कांग्रेस सोनिया गांधी और यूपीए पर दिए बयान को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमलावर हो गई है. अधीर रंजन चौधरी से लेकर दिग्विजय सिंह तक तमाम नेताओं ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. यहां तक की कांग्रेस नेताओं ने ममता बनर्जी पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप तक लगा दिया. दरअसल, ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा था कि अब यूपीए नहीं है और इसलिए सवाल ही नहीं उठता कि यूपीए का नेता कौन होगा?
क्या ममता बनर्जी नहीं जानती कि यूपीए क्या है?- अधीर रंजन चौधरी
ममता पर हमले की शुरुआत कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने की. अधीर रंजन चौधरी ने पूछा, क्या ममता बनर्जी नहीं जानती कि यूपीए क्या है? मुझे लगता है कि उन्होंने पागलपन शुरू कर दिया है. उन्हें लगता है कि पूरे देश ने ममता ममता चिल्लाना शुरू कर दिया है. लेकिन भारत का मतलब सिर्फ बंगाल नहीं, बंगाल का अकेले का मतलब भारत नहीं. चौधरी ने कहा, यूपीए सरकार में ममता बनर्जी की पार्टी के 6 मंत्री थे. ममता बनर्जी ने कुछ कारण बताकर 2012 में समर्थन वापस ले लिया. वे उस वक्त यूपीए सरकार तोड़ना चाहती थीं. लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं. यह उनकी पुरानी साजिश है. अब उन्होंने एक बार फिर इसे शुरू कर दिया है, क्योंकि मोदी जी उनके पीछे खड़े हैं. इसलिए वे कांग्रेस को कमजोर करने के सभी प्रयास कर रही हैं.
चौधरी ने कहा, शरद पवार ने कांग्रेस के खिलाफ कुछ नहीं कहा. वे वरिष्ठ नेता हैं. हम उनका आदर करते हैं. लेकिन ममता की यह सोची समझी साजिश है कि शरद पवार और अन्य पार्टियों के नेताओं को फंसाने और यह दिखाने के लिए कि भाजपा का एक विकल्प आ गया है. यह भाजपा को फायदा पहुंचाएगा. चौधरी ने कहा, भाजपा पूरे देश में संघर्ष कर रही है. दिन प्रति दिन पार्टी की स्थिति खराब होती जा रही है. लेकिन अब ममता बनर्जी ने भाजपा को ऑक्सीजन देने का फैसला किया है. ममता बनर्जी भाजपा की ऑक्सीजन सप्लायर बन गईं हैं. अब भाजपा उनसे खुश है.
कपिल सिब्बल बोले- कांग्रेस के बिना यूपीए संभव नहीं
कपिल सिब्बल ने कहा, कांग्रेस के बिना यूपीए, बिना आत्मा के शरीर की तरह होगी. यह समय एकता दिखाने का है.
दिग्विजय सिंह बोले- सिर्फ कांग्रेस सड़कों पर लड़ रही
एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा, आज देश में कोई सड़कों पर लड़ाई लड़ रही है तो वो सिर्फ कांग्रेस है. केवल राहुल गांधी है जो लड़ रहे हैं. राहुल गांधी की विचारधारा साफ है. राहुल ने पूछा कि कांग्रेस के अलावा कौन सी ऐसी पार्टी है, जिसने जनसंघ और RSS-भाजपा के साथ सरकार नहीं बनाई. दिग्विजय सिंह ने कहा, सभी राजनीतिक दलों ने माना है कि कांग्रेस के बिना कोई विकल्प नहीं बन सकता. ममता ने क्या कहा, हमें इसमें नहीं जाना चाहिए. उन्होंने 2012 में ही यूपीए से नाता तोड़ दिया था.
खड़गे बोले- विपक्ष को एकजुट रहना चाहिए
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, हम तमाम मुद्दों में टीएमसी को साथ लाने का प्रयास करते हैं. विपक्ष को बंटना नहीं चाहिए. हमें साथ मिलकर लड़ना चाहिए. हमें यह लड़ाई भाजपा के साथ लड़ना है.
अब यूपीए नहीं है- ममता बनर्जी
ममता दो दिन के मुंबई दौरे पर थीं. दौरे के आखिरी दिन बुधवार को उन्होंने कहा था कि बीजेपी के खिलाफ राष्ट्रीय विकल्प तभी बन सकता है जब पार्टियां लड़ने को तैयार हों. विकल्प मजबूत होना चाहिए. यह अकेले नहीं किया जा सकता है. ममता ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा कि कोई लड़ नहीं सकता तो हम क्या करें. हम चाहते हैं कि सभी पार्टियां लड़ें. ममता ने यह भी कहा कि अब यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) नहीं है और इसलिए सवाल ही नहीं उठता कि यूपीए का नेता कौन होगा? बता दें कि अभी यूपीए की नेता सोनिया गांधी हैं.