सबसे खौफनाक दूसरी लहर के बावजूद देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार कम होती जा रही है. वजह है में बंद पड़े हैं वैक्सीनेशन सेंटर. आंकड़े भी दिखाते हैं कि अप्रैल से मई आते-आते वैक्सीनेशन में रोजाना 10 लाख से भी ज्यादा की कमी आई है. राज्यों के पास वैक्सीन नहीं है और वो केंद्र पर निशाना साध रहे हैं जबकि केंद्र का इशारा यही है कि फिलहाल ये किल्लत आसानी से दूर होने वाली नहीं है. महामारी के हालातों में केंद्र ने राज्यों पर वैक्सीन खरीदने की जिम्मेदारी डालकर हालात को और मुश्किल बना दिया है. वहीं, करोड़ों लोगों की जान भी खतरे में है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.
India’s slow pace of vaccination means that the country could remain vulnerable to further waves of COVID-19 even once the current surge subsides. In this video, watch what experts have to say about slow vaccination pace in country.