scorecardresearch
 

क्या ब्रेकअप पक्का मान लिया जाए? अखिलेश-कांग्रेस की तल्खी बता रही है I.N.D.I.A. गठबंधन का फ्यूचर

विपक्षी I.N.D.I.A. गठबंधन के दो घटक समाजवादी पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं. दोनों दलों के बीच तल्खी देख गठबंधन के फ्यूचर को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सवाल ये भी हैं कि क्या ब्रेकअप पक्का मान लिया जाए?

Advertisement
X
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो)
सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो)

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में चुनाव के बीच विपक्षी पार्टियों के I.N.D.I.A. गठबंधन का भविष्य क्या होगा? इसे लेकर बहस छिड़ गई है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की बिजावर विधानसभा सीट से भी उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है जहां से 2018 के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार को जीत मिली थी. बिजावर सीट को लेकर अखिलेश यादव और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तल्ख हो गई है और इसकी आंच इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस यानी इंडिया गठबंधन तक जा पहुंची है.

Advertisement

दरअसल, मध्य प्रदेश चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी. सपा मध्य प्रदेश में कुछ सीटें मांग रही थी. सीट बंटवारे की बात के बीच ये तक कहा जाने लगा था कि गठबंधन लगभग फाइनल हो चुका है. इसी बीच कांग्रेस ने 144 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया जिसमें बिजावर सीट से उम्मीदवार का भी नाम था. कांग्रेस के इस कदम के बाद सपा ने मोर्चा खोल दिया है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए I.N.D.I.A. गठबंधन के बारे में कांग्रेस को तय करना है कि ये गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर होगा या प्रदेश स्तर पर. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर अभी प्रदेश स्तर पर गठबंधन नहीं हुआ तो भविष्य में भी ऐसा नहीं होगा. अखिलेश ने तल्ख लहजे में कहा कि एक-एक बजे तक कैसे सीटों को लेकर बातचीत हुई लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला? यह तो कांग्रेस को जवाब देना है कि वह क्या चाहती है.

Advertisement
यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय (फाइल फोटो)
यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय (फाइल फोटो)

सपा प्रमुख के बयान के बाद दोनों दलों के बीच तल्खी बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने अखिलेश के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का वोटर हाथ का पंजा जानता है, साइकिल को नहीं जानता. वहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही चुनावी मुकाबला होता है. उन्होंने कहा कि सपा को तो मध्य प्रदेश में कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए. अजय राय ने कहा कि सपा का मध्य प्रदेश में एक ही विधायक था और उसने भी बीजेपी जॉइन कर ली.

ये भी पढ़ें- 'मध्य प्रदेश में नहीं तो भविष्य में भी नहीं होगा कोई गठबंधन', अखिलेश यादव की कांग्रेस को दो टूक

अजय राय ने उत्तराखंड के उपचुनाव का जिक्र कर भी सपा पर तंज किया. उन्होंने कहा कि बागेश्वर उपचुनाव में सपा ने अपना उम्मीदवार उतारकर बीजेपी को जितवा दिया. एमपी में भी आप (अखिलेश यादव) बीजेपी को जिताना चाहते हैं और कांग्रेस को हराना चाहते हैं. सपा और कांग्रेस में जारी तल्खी के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओमप्रकाश राजभर की भी एंट्री हो गई है. राजभर ने कहा है कि अखिलेश यादव कभी भी गठबंधन धर्म नहीं निभा सकते.

Advertisement

अखिलेश को बीजेपी की बी टीम बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सपा ने जान-बूझकर कांग्रेस को हरवाया और अब एमपी में भी उसे हराना, बीजेपी को जिताना चाहते हैं. इंडिया गठबंधन के दोनों घटक दलों के बीच जारी रार के बीच सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या सपा और कांग्रेस के बीच तल्खी इंडिया गठबंधन का फ्यूचर बता रही है?

ये भी पढ़ें- न बाय इलेक्शन, न स्टेट इलेक्शन... क्या बिना प्रैक्टिस मैच खेले सीधे वर्ल्ड कप में उतरेगी टीम I.N.D.I.A?

दरअसल, उत्तराखंड के बागेश्वर उपचुनाव में कांग्रेस की हार के बाद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने तल्ख प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सपा और अखिलेश पर निशाना साधा था. उन्होंने घोसी की याद दिलाते हुए कहा कि वहां हमने भी बड़ा दिल दिखाते हुए सपा का समर्थन किया लेकिन उत्तराखंड में सपा ने बड़ा दिल नहीं दिखाया. अजय राय ने सपा की ओर से कांग्रेस के समर्थन नहीं मांगने के सवाल पर इंडिया गठबंधन में शामिल होने की याद दिलाई थी.

अब मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के एकतरफा फैसले के बाद सपा यूपी कांग्रेस अध्यक्ष के इसी बयान को ढाल बनाकर कांग्रेस से ये तय करने को कह रही है कि गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर होगा या प्रदेश स्तर पर. दूसरी तरफ, कांग्रेस-सपा की तल्खी में इंडिया गठबंधन के एक और घटक राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) की भी एंट्री हो गई है. आरएलडी प्रवक्ता भूपेंदर चौधरी ने भी अजय राय पर हमला बोला है.

Advertisement
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ (फाइल फोटो)
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ (फाइल फोटो)

आरएलडी प्रवक्ता ने कहा है कि यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष ये भूल जाते हैं कि सूबे में लोकसभा की 80 सीटें हैं. यूपी में सपा सबसे बड़ी पार्टी है. उन्होंने कहा कि अगर सपा और आरएलडी ने यही रुख अपनाया तो यूपी में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुलेगा. आम आदमी पार्टी पहले से ही मध्य प्रदेश चुनाव में ताल ठोक रही है, कांग्रेस को घेर रही है. अब सपा और आरएलडी से कांग्रेस की तल्खी के बाद सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या इंडिया गठबंधन में ब्रेकअप पक्का मान लिया जाए? 

वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर श्रीराम त्रिपाठी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दलों में विचारधारा से लेकर सीट शेयरिंग तक, बहुत विरोधाभास हैं. हर पार्टी ये तो चाहती है कि गठबंधन हो जाए, उसे सहयोग मिले लेकिन साथ ही ये भी कि अपनी मजबूत सियासी जमीन वाली जगह दूसरे दलों को पैर रखने की जगह भी न देनी पड़े. इस गठबंधन के भविष्य पर संशय तो पहले दिन से थे, अब ये और गहरे हो गए हैं. गठबंधन कब तक चल पाता है, ये देखना होगा.

दरअसल, मध्य प्रदेश कांग्रेस किसी भी पार्टी को सीट देने के मूड में नहीं है. प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में कांग्रेस कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक के दौरान ही साफ कर दिया था कि हमें किसी भी दल को एक भी सीट देने की जरूरत नहीं है. अब सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या कमलनाथ की जिद में कांग्रेस नेतृत्व की सहमति है? अगर हां, तो इंडिया गठबंधन को कांग्रेस कैसे एकजुट रख पाएगी?

Live TV

Advertisement
Advertisement