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ब्रिटिश पासपोर्ट और ISI कनेक्शन का आरोप... किस आधार पर कांग्रेस MP गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ को घेर रहे CM हिमंता?

असम के सीएम हिमंता सरमा का मानना है कि हो सकता है गौरव गोगोई को एक बड़ी "भारत विरोधी" साजिश के तहत "फंसाया या ब्लैकमेल किया गया" हो. उन्होंने कहा कि ब्रिटिश नागरिक एलिजाबेथ  गोगोई ने इस्लामाबाद में अपने कार्यकाल के दौरान 'लीड पाकिस्तान' के साथ काम किया. वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा है कि उनके परिवार को बदनाम करने के लिए सीएम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.

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कांग्रेस सांसद की पत्नी पर हिमंता के सवाल (फोटो डिजाइन-आजतक)
कांग्रेस सांसद की पत्नी पर हिमंता के सवाल (फोटो डिजाइन-आजतक)

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 फरवरी को एक्स पर एक पोस्ट कर राज्य के सियासी गलियारों में सनसनी मचा दी. सीएम सरमा ने बिना किसी का नाम लिए लिखा कि 'ISI से कनेक्शन, युवकों को ब्रेनवॉश करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तान दूतावास में ले जाने और पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करने के आरोपों के बारे में गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की आवश्यकता है. इसके अतिरिक्त, धर्मांतरण कार्टेल में भागीदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए जॉर्ज सोरोस सहित बाहरी स्रोतों से धन प्राप्त करना गंभीर चिंताएं हैं जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता है.'

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'किसी बिंदु पर तो जवाबदेही आवश्यक होगी. केवल जिम्मेदारी से बचना या दूसरों पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करना बचने का रास्ता नहीं होगा. राष्ट्र पारदर्शिता और सच्चाई का हकदार है.'

सीएम हिमंता का इशारा किस ओर था ये जवाब दिया बीजेपी के नेता गौरव भाटिया ने. गौरव भाटिया ने कहा कि "राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं. विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार अली तौकीर शेख और आईएसआई से संबंध पाए गए हैं. यह बेहद चिंताजनक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है, इसलिए उम्मीद है कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और गौरव गोगोई उनके पाकिस्तान और आईएसआई से संबंधों को स्पष्ट करेंगे." 

बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा कि यहां सवाल यह उठता है कि उनकी पत्नी एक विदेशी नागरिक हैं, लेकिन जिस संगठन के लिए वह काम करती हैं, उसे जॉर्ज सोरोस द्वारा फंडिंग की जाती है. कुछ दिन पहले जब राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी लड़ाई भारतीय राज्य से है, तो क्या गौरव गोगोई और उनकी पत्नी पाकिस्तान और आईएसआई के साथ मिलकर उसी योजना को आगे बढ़ाने और भारत को कमजोर करने के लिए काम कर रहे हैं?"

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बता दें एलिजाबेथ कॉलबर्न गौरव गोगोई की पत्नी हैं. हिमंता ने उनकी नागरिकता पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि एलिजाबेथ ने गौरव से शादी करने के 12 साल बाद भी भारत की नागरिकता नहीं ली है. 

हिमंता ने एक ट्वीट पोस्ट कर कहा कि जो लोग पूछ रहे हैं कि माननीय सांसद की पत्नी ने भारतीय नागरिकता ली है या नहीं, उनके लिए मेरा सरल उत्तर है: मुझे नहीं पता. हालांकि, यहां जोरहाट की मतदाता सूची की एक प्रामाणिक प्रति है, जिसमें परिवार के हर सदस्य का नाम शामिल है - उनकी पत्नी को छोड़कर.

अब आप अपना निष्कर्ष खुद निकालिए.

अली तौकीर के खिलाफ केस दर्ज

इस मामले में असम पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 17 फरवरी को इसकी घोषणा की. 

इस मामले में जांच का फोकस पाकिस्तानी अली तौकीर शेख के कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई से कथित संबंधों पर है. मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, ब्रिटिश नागरिक एलिजाबेथ  गोगोई ने इस्लामाबाद में अपने कार्यकाल के दौरान 'लीड पाकिस्तान' के साथ काम किया और भारत और पाकिस्तान में काम कर रहे क्लाईमेट चेंज संगठनों के माध्यम से शेख के साथ संपर्क बनाए रखा.

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मुख्यमंत्री ने पाकिस्तानी सरकार और राजनयिक हलकों में शेख के व्यापक संबंधों को विशेष चिंता का कारण बताया. 

अब राज्य की एजेंसियां इन घटनाक्रमों के बारे में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोरा सहित कांग्रेस नेतृत्व को औपचारिक रूप से सूचित करने जा रही है. 

गौरतलब है कि राज्य में ये घटनाएं तब आकार ले रही हैं जब अगले ही साल असम में विधानसभा चुनाव होने को हैं.

ISI से कनेक्शन, भारत विरोधी साजिश का आरोप!

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि अपनी शादी से पहले एलिजाबेथ कॉलबर्न ने एक अमेरिकी सीनेटर के लिए काम किया था, जो पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के साथ घनिष्ठ संबंधों के लिए जाने जाते थे और उन्होंने बाद में पाकिस्तान में कुछ समय बिताया, एक ऐसे संगठन में काम किया, जिसके बारे में व्यापक रूप से माना जाता है कि वह इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का मुखौटा है. इन घटनाओं का समय सांसद के बदलते राजनीतिक रुख और कार्यों में एक और रहस्य जोड़ता है.

