जीत का जश्न मनाने के लिए सिंघु पर किसान जहां सुबह इकट्ठा हुए और पंजाब की ओर मार्च करने से पहले समारोहों का आयोजन किया. वहीं टिकरी बॉर्डर पर किसानों का हुजूम बहादुरगढ़ के किसान चौक पर इकट्ठा हुआ. गाजीपुर में जहां राकेश टिकैत की मौजूदगी में किसानों ने मोर्चा संभाल रखा था वहां भी किसान विजय यात्रा से पहले इकट्ठा हुए. गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने धरनास्थल खाली करने से पहले गुरुपाठ किया. किसान इसे अपनी जीत मान रही हैं यही वजह है कि दिल्ली की सीमाओं पर आज विजय दिवस मनाया गया. एक साल से भी ज्यादा चला ये आंदोलन इतिहास के पन्नों पर दर्ज हो चुका है. देखें सुशांत महरा की ये रिपोर्ट.