Weather report: पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) के चलते राजस्थान के कई इलाकों में बारिश हो सकती है. ऐसे में दिसंबर के पहले हफ्ते होने वाली बारिश से उत्तर भारत में ठंड बढ़ जाएगी. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार दक्षिणी अंडमान सागर में आगामी 12 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र के बनने की संभावना है. साथ ही राज्य में एक दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के भी सक्रिय होने की संभावना है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक दिसंबर को राजस्थान के जोधपुर,कोटा, उदयपुर संभाग में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है. वहीं दो दिसंबर को राज्य के जोधपुर,कोटा, जयपुर, उदयपुर व अजमेर संभाग के जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा तथा उदयपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा भी होने की संभावना है.
इसी तरह तीन दिसंबर को भी राज्य के कई हिस्सों कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है जबकि चार दिसंबर को एक बार पुनः राज्य में मौसम शुष्क होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा राजधानी दिल्ली और एनसीआर इलाके में हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है. हालांकि, अधिकांश जगहों पर अभी भी प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में है.
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, नवंबर का महीना शुष्क रहने के बाद दिसंबर के पहले सप्ताह से ही बारिश की शुरुआत होने की उम्मीद है.दिल्ली में औसतन AQI 362 रिकॉर्ड किया गया जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली में बीते दिन (सोमवार) यानी 29 नवंबर को एक्यूआई 406 दर्ज किया गया था.
इसके अलावा चेन्नई में भारी बारिश का दौर जारी है. आने वाले दिनों में कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी और रामनाथपुरम सहित दक्षिणी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी. चेन्नई और अन्य तटीय जिलों में मध्यम बारिश होगी. आईएमडी ने कहा कि निचले स्तर में कोमोरिन क्षेत्र और उससे सटे श्रीलंका तट पर चक्रवाती परिसंचरण अरब सागर में आगे बढ़ सकता है और उभर सकता है.
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