पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का दौर जारी है. बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे पर आरोप लगाने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं. अब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया है. उनकी तरफ से कहा गया है कि एक गैर विधायक (BJP) ममता राज में सुरक्षित नहीं है. उन्होंने बंगाल की स्थिति को जंगल राज करार दिया है.
बीजेपी विधायक पर हमला, शुभेंदू का ममता पर वार
शुभेंदु की तरफ से ये बयान तब दिया गया जब बीजेपी विधायक दिबाकर घरमी पर जानलेवा हमला किया गया. शुभेंदु ने आरोप लगाया कि ये हमला टीएमसी के लोगों ने करवाया है. उनकी तरफ से ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी गई है. उन्होंने लिखा है कि सोनामुखी विधायक दिबाकर घरमी पर टीएमसी के गुंडों ने हमला कर दिया. उनके साथ मौजूद 7 बीजेपी कार्यकर्ता भी बुरी तरह घायल हुए हैं. सभी का बंकुरा मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी है. एक गैर विधायक सीएम के राज में भी दूसरा विधायक सुरक्षित नहीं है.
Sonamukhi MLA Dibakar Gharami attacked by TMC goons today at Manikbajar Panchayat area.
— Suvendu Adhikari • শুভেন্দু অধিকারী (@SuvenduWB) July 4, 2021
7 BJP party members accompanying him were seriously injured alongside others & had to be referred to Bankura Medical College.
An MLA is not even safe in the Non-MLA CM's jungle raj. Horrific pic.twitter.com/Q8UpJqVeTP
ममता सरकार पर हाई कोर्ट सख्त
इससे पहले भी शुभेंदु ने ममता पर इसी अंदाज में तंज कसा और उन्हें याद दिलाया कि वे नंदीग्राम में उनसे हार गई थीं. खैर अब सीएम ममता बनर्जी की मुश्किल कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक तरफ बीजेपी तो उनकी सरकार पर हिंसा करने का आरोप लगा ही रही है, हाई कोर्ट की तरफ से भी सख्त रवैया देखने को मिला है. 5 सदस्यीय बेंच ने चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के सभी केस दर्ज करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही राज्य सरकार को सभी पीड़ितों के लिए चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
सिविल सोसायटी ग्रुप की रिपोर्ट ने बढ़ाई मुसीबत
वहीं इससे पहले सिविल सोसायटी ग्रुप ने जो रिपोर्ट सौंपी थी उसमें भी ममता बनर्जी और उनकी सरकार को चुनावी के बाद हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार माना गया था. वहीं यहां तक कहा गया था कि नागरिकों के मूल अधिकार के संरक्षण में सरकार पूरी तरीह फेल रही है. रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया कि एक खास पार्टी के लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा था. इस रिपोर्ट के आने के बाद से ही बीजेपी ने फिर ममता पर हमला तेज किया और उनकी सरकार पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.