि पर खेती करने वाले किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. कटारिया ने अपने पत्र में कहा, "मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद रिमाइंडर-2 देने वाले अधिकारियों को उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा."
किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी-सिद्दारमैया
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि वक्फ बोर्ड के पक्ष में किसी भी प्रकार के लिए गए कदम को वापस लिया जाए और किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए. उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में जिन अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन किया है उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.