वक्फ बोर्ड प्रॉपर्टीज के प्रबंधन में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित बिल पर संसद में गहन बहस हुई. सरकार का पक्ष है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए है, जबकि विपक्ष का आरोप है कि यह अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है.