पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मालदा (Malda) में राशन डीलरों द्वारा घटिया गुणवत्ता वाली राशन सामग्री उपलब्ध कराने के खिलाफ भारी विरोध हो रहा है. लोगों ने शिकायत की है कि चावल में कीड़े हैं और जो आटा दिया जा रहा है, वह भी खराब क्वालिटी का है. डीलर और प्रखंड प्रशासन से शिकायत करने के बाद भी इस समस्या का कोई हल नहीं निकल सका है. वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोल दिया है.
मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर ब्लॉक नंबर 1 से संबंधित रेडियल गांव में घटिया क्वालिटी की राशन सामग्री के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन की वजह से काफी परेशानी पैदा हुई. रेडियल क्षेत्र के लोग तुलसीहाटा के राशन डीलर जगदीश प्रसाद राम से राशन लेते हैं. ग्राहकों की लंबे वक्त से शिकायत रही है कि उन्हें घटिया क्वालिटी का सामान दिया जाता है. कई बार चावल में कीड़े भी पड़े होते हैं. लोगों को मिल रहे आटे की गुणवत्ता भी काफी खराब है और इसमें चावल का पाउडर मिला हुआ है.
खराब राशन को लेकर विरोध प्रदर्शन
ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने डीलर से शिकायत की लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया. ब्लॉक प्रशासन से भी कहा तो कोई समाधान नहीं हुआ. इसके बाद ग्राहकों ने राशन डीलर जगदीश प्रसाद राम को घेरकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. हालांकि, डीलर का दावा है कि वह वही सामान दे रहा है, जो वितरक उसे देता है. हर जगह वह सामान दिया जा रहा है, अगर चावल में कोई समस्या होती, तो उसे वापस ले लिया जाता है.
राज्य सरकार पर बीजेपी का हमला
इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र की तरफ से जनता को राशन भेजा जा रहा है लेकिन उस सामग्री को जमीनी स्तर पर चोरों द्वारा बेच दिया जाता है. इसके बदले लोगों को निम्न गुणवत्ता वाले उत्पाद दिए जा रहे हैं. बीजेपी नेता रूपेश अगरोला ने आरोप लगाया कि पूरे राज्य में इसी तरह से राशन भ्रष्टाचार हो रहा है. केंद्र द्वारा दिया गया राशन टीएमसी के नेता और मंत्री चोरी कर रहे हैं. इसके बदले लोगों को जानवरों का खाना दिया जा रहा है.
तृणमूल कांग्रेस ने मामले पर क्या कहा?
टीएमसी नेता संजीव गुप्ता का दावा है कि राज्य सरकार बंगाल के लोगों को मुफ्त राशन दे रही है. अगर ग्राहकों की शिकायत सही है, तो प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा. हरिश्चंद्रपुर 1 नंबर ब्लॉक खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी बबन मंडल ने कहा, अगर चावल में कीड़े हैं, तो उस चावल को वापस ले लिया जाएगा. वहीं आटे के मामले में एक खास तरीके से क्वालिटी जांच की जाएगी.