दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशल एयरपोर्ट पर कस्टम डिपार्टमेंट ने बुधवार रात शिव कुमार (73 साल) नाम के शख्स को सोना तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी शख्स के पास करीब 500 ग्राम गोल्ड मिला है, जिसकी कीमत करीब 35 लाख रुपए आंकी गई है. कस्टम विभाग का कहना था कि आरोपी ने विदेश से आए एक पैसेंजर से सोने की मोटी चेन की डिलीवरी ली है. पूछताछ में आरोपी ने खुद को तिरुवंतपुरम से तीन बार के सांसद और कांग्रेस नेता शशि थरूर का कथित असिसटेंट बताया है. हालांकि, शशि थरूर ने साफ किया कि आरोपी उनका पुराना कर्मचारी है और वर्तमान में उससे कोई संबंध नहीं है.
हालांकि, कस्टम डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना था कि आरोपी शिवकुमार के पास एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए वैलिड एयरोड्रोम एंट्री परमिट मिला है. ये पास सिर्फ प्रोटोकॉल के तहत सांसदों के लिए जारी किया जाता है, लेकिन, शिवकुमार इस पास का दुरुपयोग कर रहा था और बुधवार को वो एयरपोर्ट के अंदर सोना लेने आया था.
कैसे पकड़ में आया आरोपी?
दरअसल, 29 मई को बैंकॉक से एक फ्लाइट दिल्ली पहुंची. यहां कस्टम विभाग के अधिकारियों को दो लोगों पर शक हुआ तो उनकी तलाशी गई. उनके पास 500 ग्राम सोने की चेन बरामद हुई. इस सोने के बारे में दोनों सही जानकारी नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ की गई. पकड़े गए आरोपियों में एक का नाम शिवकुमार था. उसने दावा किया कि वो कांग्रेस नेता शशि थरूर का PA है. पूछताछ में पता चला कि शिवकुमार की सोना तस्करी में संलिप्तता है. वो विदेश से आए पैसेंजर को लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था और तस्करी में मदद कर रहा था.
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क्या होता है एयरपोर्ट पर प्रोटोकॉल पास?
कस्टम विभाग का कहना था कि आरोपी शिवकुमार के पास वैध एयरोड्रम एंट्री परमिट (AEP) था. ये वो प्रोटोकॉल परमिट है, जो संसद सदस्य को जारी किया जाता है. AEP के जरिए संसद सदस्य के निजी सहायकों को एयरपोर्ट पर आसानी से एंट्री मिल जाती है और वो वहां आने वाले अतिथियों के आगमन और प्रस्थान हॉल में उन्हें रिसीव करने पहुंचते हैं. एयरोड्रम एंट्री परमिट को एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) द्वारा जारी किया जाता है.
शिवकुमार के पास कैसे आया AEP?
कस्टम विभाग के सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार से पूछताछ की जा रही है. यह भी पता किया जा रहा है कि उसके पास वैध एरोड्रम एंट्री परमिट कैसे आया? क्या वो किसी के प्रोटोकॉल टीम का रिसीवर है? AEP हासिल करने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है. इसके साथ ही उसकी सोना तस्करी में भी संलिप्तता खंगाली जा रही है. आरोपी के खिलाफ गोल्ड स्मगलिंग की तस्करी का मामला दर्ज किया है.
घटना पर शशि थरूर ने क्या कहा...
इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस पूरे घटनाक्रम से दूरी बना ली है और सफाई दी है. शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, मैं चुनाव प्रचार के लिए धर्मशाला में हूं. इस दौरान मुझे मेरे स्टाफ के एक पूर्व सदस्य से जुड़ी घटना के बारे में सुनकर झटका लगा है. पकड़ा गया शख्स मेरे स्टाफ में 'एयरपोर्ट सुविधा सहायक' के तौर पर पार्ट टाइम काम करता था. वो 72 साल का रिटायर्ड व्यक्ति है, जो लगातार डायलिसिस करवाता है. आरोपी को अनुकंपा पर अंशकालिक आधार पर रखा गया था. मैं किसी भी गलत काम का समर्थन नहीं करता हूं. मैं मामले की जांच के लिए जरूरी कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों के प्रयासों का पूरा समर्थन करता हूं. कानून को अपना काम करना चाहिए.
क्या शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ेंगी?
माना जा रहा है कि शशि थरूर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कस्टम विभाग के अधिकारी शिवकुमार के सभी कनेक्शन खंगालने में लगे हैं. चूंकि, स्मलिंग के आरोप में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है और उसने खुद का परिचय थरूर के असिस्टेंट के तौर पर दिया है. इतना ही नहीं, उसके पास एयरपोर्ट पर आसानी से एंट्री के लिए प्रोटोकॉल पास भी मिला है और ये पास सिर्फ सांसदों को ही जारी किया जाता है. शशि थरूर ने भी स्वीकार किया है कि आरोपी उनके स्टाफ का पूर्व कर्मचारी है. यानी थरूर या उनकी टीम उसे (आरोपी) पहले से जानती होगी. यही वजह है कि कस्टम विभाग से जुड़े अधिकारी ना सिर्फ शिवकुमार के बैकग्राउंड के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, बल्कि उसकी एक्टिविटी के बारे में भी जानकारी जुटाने के लिए सवाल-जवाब कर सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि शिवकुमार अगर थरूर के स्टाफ का पूर्व कर्मचारी है और उनसे कामकाज छोड़ दिया था तो फिर उसके पास एयरोड्रम एंट्री पास कैसे आया? उससे ये पास अब तक क्यों नहीं छीना गया? एयरपोर्ट चूंकि सुरक्षा के लिहाज से अति संवेदनशील इलाका माना जाता है. इस तरह की लापरवाही सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है.
शशि थरूर को लेकर बीजेपी ने क्या कहा...
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने शशि थरूर के कथित सहयोगी की गिरफ्तारी पर तंज कसा है. उन्होंने कांग्रेस और सीपीएम को सोने के तस्करों का गठबंधन करार दिया है. राजीव चंद्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट लिखा और कहा, पहले मुख्यमंत्री के सचिव सोने की तस्करी में शामिल थे. अब कांग्रेस सांसद के 'सहयोगी/पीए' को सोने की तस्करी के लिए हिरासत में लिया गया है. सीपीएम और कांग्रेस दोनों INDIA ब्लॉक में सहयोगी हैं और सोने के तस्करों का गठबंधन है.
राजीव चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम सीट से एनडीए के उम्मीदवार हैं. उनका मुकाबला पूर्व राजनयिक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर हैं. यहां मतदान हो गया है. 4 जून को नतीजे आएंगे.
केरल सीएम के सचिव भी सोना तस्करी में घिरे थे?
बताते चलें कि 2020 में तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर एक राजनयिक के बैग से सीमा शुल्क विभाग ने 30 किलो सोना जब्त किया था. उसके बाद केरल में गोल्ड स्कैम को लेकर खासी सियासत गरमा गई थी. जांच एनआईए ने अपने हाथ में ले ली थी. केरल के सीएम पिनाराई विजयन के प्रधान सचिव एम शिवशंकर के एक आरोपी के साथ संबंध होने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था और पद से हटा दिया गया था.