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किस 'घड़ी' में अन्नामलाई ने खरीदी राफेल वॉच, तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख ने दिखाया बिल तो डीएमके ने कहा- फेक

तमिलनाडु की राजनीति में एक घड़ी ने सियासी हलचल मचा रखी है. ये घड़ी के. अन्नामलाई (तमिलनाडु भाजपा प्रमुख) की कलाई में बंधी थी और इसकी कीमत 5 लाख बताई गई थी. इसे लेकर अन्नामलाई से सवाल किए गए थे कि सिर्फ चार बकरियां रखने वाले भाजपा प्रमुख ने इतनी महंगी घड़ी कैसे खरीदी. अन्नामलाई ने इन सवालों के बाद घड़ी खरीद का बिल सामने रखा है.

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के. अन्नामलाई की राफेल घड़ी पर विवाद खड़ा हो गया है
के. अन्नामलाई की राफेल घड़ी पर विवाद खड़ा हो गया है

तमिलनाडु में राज्य के बीजेपी प्रमुख के. अन्नामलाई की राफेल घड़ी का मसला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. राज्य बीजेपी प्रमुख अन्नामलाई ने शुक्रवार को अपनी घड़ी के बिल की कॉपी दिखाई. 
जिसके बाद,  डीएमके ने घड़ी के इस बिल पर भी सवाल उठा दिया है. डीएमके की ओर से कहा गया कि जो घड़ी चेरालथन ने खरीदी और फिर उससे अन्नामलाई ने जो घड़ी खरीदी, उनके मॉडल नंबर अलग-अलग हैं. इसके बाद यह मामला और तूल पकड़ रहा है. बता दें कि दिसंबर 2022 में तमिलनाडु बीजेपी चीफ अन्नामलाई की कलाई में पहनी गई घड़ी से सियासत गर्मा गई थी. उस वक्त घड़ी की कीमत 5 लाख बताते हुए अन्ना मलाई पर निशाना साधा गया था. 

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दावा- 3 लाख में खरीदी थी घड़ी

के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को राफेल लिमिटेड एडिशन घड़ी की बिल कॉपी सामने रखी. राफेल घड़ी को पहली बार मार्च, 2021 में 4.5 लाख रुपये की लागत से कोयम्बटूर निवासी चेरालथन रामकृष्णन ने खरीदा था. अन्नामलाई का दावा है कि बाद में उन्होंने मई 2021 में 3 लाख रुपये की कीमत पर चेरालथन रामकृष्णन से ये घड़ी खरीद ली. प्रेस वार्ता में अन्नामलाई ने कहा कि वह चेरालथन रामकृष्णन को दो साल से जानते हैं. 

डीएमके ने कहा, बिल और रसीद अलग-अलग

वहीं, डीएमके का दावा है कि बीजेपी प्रमुख के. अन्नामलाई की ओर से दिखाई गई बिल की कॉपी और खरीद की रसीद में अलग-अलग राफेल घड़ियों के मॉडल नंबर लिखे हुए हैं. बिल के मुताबिक, जिमसंस टाइम्स प्राइवेट लिमिटेड से चेरालथन रामकृष्णन द्वारा खरीदी गई घड़ी का मॉडल नंबर बिल कॉपी में BRO394CBl147 दर्ज है, जबकि अन्नामलाई द्वारा चेरालथन से घड़ी की खरीद की रसीद में मॉडल नंबर BRO394DAR147 लिखा हुआ दिखाई दे रहा है. 

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दिसंबर 2022  का है मामला

बता दें कि घड़ी को लेकर के. अन्नामलाई का यह मामला दिसंबर 2022 में सामने आया था. जब वह इस घड़ी को पहने हुए थे और स्टालिन सरकार में मंत्री सेंथिल बालाजी ने अन्नामलाई पर निशाना साधा था. उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट कर बकायदा अन्नामलाई से रसीद तक मांगी थी. उन्होंने ट्वीट किया था कि क्या आप इस घड़ी की एक घंटे के अंदर में रसीद दिखा सकते हैं. जब आपके पास सिर्फ चार बकरियां और गाय हैं, तो आपने राफेल पांच लाख की महंगी घड़ी कैसे खरीद ली. क्या ये संभव है? जितना हमें पता है फ्रेंच कंपनी ने सिर्फ 500 घड़ियां निकाली थीं. क्या विदेशी घड़ी दिखाना भी अब राष्ट्रवाद का हिस्सा हो गया है? 

क्या है घड़ी का राष्ट्रवाद से कनेक्शन?

अन्नामलाई की दावा था, उन्होंने ये घड़ी तब खरीदी थी जब वे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भी नहीं बने थे. उन्होंने ये भी दावा किया कि वे इस घड़ी का बिल दिखाने को तैयार हैं. उन्होंने कहा था कि मैंने ये राफेल घड़ी जो मई 2021 में खरीदी थी, इसका पूरा बिल मेरे पास है. मैं अपने 10 साल का बैंक स्टेटमेंट भी जारी करूंगा. जो एक लाख से ज्यादा की संपत्ति मेरे पास है, वो भी जारी कर दूंगा. पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने इस बात पर भी जोर दिया था कि उन्हें राफेल एयरक्रॉफ्ट उड़ाने का मौका नहीं मिला था, इसलिए राष्ट्रवादी होने के नाते उन्होंने ये घड़ी पहनी है.

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