Bulli Bai App Case: 'बुल्ली बाई' ऐप केस में मुंबई पुलिस ने उत्तराखंड से 18 साल की श्वेता सिंह को गिरफ्तार किया है. इसके पहले इस मामले में एक अन्य आरोपी विशाल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया था. इस तरह मामले में पुलिस ने कुल दो लोगों को अरेस्ट किया है. केस में श्वेता को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. आइए जानते हैं श्वेता सिंह के बारे में...
कौन है आरोपी श्वेता सिंह?
उत्तराखंड की रहने वाली है और उसे केस में मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. श्वेता ने ही Bulli Bai App पर महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की थीं. श्वेता की उम्र सिर्फ 18 साल है. उसे उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले से गिरफ्तार किया गया.
बता दें कि श्वेता के माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं. उसने पिछले साल अपने पिता को COVID-19 से खो दिया था, जबकि पहले उसने अपनी मां को कैंसर से खो दिया था. उसकी एक बड़ी बहन है जो कॉमर्स में स्नातक है, जबकि एक छोटी बहन और भाई है जो वर्तमान में स्कूल में पढ़ते हैं. खुद श्वेता इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी.
नेपाल से है कनेक्शन?
बताया जा रहा है कि श्वेता नेपाल में स्थित एक सोशल मीडिया फ्रेंड के निर्देश पर काम कर रही थी. जांच दल के सूत्रों ने कहा कि Bulli Bai App मामले में पकड़ी गई श्वेता सिंह (Shweta Singh) से मिली जानकारी के मुताबिक, जियाउ नाम का एक नेपाली नागरिक उसको ऐप पर की जाने वाली गतिविधियों के बारे में निर्देश दे रहा था. फिलहाल, पुलिस कथित नेपाली नागरिक और श्वेता से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.
इस बात की भी जांच की जा रही है कि श्वेता की और किस-किस ने मदद की थी. उसे आज मुंबई लाया जाएगा और उसे बांद्रा मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में रिमांड के लिए पेश किया जा सकता है.
श्वेता के नाम का खुलासा बेंगलुरु से पहले गिरफ्तार किए गए एक और आरोपी विशाल कुमार (Vishal Kumar) ने किया था, जो इंजीनियरिंग सेकेंड ईयर का छात्र है.
विशाल-श्वेता एक दूसरे के संपर्क में थे
विशाल ने कहा कि वह श्वेता के संपर्क में था और श्वेता उन लोगों के संपर्क में थी जो बुल्लीबाई ऐप से जुड़ी तमाम गतिविधियों पर काम कर रहे थे. वे नेपाल में बैठे किसी शख्स से निर्देश ले रहे थे.
वहीं मुंबई पुलिस के अधिकारी Sulli Deals की घटना में भी विशाल की भूमिका की जांच कर रहे हैं, जो 2021 में Bulli Bai App से पहले सामने आया था. विशाल पर आरोप है कि वह एक विशेष समुदाय की महिलाओं की तस्वीरों को एडिट करता और फिर उन्हें ऐप पर अपलोड करता था.
नकली ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल
श्वेता सिंह JattKhalsa07 नाम के एक नकली ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल कर रही थी. इस हैंडल से नफरत भरे पोस्ट और आपत्तिजनक तस्वीरें पोस्ट किये जा रहे थे. Bulli Bai ऐप पर ट्विटर और फेसबुक पर दमदार मौजूदगी रखने वाली 100 महिलाओं को टारगेट किया गया.
क्या है इस ऐप में?
Bulli Bai नाम के ऐप पर मुस्लिम महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है. ऐप पर उनके खिलाफ नफरत और गंदी-गंदी बातें लिखी जा रही हैं. दरअसल, Bulli Bai ठीक उसी तर्ज पर काम करता है जिस तर्ज पर कुछ दिन पहले Sulli Deal App आया था. Sulli deal को Github पर लॉन्च किया गया था, अब Bulli Bai को भी Github पर लॉन्च किया गया है.
पीड़ितों ने क्या कहा?
Bulli Bai App की पीड़ितों महिलाओं से एक ने ट्वीट किया, ''हालांकि, अभी मुझे मेरी फोटो यहां नहीं दिखी. लेकिन मेरा नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. बेहद शर्मनाक है कि हमें ये सब भुगतना पड़ रहा है. मैं इस लिस्ट को साझा नहीं कर रही क्योंकि कई ऐसी महिलाएं हैं जो इसे सार्वजनिक नहीं करवाना चाहेंगी.''
एक अन्य महिला ने लिखा, ''मैं इसे कानूनी रूप से आगे बढ़ा रही हूं. मुस्लिम महिलाओं को बार-बार निशाना बनाना, हमें अपमानित करना बेहद शर्मनाक और भयानक है. इस तरह के आपराधिक व्यवहार को माफ नहीं किया जा सकता.''
नेताओं ने भी किया रिएक्ट
इस मामले में शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि Sulli Deals के बाद Bulli Deals के आने को लेकर उन्हें 30 जुलाई और 6 सितंबर को सूचना एंव प्रसारण मंत्री को लेटर लिखा था, जिसका जवाब दो नवंबर को मिला.
वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, ''किसी को ऑनलाइन "बेचना" एक साइबर अपराध है और मैं पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान करता हूं. अपराधी दंड के पात्र हैं.''