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भारतीय वायुसेना ने बालाकोट एयर स्ट्राइक का दूसरा साल मनाने के लिए शनिवार को लंबी दूरी की स्ट्राइक की. यह एक तरह का अभ्यास की तरह ही था. खास बात यह है कि इस स्ट्राइक को अंजाम देने वाले सदस्य वे लोग थे, जिन्होंने असल में बालाकोट एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया था. यानी आज की लंबी दूरी के स्ट्राइक अभ्यास में बालाकोट एयर स्ट्राइक को अंजाम देने वाला स्क्वॉड्रन ही शामिल था.
भारतीय वायुसेना प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने भी इस मौके पर असल ऑपरेशन को अंजाम देने वाले स्क्वॉड्रन पायलटों के साथ मल्टी एयरक्राफ्ट सॉर्टी उड़ाया. वायुसेना ने इस मौके पर लंबी दूरी से एक ठिकाने को ध्वस्त करने का अभ्यास किया. टारगेट प्रैक्टिस मिशन को राजस्थान सेक्टर में अंजाम दिया गया था. जबकि वायुसेना प्रमुख ने ग्वालियर में उड़ान भरा.
जाहिर है भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर जोरदार एयर स्ट्राइक की थी. वायुसेना ने आज का यह कार्यक्रम बालाकोट एयर स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ को अपने अंदाज में याद रखने के लिए आयोजित किया था. एयर स्ट्राइक वायुसेना के उन्हीं जांबाज वीरों ने अंजाम दी जिन्होंने बालाकोट में आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त किए थे.
IAF @IAF_MCC carried out a long range precision strike against a practice target to mark the second anniversary of Balakot Operations. Pilots of the same squadron who carried out the actual operation destroying a terror camp in Pakistan 2 years back participated @IndiaToday pic.twitter.com/yN6wAJ10QF
— Abhishek Bhalla (@AbhishekBhalla7) February 27, 2021
दिन मंगलवार, 26 फरवरी 2019. रात के करीब 3.00 बजे थे. जब IAF के 12 मिराज 2000 फाइटर जेट लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पार कर पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हुए और बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. बाद में इसे बालाकोट एयर स्ट्राइक के नाम से जाना गया.
सरकारी दावे के मुताबिक मिराज 2000 ने आतंकी ठिकानों पर करीब 1000 किलो के बम गिराए जिसमें तकरीबन 300 आतंकी मारे गए. पाकिस्तान को भारत की इस कार्रवाई की भनक तक नहीं लगी थी. भारत की तरफ से पाकिस्तान पर यह हमला 12 दिन पहले पुलवामा में की गई आतंकी हमले का बदला लेने के लिए की गई थी.
दरअसल 14 फरवरी 2019 को आतंकियों ने देश के सुरक्षाकर्मियों पर कायराना हमला किया था. इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे. जम्मू-कश्मीर राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन को सीआरपीएफ जवानों की बस से टक्कर मार दी थी. इस टक्कर के बाद एक जोरदार धमाका हुआ और बस से जा रहे सीआरपीएफ के जवानों के क्षत विक्षत शरीर जमीन पर बिखर गए थे.