देश के अधिकांश राज्यों में इन दिनों खूब बारिश हो रही है, जिसकी वजह से कई राज्यों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं. मौसम विभाग (IMD) ने आज, 12 जुलाई को कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मेघायल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का भी भारी बारिश के कारण बुरा हाल है. सुबह-सुबह मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है. इस बीच मौसम विभान ने आज और कल यानी दो दिन भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की है. ऐसे में मुंबईवासियों के लिए 48 घंटे भारी हो सकते हैं.
दिल्ली का मौसम
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में आज यानी 12 जुलाई को आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में इस पूरे हफ्ते हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है. IMD के मुताबिक, इस पूरे सप्ताह दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की संभावना है.
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दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना
देश के मौसम का हाल
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर बिहार, दक्षिण गुजरात, कोंकण और गोवा और तटीय कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश संभव है. वहीं, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, लक्षद्वीप, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना के कुछ हिस्सों और दक्षिण छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
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इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. लद्दाख, जम्मू कश्मीर, गंगीय पश्चिम बंगाल, सौराष्ट्र और कच्छ, रायलसीमा, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हल्की बारिश संभव है.
देश की मौसमी गतिविधियां
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, मॉनसून कि अक्षय रेखा जैसलमेर, कोटा, शिवपुरी, सतना, डाल्टनगंज, पुरलिया, कोंटाई और फिर पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग से होकर गुजर रही है. उत्तर-पूर्व असम और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. वहीं, पूर्व-पूर्व उत्तर प्रदेश से उत्तर-पूर्व असम के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के ऊपर एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ, जो समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर उत्तर बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से होकर गुजर रही है.
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इसके अलावा कच्छ के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है. उत्तर महाराष्ट्र तट से केरल तट तक एक द्रोणिका फैली हुई है. लगभग 20° उत्तरी अक्षांश पर समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर ऊपर एक कतरनी क्षेत्र बना हुआ है. उत्तर-पूर्व राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है.