नवरात्र के आखिरी दिन भी मां दुर्गा की भक्ति में पूरा देश रमा हुआ है. कई शहरों में सुबह-सुबह श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन किए. इस बार कोरोना की वजह से हर कोई सावधानी बरत रहा है. सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जा रहा है. दिल्ली, कोलकाता समेत कई शहरों में पंडालों और मंदिरों में पूजा अर्चना का आयोजन किया जा रहा है.
देश में महाअष्टमी के पावन मौके पर दुर्गा मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भीड़ दिखी. कोलकाता में मां दुर्गा को पुष्पांजलि देने के लिए भक्तों की कतार लगी और ढाकी की आवाज से वातावरण भक्तिमय हो गया.
कोरोना महामारी ने त्योहारों की रंगत फीकी कर दी है. लोग डिजिटिल माध्यम से देवी के दर्शन कर रहे हैं. बंगाल में महाअष्टमी पर्व की बात करें तो कोविड-19 के नियमों और पंडालों में सीमित संख्या में प्रवेश के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर आयोजकों द्वारा 'संधि पूजा', 'कुमारी पूजा' और 'संध्या आरती' जैसे पारंपरिक अनुष्ठानों का टीवी और अन्य माध्यमों पर सीधा प्रसारण किया गया.
प्रसिद्ध 'काली पूजो' का डिजिटल माध्यम से बेलूर मठ समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन किया गया. इस अनुष्ठान में आठ वर्ष से कम आयु की बच्ची की देवी दुर्गा के रूप में पूजा की जाती है.