सोचा होगा बहुत सारे लोगों ने कि कृषि कानून खत्म करने के ऐलान के साथ खत्म हो जाएगा किसानों का प्रदर्शन, खत्म हो जाएगी किसानों की मांग, खत्म हो जाएगा किसानों का आक्रोश, बॉर्डरों पर तने हुए किसानों के तंबू उखड़ जाएंगे और किसान खुशी-खुशी अपने घर जाएंगे. मगर सोच में मोच आ गई. किसान कहीं नहीं गए, बल्कि एक मांग पूरी होने के बाद और ज्यादा उत्साह और ज्यादा ताकत से सरकार के खिलाफ अपनी 6 और मांगों को लेकर आगे आ गए. किसानों ने मोदी सरकार पर दबाव बनाने का नया दांव खेला है. इसी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आजतक से खास बातचीत की. देखिए ये वीडियो.
A law to guarantee Minimum Support Price (MSP) for farm produce is a must, farmers gathered at a 'mahapanchayat' in Lucknow said today, days after the three contentious farm laws rolled back. The national spokesperson of Bhartiya Kisan Union, Rakesh Tikait had an exclusive conversation with Aajtak.