बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि मंत्री सुधाकर सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. कृषि मंत्रालय पर्यटन मंत्री कुमार सर्वजीत को दिया गया है, जबकि पर्यटन मंत्रालय डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को अतिरिक्त प्रभार के रूप में दिया गया.
बिहार के कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने नीतीश कैबिनेट से अपना इस्तीफा दे दिया है. आरजेडी कोटे से मंत्री बने सुधाकर सिंह बिहार आरजेडी अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं. सुधाकर सिंह के पिता और आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा था कि कृषि मंत्री ने किसानों के लिए आवाज उठाई, लेकिन आवाज उठाने के साथ-साथ बलिदान भी देना पड़ता है. इसलिए कृषि मंत्री ने त्यागपत्र दे दिया है.
दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुधाकर सिंह के बीच तकरार पहले ही सार्वजनिक रूप से सामने आ गई थी. दरअसल बीते महीने नीतीश कुमार ने कृषि मंत्री सुधाकर सिंह के बिना ही कृषि विभाग की समीक्षा बैठक कर ली थी. इस बैठक में प्रधान सचिव समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार के सवाल के बाद सुधाकर सिंह ने जिस तरीके से अपने पद से इस्तीफा देने की धमकी दी थी. उसको लेकर नीतीश कुमार सकते में आ गए थे. बताया जाता है नीतीश के पूछने के बावजूद भी सुधाकर सिंह अपने बयान पर कायम रहे और आरोप लगाया कि कृषि विभाग के सभी अधिकारी भ्रष्ट थे.
सुधाकर सिंह 2013 में चावल घोटाले के आरोपी हैं और उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है. इसी को लेकर विपक्ष उन पर लगातार हमलावर रहता है.
बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहे सुधाकर सिंह
बिहार में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद सुधाकर सिंह अपने बयानों को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे थे. सुधाकर सिंह ने अपने विभागीय अधिकारियों को चोर और खुद को चोरों का सरदार भी बता दिया था. सुधाकर सिंह ने शपथ लेने के कुछ दिन बाद ही कहा था कि कृषि विभाग की एक भी शाखा ऐसी नहीं है जिसमें चोरी ना होती हो. उन्होंने कहा कि विभाग का प्रभारी होने के कारण मैं उनका सरदार बन जाता हूं. मेरे ऊपर और भी कई सरदार हैं. उन्होंने कहा कि सरकार तो बदल गई लेकिन काम करने का तरीका नहीं बदला. उन्होंने किसानों की बात उठाते हुए कहा था कि जिन किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले धान की खेती करनी थी. वे बिहार राज्य बीज निगम के धान के बीज नहीं लेते. अगर किसी कारण से लेते भी हैं, तो वे इसे अपने खेतों में नहीं डालते हैं. किसानों को राहत देने के बजाय, बीज निगमों ने 100-150 करोड़ रुपये की चोरी की.
इस दौरान सुधाकर सिंह नीतीश कुमार पर भी हमलावर रहे. उन्होंने बयान के दूसरे दिन नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा था कि नीतीश कुमार कैबिनेट के नेता होने के नाते मुझे बर्खास्त कर सकते हैं. लेकिन इस्तीफा देने के लिए कहना भी उनका विशेषाधिकार है. लेकिन मैं लालू जी का सिपाही हूं, उनके कहने पर ही अंतिम निर्णय लूंगा. ये तब की बात है, जब सुधाकर सिंह कैबिनेट की बैठक से उठकर चले गए थे.
ये भी देखें