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केजरीवाल का चुनावी वादा, AAP जीती तो हर महिला को मिलेंगे महीने के 1000 रुपये, लेकिन सामने खड़ा है बड़ा सवाल

मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जालंधर के सराय खास गांव में जाकर, न केवल 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा की, बल्कि इसके लिए बाकायदा महिलाओं का पंजीकरण भी शुरू कर दिया.

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महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए देने की योजना
महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए देने की योजना
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंजाब की 99 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए देने का वादा
  • आप ने पंजाब के जालंधर में शुरू किया महिलाओं का पंजीकरण

पंजाब में विधानसभा चुनाव का औपचारिक ऐलान होना बाकी है लेकिन नेताओं ने अभी से चुनावी वादों की झड़ी लगा दी है. चुनावी वादे कुछ इस तरह से गढ़े गए हैं कि मतदाता ना चाहते हुए भी उनके जाल में फंसे बिना नहीं रह पाएंगे. पंजाब की लगभग हर राजनीतिक पार्टी लोगों को लुभाने में लगी हुई है. 

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99 लाख महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1000 रुपये

मंगलवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जालंधर के सराय खास गांव में जाकर, न केवल 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की घोषणा की, बल्कि इसके लिए बाकायदा महिलाओं का पंजीकरण भी शुरू कर दिया. महिलाएं दूर-दूर से अपने आधार कार्ड और बैंक खातों की जानकारी लेकर इस कार्यक्रम में पहुंचीं. 

अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि अगर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है, तो राज्य की 99 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने 1000 रुपये दिए जाएंगे. यह मदद विधवा और बुढ़ापा पेंशन के अलावा दी जाएगी. घर में अगर चार महिलाएं हैं तो सभी को 1000 रुपये मिलेंगे, यानी जितनी महिलाएं उतने पैसे. इस कार्यक्रम में अपना पंजीकरण करवाने पहुंची ज्यादातर महिलाएं पढ़ी-लिखी नहीं हैं. वे बेरोजगार हैं और गरीबी से जूझ रही हैं. पंजाब के जिस क्षेत्र से इस पंजीकरण की शुरुआत की गई वहां दलित बहुल जनसंख्या है. इसके अलावा आम आदमी पार्टी लोगों को निशुल्क बिजली और इलाज उपलब्ध करवाने का वादा भी कर चुकी है.

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अन्य पार्टियां भी चुनावी वादों से लुभाने की कोशिशें कर रही हैं

आम आदमी पार्टी इकलौती पार्टी नहीं है जो मतदाताओं को तरह-तरह के प्रलोभन देकर लुभाने में लगी है. शिरोमणि अकाली दल ने गरीब तबकों से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं के खाते में हर महीने 2000 रुपये देने का वादा किया है. इस मामले में कांग्रेस भी पीछे नहीं है. कांग्रेस ने पहले ही लाल डोरे के भीतर सरकारी जमीन पर मकान बनाने वाले लोगों को निशुल्क जमीन का तोहफा दे दिया है. बिजली की दरें कम कर दी हैं और पानी के दाम भी घटा दिए हैं. चरणजीत सिंह चन्नी खुद को आम आदमी की सरकार का मुखिया बताने में लगे हुए हैं.

बड़ा सवाल: मतदाताओं को लुभाने वाली यह योजना कितनी आसान 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिस राज्य पर 3 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा हो वहां पर क्या इस तरह की योजनाओं पर अमल करना आसान होगा? 

गौरतलब है कि पंजाब सरकार के सिर पर लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा हुआ है. जीएसटी से होने वाली आय 11,800 करोड रुपये है, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने 1000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा करके हर साल 12000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्चा करने का वादा कर लिया है. यानी पंजाब सरकार की जितनी आमदनी है, उससे कहीं ज्यादा तो हर महीने महिलाओं को 1000 रुपये देने पर ही खर्च हो जाएगा. इसके अलावा कर्ज चुकाने, कर्मचारियों की पेंशन और तनख्वाह देने के लिए पैसा कहां से आएगा यह जवाब इन नेताओं के पास नहीं है.

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अरविंद केजरीवाल का मानना है कि राज्य के भ्रष्ट नेता और अफसर अवैध खनन करके सरकार को हर साल 20,000 करोड़ रुपये का चूना लगा रहे हैं. वह अवैध खनन पर लगाम कसकर अपनी घोषणाओं के लिए रेत बेचकर पैसा कमाएंगे.

 

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