पश्चिम बंगाल सरकार और बंगाल के राज्यपाल के बीच का झगड़ा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. एक तरफ राज्यपाल जगदीप धनखड़ तृणमूल कांग्रेस पर कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं तो अब राज्यपाल धनखड़ पर TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने राज्यपाल पर अपने कार्यालय में परिवारवाद और अपने करीबियों को घुसाने का आरोप लगाया है.
महुआ मोइत्रा के आरोपों का जवाब देते हुए राज्यपाल धनखड़ ने कहा है कि महुआ के आरोप बेबुनियाद हैं. लेकिन महुआ मोइत्रा ने कहा है कि राज्यपाल राजभवन में नियुक्त किए गए अफसरों के पिछले पदों के बारे में बताएं.
अपने कार्यालय में नियुक्त किए गए 6 लोगों को लेकर राज्यपाल ने कहा है कि महुआ मोइत्रा द्वारा मीडिया और अपने ट्वीट में 6 निजी पदों पर रिश्तेदारों की नियुक्तियों की बात कही गई है वो तथ्यात्मक रूप से गलत है. वे OSDs तीन अलग-अलग राज्यों से हैं और चार अलग-अलग जातियों से हैं. उनमें से कोई भी मेरे परिवार का निकटवर्ती नहीं है, उनमें से चार लोग मेरी जाति या राज्य से नहीं हैं.
बंगाल: राज्यपाल जगदीप धनखड़ का परिवारवाद को बढ़ावा? महुआ मोइत्रा ने दिखाया 'सबूत'
राज्यपाल धनखड़ ने महुआ मोइत्रा के ट्वीट को ध्यान भटकाने वाला बताया है. राज्यपाल ने कहा है कि राज्य की कानून-व्यवस्था के मुद्दे से भटकाने के लिए अपनाई गई 'रणनीति' है. मैं आगे भी निडरता के साथ, राज्य के लोगों की सेवा के उद्देश्य के साथ और अपनी संविधान के अनुच्छेद 159 के अंतर्गत ली गई शपथ को सही साबित करने के लिए आगे भी काम करता रहूंगा.
Asking Uncleji to lay out right here what antecedents of the appointees are & how each one got into Raj Bhavan.
Do it NOW.
BJP IT Cell can’t get you out of this one Uncleji..
And I don’t think Vice President of India also happening for you https://t.co/CMstjlsG6f
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) June 7, 2021
आपको बता दें कि महुआ मोइत्रा ने राज्यपाल पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर बकायदा एक लिस्ट जारी की थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने इन्हें अपना नियुक्ति दी है और ये लोग पहले से ही धनखड़ के करीबी रहे हैं.
राज्यपाल धनखड़ के ही ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए महुआ मोइत्रा ने उनसे दोबारा सवाल करते हुए पूछा है कि वे बताएं कि जिनकी नियुक्ति हुई है उनका अतीत क्या रहा है, वे राजभवन में कैसे पहुंचे. बताइए.. आपको इससे भाजपा आईटी सेल भी नहीं बचा पाएगी.