पूरे शहर में कल से धारा 144 लागू है. कर्फ्यू लगाने और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद शनिवार की सुबह दोबारा हिंसा भड़क उठी.
शनिवार को दोबारा हिंसा भड़कने के बाद PAC की 5 कंपनियां और RAF की 1 कंपनी को तैनात कर दिया गया है.
उपद्रवियों ने कहर बरपाते हुए कई दुकानों को लूट कर आग के हवाले कर दिया. साथ ही बसों में भी आग लगा दी.
हिंसा की शुरुआत शुक्रवार को गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा के दौरान हुई थी, जब दो गुट आपस में भिड़ गए थे.
(फोटो क्रेडिट-एएनआई)
एडीजी आनंद कुमार ने कहा कि कासगंज में 26 जनवरी के बाद कोई हिंसा नहीं हुई. कुछ उपद्रवी तत्वों ने आग लगाने की कोशिश की. लेकिन हालात पर काबू पा लिया गया.
शनिवार सुबह पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा. कासगंज हिंसा में अब तक कुल 49 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
कार में लगी आग को बुझाने की कोशिश करते पुलिसकर्मी. कासगंज के हालात को देखते हुए इलाके में इंटरनेट सेवा पर 28 जनवरी की रात तक पाबंदी लगा दी गई है.
कासगंज में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. शनिवार 27 जनवरी 2018 की रात को तीन वाहनों में आग लगा दी गई.