सीएम सरमा का मानना है कि हो सकता है गौरव गोगोई को एक बड़ी "भारत विरोधी" साजिश के तहत "फंसाया या ब्लैकमेल किया गया" हो. सरमा ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा राजनीति से परे है और इसके राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव हैं. उन्होंने कॉलबर्न के पाकिस्तान की कुख्यात एजेंसी ISI से कथित संबंधों और 12 साल तक देश में रहने के बावजूद भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करने पर सवाल उठाया. 

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हिमंता का दावा है कि गौरव गोगोई से ब्याह के बाद भी एलिजाबेथ कॉलबर्न पाकिस्तान दौरे पर गईं, हालांकि अभी ये जानकारी नहीं है कि इस दौरे में उनके पति साथ थे या नहीं. 

हिमंता ने पाकिस्तान योजना आयोग के सलाहकार और कॉलबर्न के पूर्व सहयोगी अली तौकीर शेख द्वारा एक्स पर पुराने पोस्ट के स्क्रीनशॉट साझा किए और दावा किया कि गोगोई और पाकिस्तानी नागरिक के बीच संबंध "गहराई से जड़े हुए" प्रतीत होते हैं.

सरमा ने शेख द्वारा 2019 में किए गए एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें उन्होंने बांग्लादेश से भारत में अवैध अप्रवासियों की समस्या पर टिप्पणी की थी.

सरमा ने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, "एलिज़ाबेथ कॉलबर्न माननीय सांसद के बिना अली तौकीर शेख के अधीन LEAD पाकिस्तान नाम के संगठन में काम करती थीं, जो जलवायु परिवर्तन पहल की आड़ में काम करता था."

सीएम सरमा ने कहा है कि, "शुरू में यह मुद्दा एक राजनीतिक बहस का विषय था. लेकिन जब आईएसआई की संलिप्तता की बात आती है तो हम इसे यूं ही नहीं छोड़ सकते."

एलिजाबेथ कॉलबर्न कौन हैं?

एलिजाबेथ गोगोई का जन्म ब्रिटेन में हुआ था. जन्म के समय उनका नाम एलिजाबेथ कॉलबर्न था. एलिजाबेथ कॉलबर्न ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था में मास्टर डिग्री प्राप्त की है. उन्होंने 2013 में गौरव गोगोई से विवाह किया है.

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हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार उन्होंने पहले क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क (CDKN) के साथ काम किया था. अब बीजेपी इस संस्था को निशाना बना रही है.

CDKN वेबसाइट पर उनके लेखक प्रोफ़ाइल के अनुसार उन्होंने भारत और नेपाल में संगठन के काम का समन्वय किया. यहां पर उनका अंतिम लेख 2014 का है.

यहां पर लिखा है, "एलिजाबेथ मार्च 2011 में जलवायु परिवर्तन और विकास नीति-निर्माण और अनुसंधान की पृष्ठभूमि के साथ CDKN में शामिल हुईं. इसमें 2009 के यूरोपीय संघ जलवायु परिवर्तन पैकेज की वार्ता पर यूरोपीय संसद में काम करना और यूरोपीय संघ के विकास सहयोग को देखने वाले ओवरसीज डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (ODI) में शोधकर्ता के रूप में काम करना शामिल था."

उन्हें अमेरिकी सीनेट, संयुक्त राष्ट्र सचिवालय और तंजानिया और दक्षिण अफ्रीका में गैर सरकारी संगठनों के लिए काम करने का भी अनुभव है.

गौरव गोगोई का पक्ष क्या है? 

सीएम हिमंता के आरोपों पर गौरव गोगोई ने कहा है कि भाजपा ने उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि वह उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे.साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी को असमिया भाषा में एक पत्र लिखकर फेसबुक पर पोस्ट किया और उन्हें आश्वासन दिया कि सत्य की जीत होगी. 

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गोगोई ने कहा कि एलिजाबेथ का ब्रिटिश पासपोर्ट रखना कोई अपराध नहीं है, क्योंकि सभी महिलाओं का अपने माता-पिता और देश के प्रति झुकाव होना स्वाभाविक है.

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, "आप राजनीति से दूर रहती हैं, लेकिन राजनीति ने आज आपको घसीट लिया है. आप ISI नहीं हैं, आप एक बुद्धिमान और प्रतिभाशाली महिला हैं, असम के लोगों के प्यार और आशीर्वाद पर भरोसा रखें. हर कोई सच जानता है," उन्होंने 'सत्यमेव जयते' लिखते हुए कहा.

सांसद ने एक छोटा वीडियो भी साझा किया, जिसमें पारंपरिक असमिया 'मेखेल-सदोर' पहने और गले में 'गामोसा' लटकाए एलिजाबेथ असमिया में बिहू गीत गा रही हैं. 

गौरव गोगोई ने सोमवार को कहा कि असम के लोगों ने कल मुख्यमंत्री का चेहरा देखा. उनकी आंखों को देखिए, साफ है कि कुछ गड़बड़ है.

उन्होंने कहा कि कुछ तो है जो सीएम को परेशान कर रहा है और यह स्वाभाविक है क्योंकि वह डरे हुए हैं. वह डर के कारण हर दिन अपना रुख बदलते हैं. कांग्रेस का रुख साफ है. अगर उन्हें किसी चीज की जांच करनी है, तो वे कर सकते हैं. हम दृढ़ हैं. उनके बीच डर 12 महीने बाद होने वाले चुनावों के कारण है.

कभी गौरव के पापा के नीचे काम करते थे हिमंता

बता दें कि गौरव गोगोई लोकसभा में विपक्ष के उपनेता हैं. उनके पिता तरुण गोगोई तीन बार असम के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. कांग्रेस की राजनीति करने वाले हिमंता बिस्वा सरमा कभी तरुण गोगोई के सेनापति हुआ करते थे. लेकिन हिमंता असम की कांग्रेस की राजनीति में फिट नहीं बैठ सके. हिमंता 23 अगस्त 2015 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. 

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