देश के सर्वोच्च पद के लिए शपथ लेने के बाद द्रौपदी मुर्मू ने अपने सफर के बारे में बताया जो बिलकुल भी आसान नहीं था. उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी जीवन यात्रा ओडिशा के एक छोटे से आदिवासी गांव से शुरू की थी. मैं जिस पृष्ठभूमि से आती हूं, वहां मेरे लिये प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करना भी एक सपने जैसा ही था. लेकिन अनेक बाधाओं के बावजूद मेरा संकल्प दृढ़ रहा और मैं कॉलेज जाने वाली अपने गांव की पहली बेटी बनी. ये हमारे लोकतंत्र की ही शक्ति है कि उसमें एक गरीब घर में पैदा हुई बेटी, दूर-सुदूर आदिवासी क्षेत्र में पैदा हुई बेटी, भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सकती है.' देखें और क्या बोलीं द्रौपदी मुर्मू.
After taking oath, Droupadi Murmu told about her journey which was not easy at all. He said, 'I started my life from a small tribal village in Odisha. From the background I come from, getting an early education was like a dream for me.' Watch this video to know more.