गंगोत्री ग्लेशियर का पिघलना गंगा नदी के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2050 तक गंगा का जलस्तर ऐतिहासिक रूप से कम हो सकता है. वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर स्थिति नहीं सुधरी तो साल 2100 तक गंगा सूखने की संभावना बन जाएगी.