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अरुणाचल प्रदेश में फिर बीजेपी सरकार.... पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू ने लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. खांडू के साथ 11 अन्य विधायक भी मंत्री बनाए गए हैं. इन सभी ने भी शपथ ली है. सीएम खांडू को सीमावर्ती जिले तवांग में मुक्तो सीट से फिर से निर्विरोध चुना गया है. एक दिन पहले ही सर्वसम्मति से उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था.

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पेमा खांडू ने तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.
पेमा खांडू ने तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

बीजेपी नेता पेमा खांडू ने गुरुवार को लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. चाउना मीन डिप्टी सीएम बने हैं. खांडू के साथ कुल 11 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है. इनमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पीडी सोना, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बियुराम वाहगे, पूर्व सीएम दिवंगत कलिखो पुल की पत्नी दासंगलू पुल का नाम शामिल है. खांडू कैबिनेट में दासंगलू पुल अकेली महिला मंत्री हैं. मंत्रिमंडल में आठ नए चेहरे हैं. विभागों का आवंटन आज कर दिया जाएगा, जिसके बाद नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होगी.

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सीएम खांडू को सीमावर्ती जिले तवांग में मुक्तो सीट से फिर से निर्विरोध चुना गया है. एक दिन पहले ही सर्वसम्मति से उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था. उसके बाद उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया और गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. 

45 वर्षीय खांडू ने इस बार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा दिया है और पारदर्शिता और जन-केंद्रित नीतियों पर जोर दिया है. लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) राज्यपाल केटी परनाइक ने आज खांडू समेत मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई है. समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत अन्य नेता मौजूद रहे. अरुणाचल प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 46 सीटें जीती हैं और दोबारा सत्ता में लौटी है. 2019 में बीजेपी ने राज्य में 41 सीटों पर जीत हासिल की थी.

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विधायक दल की बैठक में नेता चुने गए खांडू

इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरूण चुघ ने विधायक दल की बैठक के बारे में जानकारी दी थी. चुघ ने कहा था, अरुणाचल प्रदेश में हमें भारी बहुमत देने के लिए हम लोगों को धन्यवाद देते हैं. बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सभी 46 विधायक मौजूद थे. उपराज्यपाल ने गुरुवार को शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित किया है. पेमा खांडू सरकार बनाएंगे. कैबिनेट का शपथ ग्रहण होगा. चुघ और रवि शंकर प्रसाद को बीजेपी ने केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाकर अरुणाचल प्रदेश भेजा था.

यह भी पढ़ें: पेमा खांडू फिर होंगे अरुणाचल के CM, बैठक में चुने गए विधायक दल के नेता

खांडू ने प्रदेश की जनता का आभार जताया

चुघ ने कहा, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बियुराम वाहगे ने मुख्यमंत्री के रूप में खांडू के नाम का प्रस्ताव रखा था, जिसका पार्टी के सभी 46 विधायकों ने समर्थन किया. वहीं, खांडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा की तारीफ की और शीर्ष नेतृत्व के विश्वास जताया था. उन्होंने लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए राज्य के लोगों को भी धन्यवाद दिया था. 

अरुणाचल में बीजेपी ने लोकसभा की दो सीटें जीतीं

अरुणाचल प्रदेश में पार्टी ने लोकसभा चुनाव में भी सभी दो सीटों पर जीत हासिल की हैं. खांडू ने पार्टी उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं की सराहना की. खांडू ने कहा, मैंने राज्य के लोगों को आश्वासन दिया कि नई सरकार 'टीम अरुणाचल' के रूप में चुनावी घोषणापत्र की सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी जिलों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए.

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अरुणाचल प्रदेश में 2016 में गहरा गया था संवैधानिक संकट

2016 में अरुणाचल प्रदेश में संवैधानिक संकट गहरा गया था. उस समय राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था और राज्य को प्रतिबंधों से गुजरना पड़ा था. उसके बाद खांडू पूर्वोत्तर राज्य में एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं. खेल और संगीत के प्रति खांडू का प्रेम जगजाहिर है. इसके अलावा वे रणनीतिक कौशल के लिए भी जाने जाते हैं. 2016 में चीन की सीमा से सटे पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में पहली बार भाजपा को सत्ता में लाने में खांडू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

खांडू के पिता का हेलिकॉप्टर हादसे में हो गया था निधन

खांडू की राजनीतिक यात्रा व्यक्तिगत त्रासदी के बीच शुरू हुई. 2011 में एक हेलिकॉप्टर हादसे में उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू का निधन हो गया था. खांडू राजनीति में आए और पहली बार अपने पिता की परंपरागत सीट मुक्तो से निर्विरोध उप चुनाव जीता था. शुरुआत में वो नबाम तुकी की कांग्रेस सरकार में पर्यटन मंत्री रहे. बाद में जनवरी 2016 में राज्य में संवैधानिक संकट बढ़ गया, जिसके कारण राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ा.

2016 में पहली बार 37 साल की उम्र में सीएम बने थे खांडू

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उसके बाद खांडू बीजेपी समर्थित कलिखो पुल के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री बने. हालांकि, यह सरकार कम समय ही चल पाई और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तुकी को मुख्यमंत्री के रूप में बहाल किया गया. बाद में खांडू जुलाई 2016 में 37 साल की उम्र में मुख्यमंत्री बने. 2019 में खांडू मुक्तो विधानसभा सीट से फिर से चुने गए और बिना किसी राजनीतिक बाधा के मुख्यमंत्री के रूप में पद ग्रहण किया.

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खेल और म्यूजिक के शौकीन हैं खांडू

राजनीति से इतर देखा जाए तो खांडू अपने सांस्कृतिक योगदान के लिए भी चर्चित हैं. खासकर वे संगीत के शौकीन हैं. आधिकारिक समारोहों में किशोर कुमार और मोहम्मद रफी की क्लासिक्स प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. खांडू का खेल के प्रति भी जुनून है. वे क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करवाते हैं और स्थानीय एथलीटों का समर्थन करते हैं. फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और वॉलीबॉल समेत अन्य प्रतियोगिताओं में रुचि दिखाते हैं. खांडू मोनपा जनजाति से हैं, जो मुख्य रूप से तवांग और पश्चिम कामेंग के कुछ हिस्सों में रहते हैं. उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया है. वे बौद्ध धर्म में आस्था रखते हैं.

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