देशभर में पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, ऐसे में बंगाल की सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले 'राज्य कर' में एक रुपए की कटौती करने का फैसला लिया है. 21 फरवरी के दिन राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा (Amit Mitra) ने पेट्रोल डीजल पर लगने वाले स्टेट टैक्स में से एक रुपया घटाने का फैसला लिया है. ये फैसला 23 फरवरी की रात 12 बजे से ही लागू हो जाएगा.
20 फरवरी के दिन कोलकाता में पेट्रोल की कीमतें 91.77 रुपए तक पहुंच गई थीं. 1 लीटर पेट्रोल पर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला टैक्स और सेस मिलकर 32.90 रुपए होते हैं. इसी प्रकार डीजल पर लगने वाले केंद्रीय टैक्स और सेस मिलकर 31.80 रुपए होते हैं. जिसे मिलाकर बंगाल में डीजल की कीमत 84.55 रुपए लीटर तक पहुंच चुकी है.
पेट्रोल-डीजल पर राज्य का टैक्स घटाते हुए बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने केंद्र सरकार पर हमला बोला, उन्होंने कहा ''केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर लगाए जाने वाले 32.90 रुपए टैक्स में से 20.50 रुपए तो सेस में ही चला जाता है, यानी केंद्रीय कर का 62% सेस में ही चला जा रहा है. इसी प्रकार डीजल पर लगने वाले 31.80 रुपए केंद्रीय कर में से 22 रुपए सेस में चला जाता है. यानी केंद्रीय कर का 69%. और हम सब ये जानते ही हैं कि 'सेस' में से केंद्र सरकार को राज्यों के लिए कुछ भी वापस नहीं करना होता है, इस प्रकार केंद्र सरकार सेस के रूप में राज्यों के टैक्स का एक बहुत बड़ा अमाउंट वापस ही नहीं करती.
यहां ये बताना जरूरी है कि जब मोदी सरकार आई थी तब लगने वाले सेस, कुल करों का मात्र 8 प्रतिशत थे. लेकिन अब मोदी सरकार ने सेस की मात्रा कुल करों का 14.5% तक पहुंचा दी है. यही कारण है कि कैग ने भी मोदी सरकार से सवाल किया था कि सरकार सेस बढ़ाती जा रही है, टैक्स क्यों नहीं बढ़ा रही है? ये सीधे-सीधे देश के फेडरल स्ट्रक्चर पर हमला है.
(इनपुट- सूर्याग्नि)