कोरोना की पहली लहर में वायरस ने बुज़ुर्गों पर अटैक किया. दूसरी लहर में ये युवाओं को ज्यादा निशाना बना कर रहा है. मगर इस संक्रमण से इस बार सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को बताया जा रहा है. ऐसा दुनिया के दूसरे देशों में हुआ भी है. लिहाज़ा सरकार को जल्द से जल्द बच्चों के टीकाकरण के कार्यक्रम को शुरू करना चाहिए. नहीं तो कोरोना की तीसरी लहर में 18 साल से कम उम्र वाले बच्चे बुरी तरह इसका निशाना बन सकते हैं. एक अनुमान के मुताबिक इस वक्त भारत की कुल आबादी में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की हिस्सेदारी 30 फीसदी है. 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए तो वैक्सीन की विंडो खोल दी गई है. अब बच गए हैं 18 से कम उम्र के बच्चे और इनके लिए अभी कोई वैक्सीन नहीं आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर 18 साल से ऊपर के लोगों का वैक्सीनेशन हो गया तो छोटे बच्चों को वायरस ज्यादा अटैक करेगा और 6 से 12 साल के बच्चों के लिए ये खतरनाक साबित हो सकता है. देखें भारत में बच्चों के लिए वैक्सीन की तैयारी क्या है?
Reports suggest that children could be at a higher risk of getting infected in the third wave of Covid-19. It is plausible, since most adults will have received at least one shot of the jab by the time we see the third wave hit India. We still don't have a Covid-19 vaccine for children in India. In this video, see what is the vaccine preparation for children in India?