पश्चिम बंगाल में हर जिले की अपनी खासियसत होती है, हर जिले की अपनी एक कला होती है. स्थानीय कलाकारों की अपनी एक पहचान भी होती है. कोलकाता के मुदियाली क्लब में इस बार बने दुर्गा पंडाल की ऐसी ही खासियत है. मुदियाली पंडाल में इस बार का शब्द है जिम्मेदारी. कोरोना संकट के दौर में इस पंडाल ने भी जिम्मेदारी निभाई है, साथ ही लोगों को एक संदेश भी दिया है. इस पंडाल में अलग-अलग कलाकारों को जोड़ने का प्रयास भी किया गया है. अलग-अलग स्थानीय कलाओं से इस पंडाल को सजाया गया है. देखिए मनोज्ञा लोइवाल की ये रिपोर्ट.