वंदे भारत ट्रेन पर पथराव करने और खिड़की के शीशे को नुकसान पहुंचाने के आरोप में तमिलनाडु के थिरुमनजोलाई के एक 21 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. चेन्नई से मैसूर जा रही वंदे भारत ट्रेन के कर्मचारियों ने देखा कि पुदुर के पास एक खिड़की का शीशा टूटा हुआ है और उन्होंने पुलिस को सूचित किया.
इसके बाद पुलिस ने तुरंत एक जांच शुरू की और गुबेंद्रन नाम के व्यक्ति पर प्रतिबंध लगा दिया, जो कथित तौर पर रेलवे ट्रैक के पास शराब पी रहा था और उसने वंदे भारत ट्रेन में चोरी करने की बात भी कबूल की थी.
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने कई मामले दर्ज होने के बाद अबतक 39 अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पथराव की कुछ घटनाओं में 6 से 17 साल के बच्चे भी शामिल पाए गए.
गौरतलब है कि तेलंगाना में हाल ही में कई जगहों पर वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. जिन जगहों पर पथराव किया गया, उनमें काजीपेट, खम्माम, काजीपेट, भोंगीर और एलुरु-राजमुंदरी शामिल हैं. इसको लेकर दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने मंगलवार को जनता से पथराव जैसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने की अपील की.
दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि हाल के दिनों में वंदे भारत ट्रेनों को असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया. इस साल जनवरी से अबतक ऐसी नौ घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ट्रेनों पर पथराव एक आपराधिक अपराध है और ऐसा करने वाले अपराधियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें 5 साल तक की सजा का प्रावधान है.