पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रचंड जीत के साथ सत्ता में वापसी की है. टीएमसी ने 292 में से 210 विधानसभा सीटें जीत ली है और 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. टीएमसी ने भले ही प्रचंड जीत दर्ज कर ली लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शुभेंदु अधिकारी से मात मिली.
भ्रष्टाचार की आरोपी रहीं पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष, केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, सांसद लॉकेट चटर्जी समेत कई बड़े नेताओं को बंगाल के रण में शिकस्त खानी पड़ी. भारती घोष को बीजेपी ने डेबरा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा था. भारती घोष को टीएमसी के हुमायूं कबीर ने करीब 11 हजार वोट के अंतर से हरा दिया.
टॉलीगंज विधानसभा सीट से ममता सरकार के मंत्री अरूप विश्वास के खिलाफ मैदान में उतरे केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को करीब 50 हजार वोट के अंतर से शिकस्त खानी पड़ी. चुचुड़ा विधानसभा सीट पर लॉकेट चटर्जी को टीएमसी उम्मीदवार से करीब 19 हजार वोट के अंतर से हार मिली. राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े स्वपन दासगुप्ता को भी मात खानी पड़ी.
स्वपन दासगुप्ता को टीएमसी उम्मीदवार ने करीब सात हजार वोट के अंतर से शिकस्त दी. चांडीतला सीट से बीजेपी के उम्मीदवार बांग्ला फिल्मों के अभिनेता यश दासगुप्ता को भी करीब 41 हजार वोट के अंतर से मात मिली है. इनके अलावा बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा, टीएमसी छोड़कर बीजेपी में आए राजीव बनर्जी, टीएमसी की सायंतिका बनर्जी और सायनी घोष, जेएनयू की छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष को भी चुनावी शिकस्त मिली है.