
उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है. वहीं, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश पर बना चक्रवाती सिस्टम उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ गया है. मौसम विभाग (Indian Met Department) के अनुसार उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश की संभावना है. IMD ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून (Monsoon) की वापसी के लिए सितंबर के दूसरे सप्ताह से परिस्थितियां अनुकूल हैं.
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 12 घंटे में राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और पुडुचेरी में गरज के साथ बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने 3 से 9 सितंबर के पूर्वानुमान को लेकर कहा कि उत्तराखंड में दूर-दराज क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान है. जबकि अगले दो सप्ताह में बारिश में कमी आने की संभावना है.
i) Scattered to Fairly widespread rainfall with isolated heavy rainfall accompanied with thunderstorm & lightning very likely over Rajasthan.
— India Met. Dept. (@Indiametdept) September 5, 2020
ii) Isolated to scattered rainfall with isolated thunderstorm & lightning very likely over West Uttar Pradesh, Haryana, Chandigarh & Delhi
दिल्ली के मौसम का हाल
देश की राजधानी दिल्ली में दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच शाम के वक्त मौसम ने करवट ली. दिल्ली में कुछ जगहों पर हवा के साथ बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. वहीं, कुछ इलाकों में तेज बारिश से सड़कों पर जलभराव देखने को मिला.
#WATCH Delhi: Rain lashes parts of the national capital; visuals from Rajpath. pic.twitter.com/dCflqsgzmY
— ANI (@ANI) September 5, 2020
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को हल्की बारिश की संभावना है. राजधानी में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग ने दिल्ली में शनिवार को दिनभर बादल छाने के बाद कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी का पूर्वानुमान जताया है.
उत्तराखंड-हिमाचल में उफान पर नदियां
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में भी कुदरत का कहर बरप रहा है, नदियां उफान पर हैं. वहीं, उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश कहर बरपा रही है. भारी बारिश के कारण पहाड़ का जनजीवन अस्त-व्यस्त है. उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश से जलभराव की स्थिति बन गई है. वहीं महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर बारिश हुई.
Maharashtra: Rain lashes parts of Pune; visuals from Pune Camp area. India Meteorological Department (IMD) predicted, 'thunderstorm with rain' in the city today. pic.twitter.com/g18JRUrZpB
— ANI (@ANI) September 5, 2020
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में भूस्खलन की वजह से नेशनल हाइवे-3 हंगोई मंदिर के पास से ब्लॉक हो गया है. भूस्खलन की वजह से हाइवे पर यातायात बाधित है. वहीं, रास्ते को साफ करने का काम चल रहा है.
Himachal Pradesh: Traffic movement blocked at Dwara on National Highway 3, near Hanogi temple, in Mandi district, following landslide; restoration work underway pic.twitter.com/jlm9wksBqV
— ANI (@ANI) September 5, 2020
इन राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, दक्षिणी छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी तेलंगाना, कर्नाटक केरल और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, विदर्भ और मराठवाड़ा में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ मध्यम वर्षा हो सकती है.
♦ Moderate thunderstorms with lightening very likely over Rajasthan, Haryana, Chandigarh & Delhi, west Uttar Pradesh, Chhattisgarh, Vidarbha, Odisha, East Madhya Pradesh, north Madhya Maharashtra & Marathwada and Tamilnadu, Puducherry & Karaikal during next
— India Met. Dept. (@Indiametdept) September 5, 2020
12 hours. pic.twitter.com/aZhdWiPLCd
बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के कई इलाकों में मूसलाधार नदियां उफान पर हैं. इन राज्यों में कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात हैं. उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार को तेज बारिश से सड़कों पर सैलाब का मंजर दिखाई दिया. वहीं, वाराणसी में गंगा नदी उफान पर है. सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं. दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों पर सैलाब का पानी आने और गंगा के उफान की वजह से आरती का स्थान बदला गया.
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ाव की ओर है. गंगा नदी चेतावनी के निशान से लगभग डेढ़ मीटर तो खतरे के निशान से लगभग ढाई मीटर ही शेष रह गई है. गंगा में बढ़ाव का असर कई दिनों पहले से ही दिखना शुरू हो चुका था. जब सभी 84 पक्के घाटों का आपसी संपर्क टूटा था. गंगा जिस रफ्तार से बढ़ रही है उसको देखकर कहा जा सकता है कि अब जल्द ही गंगा का पानी शहर की ओर बढ़ सकता है.
मध्य प्रदेश में भारी बारिश से फसलों को नुकसान
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में इस बार बेहिसाब बरसात ने प्रलय की स्थिति ला दी है. नरसिंहपुर में चार दिनों की बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है. आस पास के गांव भी पानी पानी हैं, कई जगह लोगों ने गांव छोड़कर ऊंचाई वाली जगहों पर शरण ली है.