scorecardresearch
 

वायनाड में जिन घरों को भूस्खलन से छोड़ने को मजबूर हुए लोग, वहां अब हो रही है चोरी और लूट

एक पीड़ित ने कहा, 'हम वो लोग हैं जिन्होंने इस त्रासदी में अपना सब कुछ खो दिया है. त्रासदी के दौरान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमने अपना घर छोड़ दिया था. लेकिन जब हम उसके बाद अपने घर की स्थिति की जांच करने के लिए वापस लौटे, तो हमने पाया कि दरवाजे टूटे हुए थे.'

Advertisement
X
वायनाड में घरों को लूट रहे चोर. PTI
वायनाड में घरों को लूट रहे चोर. PTI

केरल के वायनाड में एक ओर जहां कुदरत ने आफत बरसा रखी है तो वहीं दूसरी ओर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटनाएं भी सामने आ रही हैं. भूस्खलन का दंश झेल रहे कई परिवार अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं. लेकिन अब उन्होंने पुलिस से शिकायत है कि जिंदगी बचाने के लिए जिन घरों को उन्होंने छोड़ा है वहां अब चोर-उचक्कों का आना-जाना बढ़ गया है. घरों में चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं. कई लोगों ने अपने घरों में चोरी की शिकायत की है, जिसके चलते पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है. विस्थापित निवासियों को संदेह है कि चोर इस आपदा का फायदा उठाकर उनके कीमती सामान चुरा रहे हैं.

Advertisement

पुलिस से लोगों ने की शिकायत

प्रभावित लोगों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है कि वे इलाके में गश्त बढ़ाएं और चोरों को पकड़कर दंडित करें. एक पीड़ित ने मीडिया से कहा, 'हम वो लोग हैं जिन्होंने इस त्रासदी में अपना सब कुछ खो दिया है. त्रासदी के दौरान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमने अपना घर छोड़ दिया था. लेकिन जब हम उसके बाद अपने घर की स्थिति की जांच करने के लिए वापस लौटे, तो हमने पाया कि दरवाजे टूटे हुए थे.' उन्होंने शिकायत की कि चोरों ने रिसॉर्ट में उनके कमरे को भी निशाना बनाया जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं और उनके कपड़े चुरा लिए.

Wayanad

यह भी पढ़ें: वायनाड में शशि थरूर के 'यादगार दिन' वाले पोस्ट पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया, भाजपा ने उठाए सवाल

Advertisement

पुलिस ने इलाके में बढ़ाई गश्त

अधिकारियों ने शनिवार शाम एक बयान में कहा कि चूरलमाला और मुंडक्कई समेत आपदा प्रभावित इलाकों में पुलिस गश्त शुरू कर दी गई है. अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति के रात में प्रभावित इलाकों या पीड़ितों के घरों में प्रवेश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने कहा कि बचाव अभियान के नाम पर रात में पुलिस की अनुमति के बिना किसी को भी प्रभावित क्षेत्रों या घरों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है.

Wayanad

यह भी पढ़ें: वायनाड में अब तक 358 मौतें, 200 लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन टीम के साथ दिखे एक्टर मोहनलाल

215 लोगों की हुई मौत

वायनाड में हुए भयानक भूस्खलन के बाद प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी है. इस हादसे में मृतकों की संख्या 350 से ज्यादा हो गई है, जबकि 206 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. उधर, आईएमडी ने वायनाड में 6 अगस्त तक बारिश होने का अनुमान जताया है. ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हो सकता है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement