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जजों की मौखिक टिप्पणी क्या कानून के बराबर है? चंद्रचूड़ ने सर्वे को लेकर कही थी ये बात

जजों की मौखिक टिप्पणी क्या कानून के बराबर है? चंद्रचूड़ ने सर्वे को लेकर कही थी ये बात

पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने वर्ष 2022 में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। जब काशी की ज्ञानवापी मस्जिद का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा, तब मुस्लिम पक्ष ने इसे PLACES OF WORSHIP ACT 1991 के तहत असंवैधानिक और गैर-कानूनी बताया. लेकिन जस्टिस चंद्रचूड़ ने उल्लेख किया कि यह कानून धार्मिक स्थलों की स्थिर स्थिति को बरकरार रखने का अधिकार देता है, मगर इससे धार्मिक चरित्र की जांच पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. उनका वक्तव्य धार्मिक स्थलों के सर्वेक्षण की संवैधानिक व्याख्या के संदर्भ में महत्वपूर्ण है.

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