
कुश्ती के अखाड़े में उतरकर दांव-पेंच आजमाने वले पहलवान तीन दिन से अपने ही फेडरेशन के अध्यक्ष पर आरोप की बौछार कर जंतर-मंतर पर उतर आए थे. रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण, मानसिक रूप से परेशान करने समेत कई आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बातचीत के बाद इसे वापस लेने का ऐलान कर दिया है.
बजरंग पूनिया के साथ ही महिला पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत 30 पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया था. पहलवान बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए आरोप की निष्पक्ष जांच और डब्ल्यूएफआई को तत्काल भंग करने की मांग कर रहे थे.
प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने इसे लेकर भारतीय ओलंपिक संघ को भी पत्र लिखा था. प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के साथ खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने दो दिन घंटों बातचीत की. खेल मंत्री और प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के बीच दूसरे दिन की बातचीत में कई बिंदुओं पर सहमति बनी जिसके बाद पहलवानों ने अभी प्रदर्शन स्थगित करने का ऐलान कर दिया. इसका ऐलान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया.
7 घंटे चली खेल मंत्री और पहलवानों की बातचीत
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और पहलवानों की बातचीत करीब सात घंटे तक चली. खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पहलवानों की बात सुनी गई, उनके आरोप और मांगें भी सुनीं. उन्होंने कहा कि पहलवानों की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद ही हमने डब्ल्यूएफआई को नोटिस भेजकर 72 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कह दिया था.
जांच तक कुश्ती संघ के कार्यों से दूर रहेंगे बृजभूषण
खेल मंत्री ने कहा कि सर्वसम्मति से निगरानी कमेटी के गठन का फैसला लिया गया है जिसमें कौन लोग शामिल होंगे, इसका ऐलान भी कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ये कमेटी चार हफ्ते में डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पर लगे आरोप की जांचकर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. खेल मंत्री ने ये भी कहा कि जांच पूरी होने तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष (बृजभूषण शरण सिंह) संघ के दैनिक कार्यों से दूर रहेंगे. वे जांच में सहयोग करेंगे.
पहलवानों ने वापस लिया विरोध-प्रदर्शन
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की ओर से जांच के लिए कमेटी गठित करने के ऐलान के बाद पहलवानों ने पिछले तीन दिन से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी धरना वापस ले लिया है. पहलवान बजरंग पुनिया ने निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई और कहा कि डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष की ओर से खिलाड़ियों को धमकी दी गई है. इसे लेकर भी खेल मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है.
ओलंपिक एसोसिएशन ने भी बना दी है जांच कमेटी
पहलवानों की ओर से डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पर लगाए गए आरोप की जांच के लिए भारतीय ओलंपिक संघ ने भी जांच कमेटी गठित कर दी है. भारतीय ओलंपिक संघ ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पर लगे आरोप की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी की कमान एमसी मैरी कॉम को सौंपी गई है और अलकनंदा अशोक उपाध्यक्ष होंगी. सहदेव यादव, डोला बनर्जी और योगेश्वर दत्त के साथ ही अधिवक्ता श्लोक चंद्र और तलिश रे भी कमेटी के सदस्य होंगे. आईओए ने जांच के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की है.
बृजभूषण के खिलाफ 30 पहलवान कर रहे थे प्रदर्शन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक समेत 30 पहलवान डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. पहलवानों का ये विरोध-प्रदर्शन 18 जनवरी को शुरू हुआ था. डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे पहलवान कुश्ती महासंघ को भंग करने की मांग कर रहे थे.
बृजभूषण शरण पर पहलवानों ने लगाए ये आरोप
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर कई आरोप लगाए. पहलवानों का आरोप है कि महिला पहलवानों का यौन शोषण किया जाता है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है. बृजभूषण शरण सिंह पर पहलवानों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज करने के साथ ही उत्पीड़न करने का आरोप भी पहलवानों ने लगाया.
वीके सिंह ने उठाए मंशा पर सवाल
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष पर लगे आरोप को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है कि कई बार आरोप गंभीर लगते हैं तो कई बार गंभीर लगाए भी जाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि कई बार गंभीर आरोप लगाने के पीछे मंशा भी दूसरी हो सकती है. जनरल वीके सिंह ने कहा कि घटना के पीछे जाकर देखने की कोशिश करनी चाहिए.
तीन बार टली फिर कैंसिल हुई बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने इस पूरे विवाद के बीच साफ कर दिया था कि वे इस्तीफा नहीं देंगे. बृजभूषण शरण सिंह इस पूरे मामले को लेकर 20 जनवरी के दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे. बृजभूषण शरण सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय में तीन बार बदलाव किया गया और अंत में उनके बेटे प्रतीक भूषण सिंह ने ये कहा कि वे डब्ल्यूएफआई की वार्षिक आम बैठक के बाद 22 जनवरी को मीडिया से बात करेंगे.