पश्चिम बंगाल में खड्गपुर के आईआईटी कॉलेट में कुल 31 छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. इस बात की पुष्टि मिदनापुर जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर भुवन चंद्र हाजदा ने की है. दरअसल 27 दिसंबर से छात्रों ने आईआईटी कैंपस में आना शुरू किया था. लगभग 2000 छात्र इसी बीच आ चुके हैं, लेकिन इस दौरान कुछ स्टाफ कोरोना संक्रमित हुए. उनसे संपर्क में रहने वाले छात्रों का जब टेस्ट किया गया तो 31 छात्र संक्रमित पाए गए. अब विश्वविद्यालय ने और भी छात्रों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया है और जितने भी चिन्हित छात्र पाए जा रहे हैं सभी का कोरोना टेस्ट करवाया जा रहा है.
कोरोना संक्रमित 31 छात्रों को आईआईटी कैंपस में ही क्वारंटीन में रखा गया है. सिर्फ यही नहीं कोलकाता के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक एनआरएस अस्पताल के 70 डॉक्टर भी करोना प्रभावित पाए गए हैं. इनमें डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर और नर्स शामिल हैं. दूसरे अस्पतालों में भी लगातार डॉक्टर्स कोरोना की चपेट में आ रहे हैं. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आज एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई गई है और अगला कदम तय किया जा रहा है.
सिर्फ यही नहीं पूर्व रेलवे के 120 कर्मचारी भी कोरोना प्रभावित पाए गए हैं. हालांकि अभी इस वजह से रेलवे के कामकाज में कोई परेशानी नहीं हो रही है. बता दें कि बंगाल में कोरोना पिछले 1 सप्ताह में कई गुना बढ़ चुका है. कल यानी 2 जनवरी के हेल्थ बुलिटिन में बंगाल में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 6153 मामले सामने आए. जबकि कोलकाता में 3000 से भी ज्यादा मामले सामने आए थे. सिर्फ 1 सप्ताह पहले तक पश्चिम बंगाल में कोरोना के कुल मामले 450 के आसपास थे, जबकि कोलकाता में ये 200 के आसपास थे. ऐसे में कोरोना विस्फोट के मद्देनजर कल राज्य सरकार ने कई पाबंदियां भी लगाई है.