पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए रेप और हत्या जैसी घटनाओं की जांच सीबीआई को सौंप दी. स्पष्ट कर दिया गया कि उन तमाम मामले की जांच अब सीबीआई द्वारा की जाएगी. वहीं चुनावी हिंसा से जुड़े दूसरे केस की जांच अदालत की निगरानी में गठित एक स्पेशल जांच टीम करेगी. अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई एक्शन मोड में आ गई है. उनकी तरफ से चार विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है.
सीबीआई ने बनाई चार विशेष टीमें
गठित की गई कि चार टीमों में कुल 25 ऑफिसर होने जा रहे हैं. हर टीम में 6 ऑफिसर होंगे और उन्हें एक JD हेड करेंगे. इसके अलावा इन टीमों में एक सीनियर एसपी और तीन एसपी को भी शामिल किया जाएगा. जल्द ही सभी टीमें जमीन पर जा अपनी जांच शुरू करने जा रही हैं. आजतक/ इंडिया टुडे को जानकारी मिली है कि इन टीमों को सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर अनुराग,संपत मीना, विनीत विनायक और रमनीश हेड करने वाले हैं.
इसके अलावा कोर्ट ने जिस कमेटी का गठन किया है उसमें पुलिस अधिकारी सुमन बाला साहू (डीजी रैंक अधिकारी) और दो अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है. उन्हें 6 हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपनी होगी. कोर्ट की तरफ से कहा गया है कि उनके निर्देश के बिना किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. जोर इस बात पर भी रहा है कि पूरी जांच पारदर्शी तरीके से होगी और राज्य सरकार भी उनकी मदद करेगी.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के लिए बता दें कि मानव अधिकारों की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बंगाल हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार माना था. अपील की गई थी कि रेप और हत्या जैसे मामलों में सीबीआई जांच करवाई जाए. वहीं दूसरे मामलों के लिए एसआईटी गठित करने की बात भी कही गई थी. अब कलकत्ता हाई कोर्ट की तरफ से सीबीआई को तो जांच सौंप दी गई है. वहीं राज्य सरकार के मंत्री ज्योतिप्रियो मल्लिक और विधायक पार्था भौमिक की एक याचिका को भी खारिज कर दिया गया है. अभी के लिए इस फैसले से बीजेपी खुश है, तो वहीं टीएमसी अब सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी कर रही है.