केरल के वायनाड जिले में शुक्रवार सुबह एक बाघ के हमले में 47 साल की महिला की मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. मृतक महिला राधा अनुसूचित जाति से थीं. सुबह जब राधा प्रियमदर्शिनी एस्टेट में कॉफी तोड़ने गई उसी समय बाघ ने हमला कर उसकी जान ले ली.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना तब हुई जब एक दिन पहले ही केरल के वन मंत्री ए. के. ससींद्रन ने राज्य विधानसभा में दावा किया था कि मानव-पशु संघर्ष के मामलों में कमी आ रही है और सरकार इस मुद्दे पर प्रभावी कदम उठा रही है.
इस दुखद घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने पीड़िता के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और बाघ को पकड़ने या मारने का आदेश दिया जाए.
प्रदर्शनकारियों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओ. आर. केलू के दौरे के दौरान उनके सामने भी अपना विरोध जताया. मंत्री ओ. आर. केलू ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि बाघ को पकड़ने या मारने का आदेश जारी कर दिया गया है.
इसके अलावा, क्षेत्र में रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) तैनात की जा रही है ताकि सुबह के समय काम पर जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में बाड़ लगाने की परियोजना को मंजूरी दी गई थी, लेकिन निविदा प्रक्रिया में बाधाओं के कारण इसे अभी तक लागू नहीं किया जा सका. उन्होंने इसे जल्द से जल्द लागू करने का वादा किया. मंत्री ने घोषणा की कि पीड़ित परिवार को 11 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.