अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा हो जाने से पाकिस्तान को बेहिसाब खुशी मिली है. उसे लगा कि आतंक की आग में हाथ सेंकने का अच्छा मौका हाथ लगा है. लेकिन तालिबानी उम्मीद से ज्यादा शातिर साबित हो रहे हैं. जब से अफगानिस्तान में तालिबान के भाग्य का उदय हुआ है पाकिस्तान के हुक्मरान फूले नहीं समा रहे. ऐसा लग रहा है जैसे पाकिस्तान की लॉटरी निकल आई हो. उसे लगा कि तालिबानरूपी पूंजी से वो अपने सारे बकाए कामकाज निपटा लेगा, तालिबान उसे कश्मीर गिफ्ट कर देगा. पाकिस्तान के लिए हमेशा से ये एजेंडा नंबर वन रहा है. . तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक इंटरव्यू में कहा है कि टीटीपी के मुद्दे को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को ही हल करना चाहिए. इसके साथ ही जबीउल्लाह ने ये भी कहा कि अगर टीटीपी अफगान तालिबान को अपना नेता मानता है तो उसे उनकी बात सुननी होगी.