पाकिस्तान की सरकार ने जो नई रिपोर्ट जारी की है, उसके मुताबिक़ पिछले साल की तुलना में वहां उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में अप्रैल के महीने में 36.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और ये वर्ष 1964 के बाद पहली बार हुआ है. इस मामले में पाकिस्तान ने एशिया के सभी देशों को पीछे छोड़ दिया है और अब उसकी स्थिति श्रीलंका से भी ज्यादा बदतर हो चुकी है.