ये सातवां दिन है, किसान टस से मस होने को तैयार नहीं. दिल्ली चलो के आह्वान के साथ किसानों ने 26 नवंबर को राजधानी के लिए कूच किया था. कड़े पुलिस बंदोबस्त की वजह से वो दिल्ली तो नहीं पहुंचे लेकिन राजधानी की सीमा पर जरूर तब से डटे हुए हैं. सरकार और पुलिस ने भी सख्ती का रास्ता छोड़कर बातचीत शुरू की. ऐसी ही एक अहम बातचीत कल दिल्ली के विज्ञान भवन में 35 किसान संगठनों के साथ हुई जो बेनतीजा रही. लेकिन करीब चार घंटे की मैराथन बातचीत में मंत्रियों ने नए कानून पर किसानों के एतराज को संजीदगी से सुना. बैठक में सरकार ने कृषि कानूनों को लेकर एक प्रजेंटेशन दिया जिसके जरिए को MSP और APMC समझाने की कोशिश की गई. इस वीडियो में देखें किसानों को समझाने के लिए सरकार ने की कौन सी कोशिशें की.
Farmers have pledged to continue protesting against recently passed agricultural legislation after talks with the government ended without a breakthrough.The farmers on Tuesday said the authorities refused to withdraw a set of three laws adopted in September that grain producers fear could put an end to minimum prices they have been guaranteed by the government. Meanwhile, a government proposal to form a committee to discuss the issue was rejected by the protesters.In this video, watch what steps government has taken so far to convince farmers.