कोलकाता में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2022 में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता और तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय ने हिस्सा लिया. रॉय ने हिंदुत्व के बारे में बात की और श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उदहारण देते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल की चुनावी राजनीति में 'हिंदुत्व' कभी काम नहीं आया. श्यामा प्रसाद मुखर्जी 1946 में अपना चुनाव हार गए थे. राजा राममोहन के समय से ही एक बंगाली सांस्कृतिक विचार जन्म ले चुका था और इसके मूल में सेकुलरिज्म था. देखें हिंदुत्व और बंगाल व ईस्ट के राज्यों की राजनीति पर क्या बोले एक्सपर्ट्स.