पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल का गठन भी हो चुका है. पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान की कैबिनेट में 10 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. पंजाब की इस कैबिनेट में अनोखी बात यह है कि इसमें शामिल किसी भी मंत्री के पास सरकार चलाने का पुराना अनुभव नहीं है. मंत्री बनने वाले 10 विधायकों में से 8 तो पहली बार विधायक बने हैं.
भगवंत मान की कैबिनेट में 7 मंत्रालय और बाकी हैं, जिन्हें बांटा जाना है. पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, अमन अरोड़ा, सरबजीत कौर मनुके और प्रो बलजिंदर कौर को कैबिनेट बर्थ अलॉट नहीं किया गया है. भगवंत मान की कैबिनेट का गठन 19 मार्च को राजभवन में हुआ था. 21 मार्च को मंत्रियों को उनके विभाग बांटे गए.
मान ने ये विभाग रखे अपने पास
पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गृह मंत्रालय के अलावा 26 दूसरे मंत्रालय अपने पास रखे हैं. इनमें न्याय मंत्रालय, नागरिक उड्डयन, सतर्कता, स्थानीय सरकार, उद्योग और वाणिज्य, कृषि और किसान कल्याण, तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग शामिल हैं.
चीमा को मिले 6 विभाग
पंजाब की दिड़बा विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार विधायक बने हरपाल सिंह चीमा को कुल 6 मंत्रालय सौंपे गए हैं. चीमा को आबकारी, फाइनेंस और टैक्सेशन के अलावा 3 और मंत्रालय दिए गए हैं. पेशे से वकील चीमा विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता भी रहे हैं. वे आम आदमी पार्टी के साथ शुरू से जुड़े रहे हैं. उन्हें आम आदमी पार्टी का बड़ा दलित चेहरा माना जाता है.
बलजीत कौर को महिला एवं बाल विकास
डॉ. बलजीत कौर को सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्रालय के अलावा सामाजिक सुरक्षा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. मलोट विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वालीं बलजीत कौर आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद साधु सिंह की बेटी हैं. वे पेशे से नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं.
हरभजन सिंह को बिजली विभाग
जंडियाला विधानसभा सीट से चुनाव जीतने वाले हरभजन सिंह ईटीओ को लोक निर्माण एवं विद्युत विभाग का मंत्री बनाया गया है. वे 2012 में ईटीओ बने थे और 2017 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे.
मूसेवाला को हराने वाले सिंगला को स्वास्थ्य मंत्रालय
मानसा से विधायक डॉ. विजय सिंगला को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बनाया गया है. उनके पास चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग की भी जिम्मेदारी होगी. पेशे से डेंटल सर्जन सिंगला ने प्रसिद्ध पंजाबी गायक और कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धू मूसेवाला को हराया है.
लालचंद कटारूचक्क को खाद्य विभाग
समाजसेवा में सक्रिय लालचंद कटारूचक्क ने भोआ विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. उन्हें खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता विभाग दिया गया है. इसके अलावा लालचंद के पास वन और वन्यजीव विभाग भी होगा. लालचंद पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता जोगिंदर पाल को चुनाव हराया है.
गुरमीत को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी
लगातार दूसरी बार बरनाला से चुनाव जीतने वाले गुरमीत सिंह मीत हेयर को स्कूली शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें खेल और युवा सेवा विभाग भी दिया गया है. गुरमीत दिल्ली में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़े और बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए.
कुलदीप को ग्रामीण विकास विभाग मिला
अजनाला सीट से विधायक बने कुलदीप सिंह धालीवाल को ग्रामीण विकास और पंचायत, पशुपालन मत्स्य पालन और डेयरी विकास मंत्रालय दिया गया है. वे एनआरआई मामलों से जुड़ा विभाग भी संभालेंगे. धालीवाल 7 साल पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े थे. वे बागवानी करते हैं. कुलदीप के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज है. धालीवाल अपने गांव में हाशिम शाह का मेला आयोजित करवाते रहे हैं. इसमें पंजाब के कलाकार हिस्सा लेते हैं.
भुल्लर को मिला परिवहन मंत्रालय
पट्टी सीट से आदेश प्रताप सिंह कैरो को मात देने वाले लालजीत भुल्लर को परिवहन और हॉस्पिटल मंत्रालय दिया गया है. कैरों, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दामाद हैं. पट्टी की अनाज मंडी में आढ़त का काम करने वाले लालजीत सिंह भुल्लर किसी समय कैरों के करीबी हुआ करते थे.
लंदन से पढ़े हरजोत को कानून मंत्रालय
आम आदमी पार्टी की यूथ विंग के अध्यक्ष हरजोत सिंह बैंस ने श्रीआनंदपुर साहिब विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. उन्हें कानूनी और विधायी मामले, खान और भूविज्ञान, पर्यटन, सांस्कृतिक मामले और जेल विभाग दिया गया है. बैंस ने पिछली सरकार के दौरान पंजाब विधानसभा के स्पीकर रहे राणा केपी सिंह को हराया था. लंदन से पढ़े हरजोत सिंह वकील हैं. पिछली बार वे साहनेवाल से चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे.