1963 के गणतंत्र दिवस समारोह पर १९६२ के भारत-चीन युद्ध का गहरा प्रभाव पड़ा. युद्ध के बाद सेना की कमी के कारण परेड के आयोजन पर संकट आया, लेकिन प्रधानमंत्री नेहरू के दृढ़ संकल्प से यह आयोजित हुआ. RSS के स्वयंसेवकों को भी शामिल किया गया. इस अवसर पर युद्ध के वीरों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया और लता मंगेशकर ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाकर सबको भावुक कर दिया. यह समारोह राष्ट्रीय एकता और साहस का प्रतीक बना.