होली के त्योहार पर इस वर्ष हजारों साल बाद अद्भुत संयोग बन रहा है. ज्योतिर्विद कमल नंदलाल का कहना है कि 2588 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है. इस बार होली पर भद्रा का साया नहीं होगा. दूसरा, होलिका दहन के मुहूर्त पर पव करण है जो सफलता का सूचक है. तीसरा, होली के दिन बीमारियों को मिटाने वाला शूल योग बन रहा है, जो शाम 4 बजकर 8 मिनट पर होगा.