देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ़्तार तेजी से आगे बढ़ रही है वहीं वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम अपुष्ट जानकारियां भी शेयर होती देखी गयीं. इसी बीच बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट में जानकारी देते हुए कहा गया है कि YouTube ऐसे किसी भी प्रकार के एंटी वैक्सीन कंटेंट को ब्लॉक कर देगा. जानकारी के मुताबिक यूट्यूब पर परमिशन नहीं दिए जाने वाले कंटेंट में ऐसे दावे शामिल हैं कि फ़्लू के टीके से बांझपन होता है और MMR शॉट, जो खसरा और रूबेला से बचाता है, ऑटिज़्म का कारण बन सकता है.
एक यूट्यूब प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि अल्फाबेट इंक के स्वामित्व वाली ऑनलाइन वीडियो कंपनी रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर और जोसेफ मर्कोला सहित कई प्रमुख एंटी वैक्सीनेशन कार्यकर्ताओं से जुड़े चैनलों पर भी प्रतिबंध लगा रही है. हालांकि कैनेडी ने इस मामले में तुरंत जवाब नहीं दिया है. लेकिन मर्कोला की वेबसाइट के लिए एक प्रेस ईमेल के जरिये यह कहा गया है कि "हम दुनिया भर में एकजुट हैं, हम डर में नहीं रहेंगे, हम एक साथ खड़े होंगे और अपनी स्वतंत्रता बहाल करेंगे."
माना जा रहा है कि यह कदम तब उठाया गया जब YouTube और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Facebook और Twitter की आलोचना होना शुरू हुई कि ये सभी स्वास्थ्य संबंधी गलत जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त सक्षम नहीं हैं.
हालांकि भले ही सोशल मीडिया के तकरीबन सभी प्लेटफॉर्म फेक न्यूज़ पर सख्त रुख अपना रहे हैं, लेकिन उन्हें दुनिया भर में प्रतिक्रिया का सामना भी करना पड़ता है. मंगलवार को, रूसी राज्य समर्थित ब्रॉडकास्टर आरटी के जर्मन भाषा के चैनल YouTube से हटा दिए गए थे, क्योंकि कंपनी ने कहा था कि चैनलों ने अपनी COVID-19 फेक न्यूज़ नीति का उल्लंघन किया था.