केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस की सुरक्षा बढ़ा दी है. खुफिया विभाग द्वारा खतरे के आकलन की रिपोर्ट की गृह मंत्रालय की ओर से राज्यपाल सीवी आनंद बोस को Z+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है.
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को अब जेड प्लस सिक्योरिटी दी गई है. खुफिया विभाग के खतरे को आकलन की रिपोर्ट के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा दी है. अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के कमांडो राज्यपाल सीवी आनंद बोस की सुरक्षा देंगे. इंटेलिजेंस ब्यूरो ने राज्यपाल सीवी बोस की थ्रेट रिपोर्ट तैयार की है. सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल बनने से पहले सीवी आनंद बोस पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की जांच कमेटी में शामिल थे.
कौन हैं सीवी आनंद बोस?
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी डॉ. सी.वी आनंद बोस को नवंबर 2022 में पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया. केरल कैडर के 1977 बैच के रिटायर्ड आईएएस सीवी आनंद बोस ने कलेक्टर से गवर्नर बनने का लंबा सफर तय किया. उन्होंने आखिरी बार 2011 में रिटायर होने से पहले नेशनल म्यूजियम में एक प्रशासक के रूप में काम किया था. वह केंद्र में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. बोस ने अपने कैडर राज्य केरल और केंद्र दोनों में अलग-अलग पदों पर काम किया. वह केरल में क्विलोन जिले (अब कोल्लम) के कलेक्टर रहे हैं. उनके आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री के सचिव और कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी कार्य किया.
केरल के RSS नेताओं को मिली थी सुरक्षा
इससे पहले अक्टूबर, 2022 में केरल के आरएसएस 5 नेताओं को वाई श्रेणी की सुरक्षी दी गई थी. एनआईए की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएफआई से इन नेताओं को खतरा था. उन नेताओं की सुरक्षा में पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडो तैनात किए गए थे.